राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) 2. पंजीकृत कार्यालय कार्यालय: अब तक टीवी मीडिया हाउस, सेमरा गौढ़ी (खदरी), सीतापुर रोड, लखनऊ – 226013, उत्तर प्रदेश।


राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) 

2. पंजीकृत कार्यालय

कार्यालय: अब तक टीवी मीडिया हाउस, सेमरा गौढ़ी (खदरी), सीतापुर रोड, लखनऊ – 226013, उत्तर प्रदेश।

3. राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)  का 

 कार्यक्षेत्र संपूर्ण भारत होगा।

4. संस्थापक / मुख्य ट्रस्टी

श्री राजेश कुमार सिद्धार्थ, पुत्र श्री चयन प्रसाद, संस्थापक, मुख्य ट्रस्टी एवं आजीवन संरक्षक।

संस्थापक राजेश कुमार सिद्धार्थ आजीवन संस्थापक रहेंगे। ट्रस्ट का उत्तराधिकारी संस्थापक के परिवार का ही व्यक्ति होगा।

5. ट्रस्ट की प्रकृति

यह ट्रस्ट पूर्णतः गैर-राजनीतिक, गैर-लाभकारी, किसान हितकारी एवं सार्वजनिक ट्रस्ट होगा।
ट्रस्ट की समस्त गतिविधियाँ केवल किसान हित, किसान विकास एवं किसान अधिकार तक सीमित रहेंगी।

6. संगठनात्मक संरचना एवं पद

ट्रस्ट/संगठन के संचालन हेतु निम्न पद होंगे:

राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
राष्ट्रीय महासचिव
राष्ट्रीय सचिव
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
राष्ट्रीय सलाहकार मंडल
प्रदेश अध्यक्ष
प्रदेश प्रभारी
प्रदेश मीडिया प्रभारी
जिला/ब्लॉक/ग्राम स्तर के पद

आवश्यकता अनुसार नए पदों का सृजन या समाप्ति का पूर्ण अधिकार मुख्य ट्रस्टी/संस्थापक राजेश कुमार सिद्धार्थ को होगा।

7. नियुक्ति एवं पदमुक्ति अधिकार

किसी भी पदाधिकारी/सदस्य की नियुक्ति, पदमुक्ति अथवा स्थानांतरण का पूर्ण एवं अंतिम अधिकार संस्थापक मुख्य ट्रस्टी राजेश कुमार सिद्धार्थ को होगा, जिसका निर्णय सभी पर बाध्यकारी होगा।

8. बैंक खाता संचालन

ट्रस्ट का बैंक खाता:

मुख्य ट्रस्टी राजेश कुमार सिद्धार्थ द्वारा संचालित होगा, अथवा
उनकी अनुमति से राष्ट्रीय अध्यक्ष/प्रदेश अध्यक्ष/अन्य अधिकृत व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा सकेगा।

9. आय के स्रोत

दान, सहयोग, अनुदान
वैधानिक सहायता
किसान हित में प्राप्त कोई भी वैध आय

ट्रस्ट की आय का उपयोग केवल ट्रस्ट के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाएगा।

10. लेखा एवं लेखा-परीक्षण

ट्रस्ट का लेखा विधिवत रखा जाएगा एवं प्रतिवर्ष मान्यता प्राप्त चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराया जाएगा।

11. ट्रस्ट का विघटन

ट्रस्ट के विघटन की स्थिति में शेष संपत्ति किसी अन्य किसान हितकारी, 12A/80G पंजीकृत ट्रस्ट को हस्तांतरित की जाएगी।

12. संशोधन अधिकार

इस ट्रस्ट डीड में संशोधन का अधिकार केवल संस्थापक/मुख्य ट्रस्टी राजेश कुमार सिद्धार्थ को होगा, जो कानून के अनुरूप होगा।      =परिशिष्ट – क : ट्रस्ट के मुख्य उद्देश्य किसान आय एवं आर्थिक सशक्तिकरण

किसानों की शुद्ध आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना

फसल लागत में कमी के उपायों को बढ़ावा देना

लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने हेतु नीति समर्थन

वैकल्पिक आय स्रोतों का विकास

मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन

प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना में सहयोग

सहकारी मॉडल को सशक्त बनाना

एफपीओ/एफपीसी का विस्तार

प्रत्यक्ष विपणन को बढ़ावा

डिजिटल बिक्री प्लेटफॉर्म तक पहुंच

भंडारण सुविधाओं का विकास

कोल्ड चेन विस्तार

ग्रामीण उद्यमिता प्रशिक्षण

किसान स्टार्टअप सहायता

महिला किसान उद्यम

युवा किसान उद्यम

पशुपालन आय संवर्धन

मत्स्य पालन आय संवर्धन

मधुमक्खी पालन प्रोत्साहन

बागवानी विस्तार

जैविक खेती से आय वृद्धि

प्राकृतिक खेती समर्थन

अनुबंध खेती में किसान हित संरक्षण

निर्यात अवसरों तक पहुंच

फसल विविधीकरण

मूल्य जोखिम प्रबंधन

आय स्थिरीकरण तंत्र

फसल उपरांत नुकसान में कमी

परिवहन लागत घटाना

सामुदायिक मशीनरी बैंक

कस्टम हायरिंग सेंटर

ऊर्जा लागत में कमी

सौर पंप प्रोत्साहन

ड्रिप/स्प्रिंकलर समर्थन

जल दक्ष तकनीकें

मृदा स्वास्थ्य सुधार

उर्वरक दक्षता

बीज गुणवत्ता सुधार

स्थानीय किस्मों का संरक्षण

GI टैग सहायता

मूल्य सूचना पारदर्शिता

ई-नाम पहुंच

मंडी सुधार

निजी बाजारों में निष्पक्षता

प्रतिस्पर्धी बोली तंत्र

किसान उत्पाद ब्रांडिंग

पैकेजिंग सहायता

गुणवत्ता मानक प्रशिक्षण

ट्रेसबिलिटी सिस्टम

आय कर/जीएसटी जागरूकता

सब्सिडी समयबद्धता

DBT पारदर्शिता

ग्रामीण बैंकिंग पहुंच

क्रेडिट स्कोर सुधार

ब्याज सब्सिडी लाभ

वित्तीय साक्षरता

जोखिम पूंजी पहुंच

सूक्ष्म निवेश साधन

सामाजिक उद्यम मॉडल

सामुदायिक निधि

फसल बीमा दावा शीघ्रता

मूल्य समर्थन संचालन

MSP जागरूकता

MSP खरीद विस्तार

MSP कानूनी सुरक्षा समर्थन

बोनस/प्रोत्साहन योजनाएं

घाटा भरपाई तंत्र

आय सर्वेक्षण

डेटा आधारित नीति

मौसम-आधारित सलाह

आपदा राहत शीघ्रता

पुनर्वास सहायता

आजीविका सुरक्षा

श्रम उत्पादकता

मशीनरी सब्सिडी

समूह बीमा

पेंशन योजनाएं

सामाजिक सुरक्षा कवरेज

ग्रामीण रोजगार समन्वय

दीर्घकालिक आय लक्ष्य

MSP, बाजार एवं मूल्य (81–160)

MSP निर्धारण में C2+50% समर्थन

MSP की सार्वदेशिक घोषणा

सभी फसलों पर MSP

MSP पर प्रभावी खरीद

क्षेत्रीय खरीद केंद्र

भुगतान में देरी समाप्ति

मंडी शुल्क तर्कसंगतता

बिचौलिया नियंत्रण

वजन/ग्रेडिंग पारदर्शिता

ई-नीलामी विस्तार

निजी मंडी विनियमन

किसान-उपभोक्ता लिंक

स्थानीय हाट सशक्तिकरण

किसान बाजार

शहरी आउटलेट

थोक-खुदरा संतुलन

भंडारण रसीद प्रणाली

वेयरहाउसिंग फाइनेंस

फ्यूचर/ऑप्शन जोखिम शिक्षा

आयात-निर्यात संतुलन

डंपिंग रोक

गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला

विवाद निवारण तंत्र

बाजार सूचना प्रणाली

मूल्य पूर्वानुमान

फसल योजना कैलेंडर

बाजार अवसंरचना

सड़क/लॉजिस्टिक्स

रेल कनेक्टिविटी

बंदरगाह सुविधा

निर्यात प्रोत्साहन

पैकहाउस नेटवर्क

शीत भंडार क्लस्टर

बाजार प्रतिस्पर्धा

मूल्य स्थिरीकरण कोष

उपज विविधीकरण

स्थानीय मांग आकलन

प्रोसेसिंग लिंक

MSME भागीदारी

सार्वजनिक-निजी भागीदारी

किसान सहकारी विपणन

ब्रांड प्रमोशन

GI प्रमोशन

ट्रेसबिलिटी

गुणवत्ता प्रमाणन

मानक पैकेजिंग

रिटेल टाई-अप

ई-कॉमर्स

डेटा पारदर्शिता

शिकायत निवारण

बाजार आचार संहिता

प्रतिस्पर्धा आयोग समन्वय

उपभोक्ता जागरूकता

कीमत शोषण रोक

मौसमी स्टॉक प्रबंधन

भंडारण नुकसान बीमा

परिवहन बीमा

डिजिटल भुगतान

त्वरित निपटान

कर सरलीकरण

लाइसेंस सरलता

स्टार्टअप बाजार

स्थानीय खरीद नीति

सरकारी खरीद प्राथमिकता

सामुदायिक आउटलेट

मोबाइल मंडी

बाजार प्रशिक्षण

महिला-युवा सहभागिता

हरित बाजार

कार्बन क्रेडिट

टिकाऊ मानक

प्रमाणन सहायता

मूल्य ऑडिट

नीति संवाद

किसान प्रतिनिधित्व

फीडबैक तंत्र

बाजार अनुसंधान

पायलट परियोजनाएं

स्केल-अप

निरंतर सुधार

कर्ज, बीमा एवं वित्त (161–230)

सुलभ कृषि ऋण

समय पर ऋण

कम ब्याज दर

साहूकारी रोक

ऋण पुनर्संरचना

फसल ऋण कार्ड

केसीसी विस्तार

सीमांत किसान प्राथमिकता

महिला किसान क्रेडिट

युवा किसान क्रेडिट

समूह ऋण

SHG लिंक

बीमा कवरेज विस्तार

PMFBY सुधार

दावा समयबद्धता

पारदर्शी सर्वे

तकनीकी आकलन

मौसम सूचक बीमा

पशुधन बीमा

मत्स्य बीमा

बागवानी बीमा

भंडारण बीमा

उपकरण बीमा

जीवन/दुर्घटना बीमा

पेंशन कवरेज

सामाजिक सुरक्षा

आपदा राहत कोष

त्वरित सहायता

क्रेडिट काउंसलिंग

वित्तीय साक्षरता

डिजिटल बैंकिंग

ग्रामीण ATM

बीसी नेटवर्क

सहकारी बैंक सशक्तिकरण

एनपीए समाधान

एकमुश्त समझौता

ब्याज माफी मानक

ऋण माफी पारदर्शिता

वैकल्पिक वित्त

क्राउडफंडिंग

प्रभाव निवेश

ग्रीन फाइनेंस

कार्बन फाइनेंस

जोखिम साझा

बीमा प्रीमियम सब्सिडी

डेटा गोपनीयता

शिकायत तंत्र

लोकपाल

नीति सुधार

निगरानी

लेखा पारदर्शिता

ऑडिट समर्थन

क्षमता निर्माण

बीमा साक्षरता

दावा सहायता सेल

हेल्पलाइन

मोबाइल ऐप

भाषा समर्थन

क्षेत्रीय कार्यालय

प्रशिक्षण

साझेदारी

नवाचार

पायलट

मूल्यांकन

स्केल

निरंतरता

समावेशन

समानता

स्थिरता

सुरक्षा

भूमि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक एवं संवैधानिक अधिकार

भूमि अधिकार सुरक्षा

रिकॉर्ड डिजिटलीकरण

सीमांकन समाधान

उत्तराधिकार सरलता

पट्टा सुरक्षा

लीज नीति

भूमि अधिग्रहण न्याय

मुआवजा पारदर्शिता

विवाद निवारण

त्वरित न्याय

सिंचाई विस्तार

नहर आधुनिकीकरण

सूक्ष्म सिंचाई

जल संचयन

वर्षा जल संरक्षण

भूजल प्रबंधन

जल बजट

सामुदायिक तालाब

सौर ऊर्जा

ऊर्जा पहुंच

कृषि शिक्षा

प्रशिक्षण संस्थान

कौशल विकास

डिजिटल साक्षरता

विस्तार सेवाएं

किसान पाठशाला

स्कूल पाठ्यक्रम

उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति

अनुसंधान लिंक

नवाचार केंद्र

स्वास्थ्य कवरेज

ग्रामीण क्लिनिक

मोबाइल हेल्थ

पोषण सुरक्षा

मातृ स्वास्थ्य

मानसिक स्वास्थ्य

व्यसन मुक्ति

स्वच्छता

पेयजल

आवास

सामाजिक सम्मान

पेंशन

विधवा सहायता

दिव्यांग सहायता

वृद्ध सुरक्षा

महिला सशक्तिकरण

युवा नेतृत्व

श्रमिक अधिकार

न्यूनतम मजदूरी

कार्य सुरक्षा

बाल श्रम रोक

प्रवासी समर्थन

कानूनी सहायता

विधिक जागरूकता

संवैधानिक शिक्षा

अभिव्यक्ति स्वतंत्रता

संगठन स्वतंत्रता

शांतिपूर्ण आंदोलन

अहिंसा

लोकतांत्रिक प्रक्रिया

नीति संवाद

प्रतिनिधित्व

पारदर्शिता

जवाबदेही

सूचना का अधिकार

डेटा अधिकार

गोपनीयता

पर्यावरण संरक्षण

जलवायु अनुकूलन

आपदा तैयारी

जैव विविधता

मृदा संरक्षण

वृक्षारोपण

कार्बन कमी

हरित रोजगार

पशु कल्याण

जैविक मानक

प्रमाणन

बाजार लिंक

निर्यात

गुणवत्ता

ब्रांड

सहकारिता

सामुदायिक शक्ति

संघर्ष समाधान

मध्यस्थता

शांति निर्माण

समावेश

समान अवसर

डिजिटल समावेशन

भाषा समावेशन

क्षेत्रीय संतुलन

आदिवासी अधिकार

वन अधिकार

पारंपरिक ज्ञान

बौद्धिक संपदा

GI संरक्षण

पर्यटन लिंक

ग्रामीण पर्यटन

होमस्टे

सांस्कृतिक संरक्षण

खेल

युवा कार्यक्रम

महिला नेटवर्क

किसान मंच

संवाद

शोध

नीति पत्र

निगरानी

मूल्यांकन

रिपोर्टिंग

पारदर्शी वित्त

आचार संहिता

आंतरिक लोकतंत्र

क्षमता निर्माण

नेतृत्व विकास

उत्तराधिकार योजना

जोखिम प्रबंधन

आईटी सिस्टम

साइबर सुरक्षा

डेटा विश्लेषण

ओपन डेटा

साझेदारी

CSR सहयोग

विश्वविद्यालय लिंक

स्टार्टअप लिंक

इनक्यूबेशन

फंडिंग

स्केल

स्थिरता

दीर्घकालिक दृष्टि

वार्षिक लक्ष्य

माइलस्टोन

समीक्षा

सुधार

नवाचार

पायलट

विस्तार

दस्तावेजीकरण

ज्ञान साझा

प्रकाशन

मीडिया संवाद

जन जागरूकता

हेल्पलाइन

शिकायत तंत्र

त्वरित समाधान

लोकपाल

ऑडिट

अनुपालन

विधिक अनुरूपता

कर अनुपालन

12A/80G अनुपालन

पारदर्शी संचालन

नैतिकता

विश्वसनीयता

विश्वास

सामाजिक पूंजी

नेटवर्क

स्वयंसेवक

प्रशिक्षण

प्रोत्साहन

मान्यता

पुरस्कार

उत्कृष्टता

गुणवत्ता आश्वासन

मानक संचालन

जोखिम ऑडिट

निरंतर सुधार

सीख

प्रभाव मापन

परिणाम ढांचा

संकेतक

बेसलाइन

लक्ष्य

रिपोर्ट

फीडबैक

सुधारात्मक कार्रवाई

समयबद्धता

दक्षता

प्रभावशीलता

समावेशन

समानता

न्याय

गरिमा

अधिकार

कर्तव्य

जिम्मेदारी

साझी जिम्मेदारी

सहयोग

सह-अस्तित्व

शांति

अहिंसा

संवैधानिकता

विधि शासन

लोकतंत्र

नागरिक सहभागिता

पारदर्शिता

जवाबदेही

टिकाऊ विकास

SDG संरेखण

जलवायु न्याय

पीढ़ीगत न्याय

ग्रामीण-शहरी संतुलन

क्षेत्रीय समता

समृद्धि

लचीलापन

नवाचार संस्कृति

ज्ञान अर्थव्यवस्था

डिजिटल परिवर्तन

हरित परिवर्तन

सामाजिक परिवर्तन

समावेशी वृद्धि

मानव विकास

स्वास्थ्य

शिक्षा

पोषण

आवास

स्वच्छता

पेयजल

ऊर्जा

परिवहन

कनेक्टिविटी

सूचना

सुरक्षा

आपदा लचीलापन

बीमा

वित्त

बाजार

उत्पादन

प्रसंस्करण

विपणन

निर्यात

ब्रांडिंग

मूल्य संवर्धन

रोजगार

उद्यमिता

सहकारिता

समुदाय

संस्कृति

विरासत

पर्यावरण

जैव विविधता

पशु कल्याण

भूमि

जल

वायु

मृदा

ऊर्जा

जलवायु====परिशिष्ट – ख : किसान हित में आंदोलन -सिद्धांत एवं आधार (1–25)

आंदोलन पूर्णतः अहिंसक होंगे

संविधान के अनुच्छेदों के अनुरूप संचालन

लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन

कानून व्यवस्था का सम्मान

शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार

संवाद को प्राथमिकता

टकराव से परहेज

किसान एकता को बढ़ावा

जाति, धर्म, क्षेत्र से ऊपर किसान हित

गैर-राजनीतिक स्वरूप

किसी दल विशेष का समर्थन या विरोध नहीं

किसान मुद्दों तक सीमित उद्देश्य

पारदर्शिता एवं जवाबदेही

सामूहिक निर्णय प्रक्रिया

महिला किसानों की भागीदारी

युवा किसानों की भागीदारी

सीमांत किसानों की प्राथमिकता

संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास

न्यायपालिका का सम्मान

प्रशासन से संवाद

मीडिया के माध्यम से जनजागरण

तथ्य आधारित आंदोलन

भ्रामक सूचना से दूरी

शांति भंग न करना

सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा

संगठनात्मक आंदोलन (26–60)

गांव स्तर पर किसान समितियां

ब्लॉक स्तरीय संयोजन

जिला स्तरीय आंदोलन समिति

प्रदेश स्तरीय समन्वय

राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त मंच

सदस्यता अभियान

जनसुनवाई आयोजन

किसान पंचायत

किसान सम्मेलन

प्रशिक्षण शिविर

नेतृत्व विकास कार्यक्रम

स्वयंसेवक नेटवर्क

अनुशासन समिति

विधिक सलाह प्रकोष्ठ

मीडिया समन्वय टीम

शोध एवं डाटा सेल

शिकायत संकलन केंद्र

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपयोग

सोशल मीडिया का सकारात्मक प्रयोग

सूचना पुस्तिका वितरण

हस्ताक्षर अभियान

ज्ञापन प्रणाली

जनप्रतिनिधियों से मुलाकात

प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद

निगरानी एवं फॉलोअप

क्षेत्रीय समन्वयक

महिला प्रकोष्ठ

युवा प्रकोष्ठ

फसलवार समूह

विषयवार समिति

आपदा प्रतिक्रिया टीम

हेल्पलाइन संचालन

किसान सहायता शिविर

सामुदायिक बैठकें

सतत संगठन विस्तार

मांग आधारित आंदोलन (61–110)

MSP की कानूनी गारंटी हेतु आंदोलन

सभी फसलों पर MSP की मांग

C2+50% फार्मूला लागू कराने हेतु आंदोलन

MSP पर 100% सरकारी खरीद

भुगतान में देरी के विरोध में आंदोलन

मंडी सुधार की मांग

बिचौलियों के शोषण के विरुद्ध आंदोलन

निजी बाजारों में पारदर्शिता की मांग

आयात-निर्यात नीति संतुलन की मांग

फसल बीमा सुधार हेतु आंदोलन

बीमा दावा समयबद्ध भुगतान

सर्वे में पारदर्शिता की मांग

ऋण माफी की स्पष्ट नीति

ब्याज माफी की मांग

साहूकारी के विरुद्ध अभियान

कृषि ऋण सुलभता की मांग

केसीसी विस्तार की मांग

सीमांत किसानों के लिए विशेष पैकेज

महिला किसान अधिकार मान्यता

भूमिहीन किसानों के अधिकार

भूमि अधिग्रहण में न्याय

मुआवजा पारदर्शिता

पट्टा सुरक्षा की मांग

लीज नीति सुधार

सिंचाई परियोजनाओं की मांग

नहरों की सफाई एवं विस्तार

सूक्ष्म सिंचाई सहायता

बिजली दरों में राहत

सौर पंप विस्तार

डीजल सब्सिडी की मांग

बीज-खाद गुणवत्ता नियंत्रण

नकली बीज के विरुद्ध अभियान

उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करना

मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रभावी क्रियान्वयन

प्राकृतिक खेती समर्थन

जैविक खेती प्रोत्साहन

फसल विविधीकरण समर्थन

भंडारण एवं कोल्ड स्टोरेज मांग

परिवहन सुविधा की मांग

फसल नुकसान मुआवजा

आपदा राहत शीघ्रता

ओलावृष्टि/बाढ़ राहत

सूखा राहत

पशुधन नुकसान मुआवजा

मत्स्य पालन सहायता

बागवानी विशेष पैकेज

मूल्य स्थिरीकरण कोष

किसान पेंशन योजना

सामाजिक सुरक्षा विस्तार

स्वास्थ्य बीमा कवरेज

संवैधानिक एवं कानूनी आंदोलन (111–160)

किसान अधिकारों की संवैधानिक मान्यता

नीति निर्माण में किसान प्रतिनिधित्व

संसद/विधानसभा ज्ञापन

जनहित याचिका समर्थन

विधिक जागरूकता अभियान

RTI का प्रयोग

लोकपाल से शिकायत

निगरानी आयोग गठन की मांग

आयोगों की सिफारिश लागू कराना

रिपोर्ट सार्वजनिक कराने की मांग

पारदर्शिता कानूनों का पालन

सूचना के अधिकार का संरक्षण

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा

शांतिपूर्ण धरना अधिकार

संगठन की स्वतंत्रता

आंदोलनकारियों की सुरक्षा

झूठे मुकदमों का विरोध

गिरफ्तारी पर विधिक सहायता

मुआवजा एवं पुनर्वास

प्रशासनिक जवाबदेही

समयबद्ध कार्रवाई की मांग

नीति समीक्षा आंदोलन

जनसुनवाई अनिवार्यता

सामाजिक अंकेक्षण

किसान आयोग सशक्तिकरण

स्वायत्त कृषि आयोग

मूल्य आयोग सुधार

बीमा नियामक सुधार

बैंकिंग जवाबदेही

सहकारी संस्थाओं का लोकतंत्रीकरण

पंचायत सशक्तिकरण

ग्राम सभा अधिकार

आदिवासी/वन अधिकार समर्थन

महिला अधिकार संरक्षण

श्रमिक अधिकार समन्वय

न्यूनतम मजदूरी समर्थन

बाल श्रम विरोध

प्रवासी किसान सहायता

संवैधानिक प्रशिक्षण

लोकतांत्रिक संस्कृति

नीति संवाद मंच

प्रतिनिधिमंडल वार्ता

समयबद्ध आश्वासन

अनुपालन निगरानी

निष्पक्ष मूल्यांकन

सार्वजनिक रिपोर्टिंग

मीडिया जवाबदेही

भ्रामक प्रचार विरोध

शांति बनाए रखना

कानून का सम्मान
जनजागरण, मीडिया एवं विस्तार

जनजागरण अभियान

किसान शिक्षा अभियान

गांव-गांव संपर्क

पदयात्रा (अहिंसक)

साइकिल यात्रा

किसान संवाद यात्रा

संविधान रथ यात्रा

पोस्टर/पम्पलेट अभियान

डिजिटल जनजागरण

सोशल मीडिया अनुशासन

प्रेस वार्ता

प्रेस विज्ञप्ति

मीडिया संवाद

तथ्य पत्रक जारी करना

किसान चार्टर प्रचार

वीडियो/ऑडियो संदेश

स्थानीय भाषा उपयोग

महिला किसान संवाद

युवा किसान संवाद

छात्र संवाद

विशेषज्ञ परिचर्चा

संगोष्ठी

वेबिनार

रेडियो कार्यक्रम

सामुदायिक मीडिया

सांस्कृतिक कार्यक्रम

नुक्कड़ नाटक (अहिंसक)

गीत/कविता के माध्यम से संदेश

किसान दिवस आयोजन

स्मृति दिवस

अनुभव साझा मंच

सफलता कथाएं

नेटवर्क विस्तार

अंतर-राज्य समन्वय

राष्ट्रीय समन्वय

अंतरराष्ट्रीय किसान संवाद

नीति फॉलोअप

सतत आंदोलन मूल्यांकन

अनुशासन बनाए रखना

किसान हित सर्वोपरि===परिशिष्ट – ग : किसान हित में -समय पर ऋण उपलब्धता

कम ब्याज दर

साहूकारी रोक

ऋण पुनर्संरचना

केसीसी सार्वभौमिकता

सीमांत किसान प्राथमिकता

महिला किसान ऋण

युवा किसान ऋण

समूह ऋण

SHG बैंक लिंक

सहकारी बैंक सुदृढ़ीकरण

एनपीए समाधान

एकमुश्त समझौता नीति

ऋण माफी पारदर्शिता

वित्तीय परामर्श

क्रेडिट काउंसलिंग

बीमा कवरेज विस्तार

फसल बीमा सुधार

दावा समयबद्धता

सर्वे पारदर्शिता

तकनीकी आकलन

मौसम आधारित बीमा

पशुधन बीमा

मत्स्य बीमा

बागवानी बीमा

उपकरण बीमा

जीवन बीमा

दुर्घटना बीमा

पेंशन योजना

सामाजिक सुरक्षा

आपदा राहत कोष

त्वरित मुआवजा

पुनर्वास सहायता

भूमि अधिकार सुरक्षा

भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण

सीमांकन समाधान

उत्तराधिकार सरलता

पट्टा सुरक्षा

लीज नीति

भूमि अधिग्रहण न्याय

मुआवजा पारदर्शिता

भूमि विवाद समाधान

त्वरित न्याय

सिंचाई विस्तार

नहर आधुनिकीकरण

सूक्ष्म सिंचाई

जल संचयन

वर्षा जल संरक्षण

भूजल प्रबंधन

जल बजट

सामुदायिक तालाब

ऊर्जा पहुंच

सौर पंप

बिजली दर राहत

कृषि शिक्षा

प्रशिक्षण संस्थान

कौशल विकास

डिजिटल साक्षरता

विस्तार सेवाएं

किसान पाठशाला

अनुसंधान पहुंच

नवाचार केंद्र

तकनीक अपनाना

स्वास्थ्य कवरेज

ग्रामीण क्लिनिक

मोबाइल स्वास्थ्य

पोषण सुरक्षा

मातृ स्वास्थ्य

मानसिक स्वास्थ्य

व्यसन मुक्ति

स्वच्छता

पेयजल

आवास सहायता

सामाजिक सम्मान

वृद्ध सुरक्षा

विधवा सहायता

दिव्यांग सहायता

महिला सशक्तिकरण

युवा नेतृत्व

श्रमिक अधिकार

न्यूनतम मजदूरी

कार्य सुरक्षा

बाल श्रम निषेध

प्रवासी किसान सहायता

कानूनी सहायता

विधिक जागरूकता

संवैधानिक शिक्षा

अभिव्यक्ति स्वतंत्रता

संगठन स्वतंत्रता

शांतिपूर्ण आंदोलन अधिकार

अहिंसा

लोकतांत्रिक प्रक्रिया

नीति संवाद

प्रतिनिधित्व

पारदर्शिता

जवाबदेही

सूचना का अधिकार

डेटा सुरक्षा

गोपनीयता

पर्यावरण संरक्षण

जलवायु अनुकूलन

आपदा तैयारी

जैव विविधता संरक्षण

वृक्षारोपण

मृदा संरक्षण

कार्बन कमी

हरित ऊर्जा

टिकाऊ खेती

जैविक मानक

प्रमाणन सहायता

बाजार लिंक

निर्यात सहायता

गुणवत्ता नियंत्रण

ब्रांड निर्माण

सहकारिता

सामुदायिक शक्ति

संघर्ष समाधान

मध्यस्थता

शांति निर्माण

समावेशन

समान अवसर

डिजिटल समावेशन

भाषा समावेशन

क्षेत्रीय संतुलन

आदिवासी अधिकार

वन अधिकार

पारंपरिक ज्ञान संरक्षण

बौद्धिक संपदा

GI संरक्षण

ग्रामीण पर्यटन

सांस्कृतिक संरक्षण

खेल एवं युवा कार्यक्रम

महिला नेटवर्क

किसान मंच

संवाद तंत्र

शोध एवं अध्ययन

नीति पत्र

निगरानी तंत्र

मूल्यांकन

सार्वजनिक रिपोर्टिंग

पारदर्शी वित्त

आचार संहिता

आंतरिक लोकतंत्र

नेतृत्व विकास

क्षमता निर्माण

उत्तराधिकार योजना

जोखिम प्रबंधन

आईटी सिस्टम

साइबर सुरक्षा

डेटा विश्लेषण

ओपन डेटा

साझेदारी

CSR सहयोग

विश्वविद्यालय सहयोग

स्टार्टअप सहयोग

इनक्यूबेशन

फंडिंग पहुंच

स्केल अप

स्थिरता

दीर्घकालिक दृष्टि

वार्षिक लक्ष्य

माइलस्टोन

समीक्षा

सुधार प्रक्रिया

नवाचार संस्कृति

पायलट परियोजना

विस्तार

दस्तावेजीकरण

ज्ञान साझा

प्रकाशन

मीडिया संवाद

जन जागरूकता

हेल्पलाइन

शिकायत निवारण

त्वरित समाधान

लोकपाल

ऑडिट

अनुपालन

विधिक अनुरूपता

कर अनुपालन

12A/80G अनुपालन

पारदर्शी संचालन

नैतिकता

विश्वसनीयता

विश्वास निर्माण

सामाजिक पूंजी

नेटवर्क विस्तार

स्वयंसेवक

प्रशिक्षण

प्रोत्साहन

मान्यता

पुरस्कार

उत्कृष्टता

गुणवत्ता आश्वासन

मानक संचालन प्रक्रिया

जोखिम ऑडिट

निरंतर सुधार

सीख

प्रभाव मापन

परिणाम ढांचा

संकेतक

बेसलाइन

लक्ष्य निर्धारण

रिपोर्टिंग

फीडबैक

सुधारात्मक कार्रवाई

समयबद्धता

दक्षता

प्रभावशीलता

समावेश

समानता

न्याय

गरिमा

अधिकार

कर्तव्य

जिम्मेदारी

साझी जिम्मेदारी

सहयोग

सह-अस्तित्व

शांति

अहिंसा

संवैधानिकता

विधि शासन

लोकतंत्र

नागरिक सहभागिता

पारदर्शिता

जवाबदेही

टिकाऊ विकास

SDG संरेखण

जलवायु न्याय

पीढ़ीगत न्याय

ग्रामीण-शहरी संतुलन

क्षेत्रीय समता

समृद्धि

लचीलापन

नवाचार

ज्ञान अर्थव्यवस्था

डिजिटल परिवर्तन

हरित परिवर्तन

सामाजिक परिवर्तन

समावेशी विकास

मानव विकास

स्वास्थ्य

शिक्षा

पोषण

आवास

स्वच्छता

पेयजल

ऊर्जा

परिवहन

कनेक्टिविटी

सूचना पहुंच

सुरक्षा

आपदा लचीलापन

बीमा सुरक्षा

वित्तीय सुरक्षा

बाजार सुरक्षा

उत्पादन सुरक्षा

प्रसंस्करण

विपणन

निर्यात

ब्रांडिंग

मूल्य संवर्धन

रोजगार सृजन

उद्यमिता

सहकारिता

समुदाय विकास

संस्कृति

विरासत

पर्यावरण

जैव विविधता

पशु कल्याण

भूमि संरक्षण

जल संरक्षण

वायु संरक्षण

मृदा संरक्षण

ऊर्जा संरक्षण

जलवायु संरक्षण

प्रकृति संरक्षण

भविष्य सुरक्षा

पीढ़ी सुरक्षा

समृद्ध किसान

सशक्त गांव

आत्मनिर्भर भारत

खाद्य सुरक्षा

पोषण सुरक्षा

मूल्य सुरक्षा

आय सुरक्षा

सामाजिक सुरक्षा

संवैधानिक सुरक्षा

मानवाधिकार

किसान अधिकार

सम्मान

न्याय

समता

स्वतंत्रता

बंधुत्व

शांति

अहिंसा ===परिशिष्ट – घ : किसान मुद्दे=सभी फसलों पर कानूनी MSP की गारंटी

MSP निर्धारण C2+50% फार्मूले पर

MSP पर 100 प्रतिशत सरकारी खरीद

MSP भुगतान में देरी समाप्त करना

निजी बाजार में MSP से नीचे खरीद पर रोक

मंडी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण

बिचौलियों के शोषण पर नियंत्रण

तौल एवं ग्रेडिंग में पारदर्शिता

मूल्य सूचना की पारदर्शी व्यवस्था

मूल्य स्थिरीकरण कोष की स्थापना

आयात-निर्यात नीति का संतुलन

डंपिंग रोकने के लिए प्रभावी कानून

फसल विविधीकरण हेतु प्रोत्साहन

फसल उपरांत नुकसान में मुआवजा

भंडारण एवं कोल्ड स्टोरेज की कमी

परिवहन लागत में राहत

किसान उत्पादों की ब्रांडिंग

GI टैग वाले उत्पादों का संरक्षण

प्रत्यक्ष किसान-उपभोक्ता बाजार

ई-नाम का प्रभावी क्रियान्वयन

स्थानीय हाट एवं किसान बाजार

निजी मंडियों का नियमन

कृषि निर्यात में किसान हित

मूल्य शोषण के विरुद्ध संरक्षण

किसान आय की स्थिरता

कर्ज, बीमा एवं वित्तीय सुरक्षा (26–45)

सुलभ एवं सस्ता कृषि ऋण

साहूकारी प्रथा पर प्रभावी रोक

केसीसी का सार्वभौमिक विस्तार

सीमांत किसानों को प्राथमिक ऋण

महिला किसानों के लिए विशेष ऋण

ऋण पुनर्संरचना की नीति

प्राकृतिक आपदा में ऋण राहत

पारदर्शी एवं न्यायसंगत ऋण माफी

फसल बीमा योजना में सुधार

बीमा दावा समयबद्ध भुगतान

बीमा सर्वे में पारदर्शिता

मौसम आधारित बीमा

पशुधन बीमा कवरेज

मत्स्य एवं बागवानी बीमा

उपकरण एवं भंडारण बीमा

किसान पेंशन योजना

सामाजिक सुरक्षा कवरेज

आपदा राहत कोष की शीघ्रता

वित्तीय साक्षरता

बैंकिंग सेवाओं की ग्रामीण पहुंच

भूमि, सिंचाई एवं संसाधन (46–65)

भूमि अधिकारों की सुरक्षा

भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण

सीमांकन एवं नामांतरण सरलता

पट्टा एवं लीज किसानों की सुरक्षा

भूमि अधिग्रहण में न्याय

मुआवजा निर्धारण में पारदर्शिता

भूमि विवाद का त्वरित निपटारा

सिंचाई सुविधाओं का विस्तार

नहरों का आधुनिकीकरण

सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार

भूजल संरक्षण

वर्षा जल संचयन

कृषि बिजली दरों में राहत

सौर पंपों का विस्तार

डीजल मूल्य राहत

मृदा स्वास्थ्य सुधार

उर्वरक उपलब्धता एवं गुणवत्ता

नकली बीज-खाद पर रोक

जलवायु परिवर्तन से सुरक्षा

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा (66–85)

कृषि शिक्षा का आधुनिकीकरण

किसान प्रशिक्षण एवं कौशल विकास

कृषि विस्तार सेवाओं का सशक्तिकरण

डिजिटल साक्षरता

कृषि अनुसंधान तक पहुंच

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं

किसान परिवारों का स्वास्थ्य बीमा

मानसिक स्वास्थ्य सहायता

पोषण एवं खाद्य सुरक्षा

स्वच्छ पेयजल सुविधा

किसान आवास सहायता

वृद्ध किसान पेंशन

विधवा किसान सहायता

दिव्यांग किसान सहायता

महिला किसान सशक्तिकरण

युवा किसानों के अवसर

प्रवासी किसान/मजदूर सुरक्षा

न्यूनतम मजदूरी पालन

श्रम सुरक्षा

सामाजिक सम्मान एवं गरिमा

संवैधानिक, कानूनी एवं लोकतांत्रिक अधिकार

किसान अधिकारों की संवैधानिक मान्यता

नीति निर्माण में किसान प्रतिनिधित्व

पंचायत एवं ग्राम सभा की सशक्त भूमिका

शांतिपूर्ण आंदोलन का अधिकार

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

संगठन बनाने की स्वतंत्रता

झूठे मुकदमों से संरक्षण

विधिक सहायता की उपलब्धता

प्रशासनिक जवाबदेही

पारदर्शिता एवं सूचना का अधिकार

जनसुनवाई की अनिवार्यता

किसान आयोग का सशक्तिकरण

आयोगों की सिफारिश लागू करना

लोकतांत्रिक संवाद की व्यवस्था

किसान हित सर्वोपरि ===परिशिष्ट – ङ : ब्लॉक–जिला–प्रदेश–राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता सूची =यह परिशिष्ट ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक, चरणबद्ध एवं प्रभावी बनाने हेतु तैयार किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसान समस्याओं को किस स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और समाधान हेतु किस स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

ब्लॉक स्तर की प्राथमिकताएँ

1-स्थानीय फसल की खरीद में अनियमितता

2- न्यूनतम समर्थन मूल्य का स्थानीय स्तर पर पालन

3- किसानों को समय पर खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्धता

4- सिंचाई नहरों, ट्यूबवेल एवं तालाबों की मरम्मत

5- विद्युत आपूर्ति की नियमितता

6- किसान पंजीकरण एवं दस्तावेज़ी समस्याएँ

7- स्थानीय मंडी में तौल, भुगतान एवं दलाली की समस्या

8- फसल बीमा में क्लेम से जुड़ी समस्याएँ

9- ग्राम स्तर पर किसान समितियों का गठन
10-महिला किसानों की पहचान एवं पंजीकरण

जिला स्तर की प्राथमिकताएँ 11. जिला स्तर पर MSP निगरानी समिति का गठन 12. फसल खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाना 13. जिला स्तर पर कृषि ऋण समाधान शिविर 14. सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली में सुधार 15. जिला कृषि कार्यालय में पारदर्शिता 16. प्राकृतिक आपदा से क्षतिपूर्ति 17. किसान आत्महत्या रोकथाम कार्यक्रम 18. जिला अस्पतालों में किसान स्वास्थ्य सुविधाएँ 19. कृषि विस्तार सेवाओं की उपलब्धता 20. जिला मीडिया के माध्यम से किसान मुद्दों का प्रचार

प्रदेश स्तर की प्राथमिकताएँ 21. राज्य स्तरीय किसान आयोग की प्रभावशीलता 22. प्रदेश में MSP को कानूनन लागू करने की मांग 23. कृषि बजट में किसान हितकारी प्रावधान 24. सिंचाई परियोजनाओं का राज्य स्तर पर विस्तार 25. कृषि विपणन सुधार 26. कृषि शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान 27. किसान पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना 28. महिला एवं युवा किसान नीति 29. प्रदेश स्तर पर किसान डाटाबेस 30. कृषि भूमि संरक्षण कानून

राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकताएँ 31. MSP की कानूनी गारंटी 32. सम्पूर्ण कर्जमाफी की नीति 33. राष्ट्रीय फसल बीमा सुधार 34. राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन 35. कृषि निर्यात-आयात नीति में किसान हित 36. जलवायु परिवर्तन से किसानों की सुरक्षा 37. राष्ट्रीय स्तर पर भूमि अधिकार संरक्षण 38. किसान संगठनों से नियमित संवाद 39. कृषि क्षेत्र में निजीकरण पर नियंत्रण 40. संविधान प्रदत्त किसान अधिकारों की रक्षा

समन्वय एवं कार्यान्वयन 41. चारों स्तरों पर आपसी समन्वय तंत्र 42. सूचना साझा करने की स्पष्ट व्यवस्था 43. प्राथमिकताओं की वार्षिक समीक्षा 44. स्तरवार रिपोर्टिंग प्रणाली 45. किसान सहभागिता आधारित निर्णय प्रक्रिया

यह प्राथमिकता सूची समय, परिस्थिति एवं किसान हितों के अनुरूप संशोधित की जा सकती है, जिसका अधिकार ट्रस्ट के संस्थापक/मुख्य ट्रस्टी को होगा।-=परिशिष्ट – च : मीडिया के लिए 1-पेज किसान प्राथमिकता चार्टर -(किसान हित, विकास एवं अधिकार पर आधारित)

प्रस्तावना यह किसान प्राथमिकता चार्टर राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) किसान हित एवं विकास ट्रस्ट द्वारा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रेस, मीडिया, प्रशासन एवं सरकार के समक्ष किसानों से जुड़े वास्तविक, तात्कालिक एवं दीर्घकालिक मुद्दों को संक्षिप्त, स्पष्ट एवं तथ्यात्मक रूप में प्रस्तुत करना है। यह चार्टर पूर्णतः अहिंसक, लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं गैर-राजनीतिक है।

किसानों की शीर्ष प्राथमिकताएँ

1- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी

2- सम्पूर्ण एवं स्थायी कर्ज समाधान नीति

3- समय पर एवं पारदर्शी फसल खरीद व्यवस्था

4- फसल बीमा में सरल, त्वरित एवं पूर्ण क्लेम भुगतान

5- प्राकृतिक आपदा से पूर्ण क्षतिपूर्ति

6- सिंचाई, बिजली एवं जल संसाधनों की सुनिश्चित उपलब्धता

7- कृषि इनपुट (बीज, खाद, कीटनाशक) की गुणवत्ता एवं मूल्य नियंत्रण

8- कृषि मंडियों में शोषण, दलाली एवं भ्रष्टाचार पर रोक

9= कृषि भूमि एवं किसान अधिकारों की कानूनी सुरक्षा

10 - किसान आय दोगुनी करने हेतु ठोस एवं मापनीय नीति

सामाजिक एवं मानवाधिकार आधारित मुद्दे 11. किसान परिवारों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा की गारंटी 12. किसान आत्महत्या की रोकथाम हेतु राष्ट्रीय कार्ययोजना 13. महिला किसानों को पूर्ण कानूनी पहचान एवं अधिकार 14. युवा किसानों के लिए रोजगार एवं प्रशिक्षण 15. वृद्ध किसानों के लिए पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा

संवैधानिक एवं प्रशासनिक अपेक्षाएँ 16. किसानों से जुड़े सभी कानूनों में किसान संगठनों से परामर्श 17. नीतिगत निर्णयों में संविधान की मूल भावना का पालन 18. प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही 19. शांतिपूर्ण एवं अहिंसक किसान आंदोलनों का सम्मान 20. अभिव्यक्ति एवं संगठन के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा

मीडिया से अपेक्षाएँ 21. किसान मुद्दों को प्राथमिकता के साथ प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित करना 22. ग्राउंड रिपोर्टिंग एवं तथ्यपरक पत्रकारिता को बढ़ावा 23. किसानों की वास्तविक समस्याओं को बिना विकृति के प्रस्तुत करना 24. ग्रामीण भारत की आवाज़ को राष्ट्रीय विमर्श में स्थान देना

सरकार एवं प्रशासन से अपेक्षाएँ 25. किसान विरोधी नीतियों की समीक्षा एवं संशोधन 26. किसान हित में समयबद्ध निर्णय एवं क्रियान्वयन 27. संवाद आधारित समाधान प्रक्रिया 28. संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्ष भूमिका

समापन यह किसान प्राथमिकता चार्टर किसी भी प्रकार के राजनीतिक दल, विचारधारा या व्यक्तिगत हित से मुक्त है। इसका एकमात्र उद्देश्य किसान, खेती एवं ग्रामीण भारत के हितों की रक्षा, विकास एवं सम्मान सुनिश्चित करना है।

— राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) किसान हित एवं विकास ट्रस्ट=अध्याय – इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया प्रकोष्ठ (किसान मीडिया)

धारा 1 : किसान मीडिया की स्थापना एवं संचालन

धारा 1.1 : मीडिया स्थापना का अधिकार राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) किसान हित एवं विकास ट्रस्ट को यह पूर्ण अधिकार होगा कि वह किसान हित, किसान अधिकार, किसान संघर्ष एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया की स्थापना, संचालन एवं विस्तार करे।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अंतर्गत—

डिजिटल न्यूज़ चैनल

वेब टीवी / यूट्यूब चैनल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Facebook, X, Instagram एवं अन्य डिजिटल माध्यम)

प्रिंट मीडिया के अंतर्गत— 4. समाचार पत्र 5. पत्रिका 6. बुलेटिन / न्यूज़लेटर

धारा 1.2 : मीडिया का उद्देश्य संगठन द्वारा स्थापित किसान मीडिया के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होंगे—

किसानों की समस्याओं, उत्पीड़न, शोषण एवं संघर्ष की वास्तविक आवाज़ को जन-जन तक पहुँचाना।

किसान हित से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता एवं जनमत का निर्माण करना।

किसानों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनों, सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की सटीक जानकारी प्रदान करना।

संगठन की गतिविधियों, आंदोलनों, निर्णयों एवं कार्यक्रमों का प्रामाणिक, तथ्यपरक एवं पारदर्शी प्रसारण एवं प्रकाशन करना।

धारा 1.3 : मीडिया की स्वतंत्रता एवं किसान पक्षधरता संगठन का किसान मीडिया—

पूर्णतः किसान हित आधारित एवं किसान पक्षधर होगा।

किसी भी राजनीतिक, पूंजीवादी, कॉर्पोरेट अथवा निजी दबाव से मुक्त रहेगा।

सत्य, निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं संवैधानिक मूल्यों के सिद्धांतों पर कार्य करेगा।

धारा 1.4 : मीडिया संचालन संरचना किसान मीडिया के संचालन हेतु निम्नलिखित प्रकोष्ठ गठित किए जाएंगे—

राष्ट्रीय किसान मीडिया प्रकोष्ठ

प्रदेश किसान मीडिया प्रकोष्ठ

जिला किसान मीडिया इकाई

इन प्रकोष्ठों के अंतर्गत संपादक, सह-संपादक, संवाददाता, डिजिटल मीडिया टीम एवं तकनीकी टीम कार्य करेगी।

धारा 1.5 : सूचना संकलन एवं प्रसारण अधिकार किसान मीडिया को यह अधिकार होगा कि वह—

संगठन की सभी इकाइयों से सूचनाएँ, रिपोर्ट एवं सामग्री प्राप्त करे।

किसान उत्पीड़न, आंदोलनों, बैठकों, धरना-प्रदर्शन एवं अन्य घटनाक्रमों का कवरेज करे।

आवश्यकतानुसार प्रशासन, विभागों एवं संबंधित संस्थानों से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त करे।

धारा 1.6 : प्रशासनिक एवं विधिक संरक्षण

किसान मीडिया से जुड़े किसी भी पदाधिकारी अथवा सदस्य को यदि अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किसी प्रकार का दबाव, धमकी, उत्पीड़न या अवरोध उत्पन्न होता है, तो संगठन उसे विधिक, संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक संरक्षण प्रदान करेगा।

आवश्यकता पड़ने पर संगठन प्रेस काउंसिल, सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग एवं अन्य वैधानिक संस्थाओं से संपर्क करेगा।

धारा 1.7 : वित्तीय व्यवस्था किसान मीडिया के संचालन हेतु संसाधन निम्नलिखित स्रोतों से जुटाए जा सकते हैं—

सदस्यता शुल्क

स्वैच्छिक चंदा

विज्ञापन (केवल किसान हित, नैतिकता एवं संगठन के सिद्धांतों के अनुरूप)

संगठन द्वारा अनुमोदित अन्य वैधानिक स्रोत

संवैधानिक संकल्प राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) का किसान मीडिया सत्य, न्याय एवं किसान अधिकारों की रक्षा का सशक्त माध्यम होगा तथा संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य करेगा।अध्याय – इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया प्रकोष्ठ (किसान मीडिया)

धारा 1 : किसान मीडिया की स्थापना एवं संचालन

धारा 1.1 : मीडिया स्थापना का अधिकार राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) किसान हित एवं विकास ट्रस्ट को यह पूर्ण अधिकार होगा कि वह किसान हित, किसान अधिकार, किसान संघर्ष एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया की स्थापना, संचालन एवं विस्तार करे।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अंतर्गत—

डिजिटल न्यूज़ चैनल

वेब टीवी / यूट्यूब चैनल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Facebook, X, Instagram एवं अन्य डिजिटल माध्यम)

प्रिंट मीडिया के अंतर्गत— 4. समाचार पत्र 5. पत्रिका 6. बुलेटिन / न्यूज़लेटर

धारा 1.2 : मीडिया का उद्देश्य संगठन द्वारा स्थापित किसान मीडिया के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होंगे—

किसानों की समस्याओं, उत्पीड़न, शोषण एवं संघर्ष की वास्तविक आवाज़ को जन-जन तक पहुँचाना।

किसान हित से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता एवं जनमत का निर्माण करना।

किसानों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनों, सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की सटीक जानकारी प्रदान करना।

संगठन की गतिविधियों, आंदोलनों, निर्णयों एवं कार्यक्रमों का प्रामाणिक, तथ्यपरक एवं पारदर्शी प्रसारण एवं प्रकाशन करना।

धारा 1.3 : मीडिया की स्वतंत्रता एवं किसान पक्षधरता संगठन का किसान मीडिया—

पूर्णतः किसान हित आधारित एवं किसान पक्षधर होगा।

किसी भी राजनीतिक, पूंजीवादी, कॉर्पोरेट अथवा निजी दबाव से मुक्त रहेगा।

सत्य, निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं संवैधानिक मूल्यों के सिद्धांतों पर कार्य करेगा।

धारा 1.4 : मीडिया संचालन संरचना किसान मीडिया के संचालन हेतु निम्नलिखित प्रकोष्ठ गठित किए जाएंगे—

राष्ट्रीय किसान मीडिया प्रकोष्ठ

प्रदेश किसान मीडिया प्रकोष्ठ

जिला किसान मीडिया इकाई

इन प्रकोष्ठों के अंतर्गत संपादक, सह-संपादक, संवाददाता, डिजिटल मीडिया टीम एवं तकनीकी टीम कार्य करेगी।

धारा 1.5 : सूचना संकलन एवं प्रसारण अधिकार किसान मीडिया को यह अधिकार होगा कि वह—

संगठन की सभी इकाइयों से सूचनाएँ, रिपोर्ट एवं सामग्री प्राप्त करे।

किसान उत्पीड़न, आंदोलनों, बैठकों, धरना-प्रदर्शन एवं अन्य घटनाक्रमों का कवरेज करे।

आवश्यकतानुसार प्रशासन, विभागों एवं संबंधित संस्थानों से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त करे।

धारा 1.6 : प्रशासनिक एवं विधिक संरक्षण

किसान मीडिया से जुड़े किसी भी पदाधिकारी अथवा सदस्य को यदि अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किसी प्रकार का दबाव, धमकी, उत्पीड़न या अवरोध उत्पन्न होता है, तो संगठन उसे विधिक, संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक संरक्षण प्रदान करेगा।

आवश्यकता पड़ने पर संगठन प्रेस काउंसिल, सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग एवं अन्य वैधानिक संस्थाओं से संपर्क करेगा।

धारा 1.7 : वित्तीय व्यवस्था किसान मीडिया के संचालन हेतु संसाधन निम्नलिखित स्रोतों से जुटाए जा सकते हैं—

सदस्यता शुल्क

स्वैच्छिक चंदा

विज्ञापन (केवल किसान हित, नैतिकता एवं संगठन के सिद्धांतों के अनुरूप)

संगठन द्वारा अनुमोदित अन्य वैधानिक स्रोत

संवैधानिक संकल्प राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) का किसान मीडिया सत्य, न्याय एवं किसान अधिकारों की रक्षा का सशक्त माध्यम होगा तथा संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य करेगा।-किसान मीडिया प्रकोष्ठ : पदों की सूची

राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) किसान मीडिया प्रकोष्ठ

किसान मीडिया प्रकोष्ठ – पदों की सूची

राष्ट्रीय स्तर

1- राष्ट्रीय अध्यक्ष – किसान मीडिया प्रकोष्ठ

2- राष्ट्रीय मुख्य संपादक

3- राष्ट्रीय कार्यकारी संपादक

4- राष्ट्रीय डिजिटल मीडिया प्रमुख

5- राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रमुख

6- राष्ट्रीय प्रिंट मीडिया प्रमुख

7- राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी

8- राष्ट्रीय समाचार समन्वयक

9- राष्ट्रीय मीडिया प्रवक्ता

10-राष्ट्रीय तकनीकी / आईटी प्रभारी

प्रदेश स्तर 11. प्रदेश अध्यक्ष – किसान मीडिया प्रकोष्ठ 12. प्रदेश मुख्य संपादक 13. प्रदेश डिजिटल मीडिया प्रभारी 14. प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रभारी 15. प्रदेश प्रिंट मीडिया प्रभारी 16. प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी 17. प्रदेश मीडिया प्रवक्ता

जिला स्तर 18. जिला अध्यक्ष – किसान मीडिया प्रकोष्ठ 19. जिला संपादक 20. जिला संवाददाता 21. जिला डिजिटल मीडिया प्रभारी 22. जिला सोशल मीडिया प्रभारी 23. जिला वीडियो / फोटो संवाददाता

ब्लॉक / तहसील / ग्राम स्तर 24. ब्लॉक मीडिया संयोजक 25. किसान रिपोर्टर / ग्रामीण संवाददाता अध्याय – मीडिया आचार संहिता (किसान मीडिया प्रकोष्ठ)

धारा 1 : प्रस्तावना राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) द्वारा संचालित इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया का उद्देश्य किसान हित, सत्य, न्याय एवं जन-जागरूकता को सर्वोपरि रखना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति तथा मीडिया की विश्वसनीयता, नैतिकता एवं अनुशासन बनाए रखने हेतु यह मीडिया आचार संहिता लागू की जाती है।

धारा 1.1 : सत्यता एवं निष्पक्षता

प्रत्येक समाचार, रिपोर्ट, लेख, साक्षात्कार एवं वीडियो सत्य, प्रमाणिक एवं तथ्यात्मक होंगे।

अपुष्ट, भ्रामक, अफवाह आधारित अथवा असत्य सामग्री का प्रसारण या प्रकाशन पूर्णतः निषिद्ध होगा।

किसी भी समाचार में सभी पक्षों को सुनने एवं उनका पक्ष रखने का यथासंभव प्रयास किया जाएगा।

धारा 1.2 : किसान हित सर्वोपरि

किसान मीडिया का प्रत्येक कार्य, प्रस्तुति एवं निर्णय किसान हित को केंद्र में रखकर किया जाएगा।

किसान विरोधी, शोषणकारी, भ्रम फैलाने वाले या जनविरोधी एजेंडे का समर्थन नहीं किया जाएगा।

पीड़ित किसान अथवा किसान परिवार की गरिमा, सम्मान एवं गोपनीयता का पूर्ण संरक्षण किया जाएगा।

धारा 1.3 : स्वतंत्रता एवं निर्भीकता

किसान मीडिया स्वतंत्र, निर्भीक एवं दबावमुक्त होकर कार्य करेगा।

किसी भी राजनीतिक दल, व्यक्ति, कॉर्पोरेट संस्था या पूंजीगत दबाव में आकर समाचार प्रकाशित अथवा प्रसारित नहीं किए जाएंगे।

सत्ता, प्रशासन या विभागीय स्तर पर होने वाले किसान उत्पीड़न, अन्याय एवं अनियमितताओं को तथ्यात्मक रूप से उजागर किया जाएगा।

धारा 1.4 : मर्यादा एवं भाषा

समाचारों एवं कार्यक्रमों की प्रस्तुति में शालीन, सभ्य एवं मर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाएगा।

जाति, धर्म, वर्ग, लिंग, क्षेत्र या समुदाय के आधार पर अपमानजनक, घृणास्पद या भेदभावपूर्ण सामग्री का प्रकाशन वर्जित होगा।

व्यक्तिगत मानहानि से बचा जाएगा, सिवाय उन मामलों के जो स्पष्ट रूप से सार्वजनिक हित से जुड़े हों।

धारा 1.5 : गोपनीयता एवं सुरक्षा

पीड़ित किसान या उनके परिवार की पहचान उनकी स्पष्ट अनुमति के बिना उजागर नहीं की जाएगी।

संवेदनशील मामलों जैसे आत्महत्या, यौन उत्पीड़न, बाल अधिकार अथवा पारिवारिक विवादों में विशेष सावधानी बरती जाएगी।

संगठन के आंतरिक दस्तावेज़, रणनीति एवं निर्णयों की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा।

धारा 1.6 : संगठनात्मक अनुशासन

किसान मीडिया प्रकोष्ठ का प्रत्येक पदाधिकारी एवं सदस्य संगठन के संविधान, निर्णयों एवं निर्देशों का पालन करेगा।

संगठन के नाम, प्रतीक, लोगो अथवा मीडिया प्लेटफॉर्म का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा।

निजी लाभ, ब्लैकमेलिंग, अवैध विज्ञापन या अनैतिक गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध होंगी।

धारा 1.7 : सोशल मीडिया आचरण

सोशल मीडिया पर की जाने वाली सभी पोस्ट, वीडियो, टिप्पणियाँ एवं साझा सामग्री इस आचार संहिता के अधीन होंगी।

भड़काऊ, अपमानजनक, असत्य अथवा संगठन की छवि को नुकसान पहुँचाने वाली पोस्ट निषिद्ध होंगी।

संगठन विरोधी या अनुशासनहीन गतिविधियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

धारा 1.8 : सुधार एवं उत्तरदायित्व

यदि किसी समाचार या सामग्री में त्रुटि पाई जाती है तो तत्काल सुधार अथवा खंडन प्रकाशित या प्रसारित किया जाएगा।

शिकायत की स्थिति में मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

दोष सिद्ध होने पर चेतावनी, निलंबन अथवा पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।

धारा 1.9 : विधिक पालन

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, आईटी अधिनियम, कॉपीराइट कानून एवं अन्य प्रचलित कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।

न्यायालय की अवमानना अथवा किसी भी प्रकार के कानून उल्लंघन से बचा जाएगा।

धारा 1.10 : दंडात्मक प्रावधान इस मीडिया आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति में निम्न दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है—

चेतावनी

अस्थायी निलंबन

पदमुक्ति

आवश्यकतानुसार संगठनात्मक एवं विधिक कार्रवाई

संवैधानिक संकल्प राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) का किसान मीडिया सत्य की मशाल, किसान की आवाज़ एवं न्याय की स्थापना का सशक्त माध्यम बनेगा तथा संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य करेगा।राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) डिजिटल न्यूज़ चैनल संरचना

अध्याय – डिजिटल न्यूज़ चैनल प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय स्तर

1.1 शीर्ष नेतृत्व

राष्ट्रीय अध्यक्ष – डिजिटल न्यूज़ चैनल चैनल की नीति, रणनीति एवं दीर्घकालिक दिशा-निर्देश तय करना। संगठन के दृष्टिकोण एवं किसान हित में निर्णायक भूमिका निभाना।

राष्ट्रीय मुख्य संपादक समाचार, कार्यक्रम एवं कंटेंट की अंतिम संपादकीय स्वीकृति। समाचार मानक, भाषा, निष्पक्षता एवं किसान पक्षधरता सुनिश्चित करना।

राष्ट्रीय कार्यकारी संपादक दैनिक समाचार संचालन, प्रोडक्शन एवं प्रसारण प्रक्रिया का प्रबंधन। संपादकीय टीम के बीच समन्वय स्थापित करना।

1.2 मीडिया संचालन

राष्ट्रीय डिजिटल मीडिया प्रमुख वेबसाइट, मोबाइल ऐप एवं सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म का संचालन। डिजिटल कंटेंट योजना, समय-सारिणी एवं प्रकाशन।

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रमुख लाइव प्रसारण, रिकॉर्डिंग एवं प्रोडक्शन की निगरानी। तकनीकी मानक एवं प्रसारण प्रोटोकॉल का अनुपालन।

राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संगठन की गतिविधियों एवं अभियानों का संचालन। वीडियो, फोटो एवं पोस्ट का प्रबंधन एवं प्रसार।

1.3 तकनीकी टीम

आईटी / सिस्टम प्रभारी सर्वर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप एवं साइबर सुरक्षा का प्रबंधन।

वीडियो एडिटर टीम प्रसारण योग्य वीडियो सामग्री का संपादन।

ग्राफिक / एनिमेशन टीम डिजिटल प्लेटफॉर्म हेतु ग्राफिक्स, एनिमेशन एवं विजुअल कंटेंट निर्माण।

प्रदेश स्तर

प्रदेश अध्यक्ष – डिजिटल न्यूज़ चैनल प्रदेश मुख्य संपादक प्रदेश डिजिटल मीडिया प्रभारी प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी प्रदेश तकनीकी टीम (रिकॉर्डिंग, संपादन एवं पोस्टिंग) प्रदेश संवाददाता टीम (जिला/ब्लॉक स्तर से समाचार संकलन)

जिला स्तर

जिला अध्यक्ष – डिजिटल न्यूज़ चैनल जिला संपादक जिला संवाददाता जिला डिजिटल प्रभारी जिला वीडियो / फोटो टीम

दायित्व स्थानीय किसानों की समस्याओं, आंदोलनों एवं कार्यक्रमों का संकलन। वीडियो, फोटो एवं रिपोर्ट प्रदेश/राष्ट्रीय स्तर पर भेजना।

ब्लॉक / तहसील / ग्राम स्तर

ब्लॉक मीडिया संयोजक किसान संवाददाता / ग्रामीण रिपोर्टर

दायित्व गांव स्तर पर किसानों की समस्याओं का कवरेज। स्थानीय बैठकों, आंदोलनों एवं घटनाओं की वीडियो/फोटो रिकॉर्डिंग। डिजिटल न्यूज़ चैनल हेतु सामग्री प्रेषण।

कंटेंट एवं प्रसारण नीति

सभी समाचार सत्य, निष्पक्ष एवं किसान हित आधारित होंगे।

लाइव, रिकॉर्डेड एवं डिजिटल कंटेंट का नियमित अद्यतन।

राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर की सभी गतिविधियों का कवरेज।

वेबसाइट, मोबाइल ऐप, सोशल मीडिया एवं यूट्यूब पर समन्वित प्रकाशन।

किसी भी स्थिति में किसान, संगठन अथवा विधिक गोपनीयता का उल्लंघन नहीं किया जाएगा।

तकनीकी एवं प्रोडक्शन सपोर्ट

डिजिटल स्टूडियो एवं प्रोडक्शन यूनिट। लाइव स्ट्रीमिंग एवं रिकॉर्डिंग सिस्टम। वीडियो संपादन सॉफ्टवेयर एवं ग्राफिक टूल्स। वेब एवं सोशल मीडिया प्रबंधन सॉफ्टवेयर।

रिपोर्टिंग एवं समन्वय

सभी स्तरों से कंटेंट राष्ट्रीय रिपोर्टिंग टीम को भेजा जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर संपादकीय समीक्षा के उपरांत प्रसारण की स्वीकृति। प्रशासन, अधिकारियों एवं मीडिया संस्थानों से संवाद एवं प्रतिक्रिया।

प्रशिक्षण एवं जागरूकता

डिजिटल न्यूज़ चैनल से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं संवाददाताओं हेतु— मीडिया प्रशिक्षण कार्यशालाएँ। पत्रकारिता, संपादन एवं डिजिटल कौशल विकास। किसान अधिकार, कानून एवं नीतियों पर नियमित जागरूकता।

संक्षिप्त चार्ट – पद संरचना (सभी स्तर)

राष्ट्रीय स्तर अध्यक्ष, मुख्य संपादक, डिजिटल मीडिया प्रमुख आईटी टीम, वीडियो एडिटर, ग्राफिक टीम, सोशल मीडिया प्रभारी

प्रदेश स्तर अध्यक्ष, मुख्य संपादक, डिजिटल प्रभारी संवाददाता टीम, तकनीकी टीम

जिला स्तर अध्यक्ष, संपादक, संवाददाता वीडियो / फोटो टीम

ब्लॉक / ग्राम स्तर मीडिया संयोजक, किसान संवाददाता स्थानीय रिपोर्टर

संवैधानिक संकल्प डिजिटल न्यूज़ चैनल किसान की आवाज़, न्याय की मशाल एवं संगठन की प्रतिष्ठा को डिजिटल माध्यमों में व्यापक रूप से स्थापित करने का सशक्त साधन होगा।

नोट उपरोक्त सभी पदों पर नियुक्ति, पदमुक्ति, दायित्व निर्धारण एवं संरचना में संशोधन का अधिकार संगठन के संस्थापक/मुख्य ट्रस्टी के पास सुरक्षित रहेगा।=राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) संविधान

अध्याय – IX विधिक / न्याय प्रकोष्ठ (Legal & Justice Cell)

: विधिक / न्याय प्रकोष्ठ का गठन

.1 राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) द्वारा किसानों पर हो रहे उत्पीड़न, अन्याय एवं शोषण को दृष्टिगत रखते हुए “विधिक / न्याय प्रकोष्ठ” (Legal & Justice Cell) का गठन किया जाएगा।

.2 यह प्रकोष्ठ राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला एवं आवश्यकता अनुसार ब्लॉक स्तर पर गठित किया जा सकेगा।

.3 इस प्रकोष्ठ में अधिवक्ता, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी, विधि विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आवश्यकतानुसार अन्य योग्य व्यक्तियों को सम्मिलित किया जा सकेगा।

: विधिक / न्याय प्रकोष्ठ के उद्देश्य

.1 किसानों को उनके संवैधानिक, कानूनी एवं नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना।

.2 किसान उत्पीड़न से संबंधित मामलों में निशुल्क एवं निष्पक्ष विधिक परामर्श उपलब्ध कराना।

.3 किसानों को यह मार्गदर्शन प्रदान करना कि किस कानून के अंतर्गत, किस विभाग अथवा अधिकारी के समक्ष तथा किस प्रक्रिया के माध्यम से प्रभावी कार्यवाही की जा सकती है।

58 : निशुल्क विधिक सहायता

.1 विधिक / न्याय प्रकोष्ठ किसानों को कानूनी सलाह, आवेदन एवं शिकायत का प्रारूप तैयार करने तथा नोटिस ड्राफ्ट करने में निशुल्क सहायता प्रदान करेगा।

.2 आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के मामलों में, उपलब्ध संसाधनों के अनुसार, अधिवक्ता उपलब्ध कराने एवं न्यायालय अथवा वैधानिक प्राधिकरण के समक्ष प्रतिनिधित्व हेतु प्रयास किया जाएगा।

.3 समस्त विधिक सहायता संगठन की नीति, क्षमता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप होगी।

: किसान उत्पीड़न पर कार्यवाही

.1 यदि किसी किसान के साथ प्रशासनिक, पुलिस, विभागीय, सामाजिक अथवा आर्थिक उत्पीड़न या अन्याय होता है, तो विधिक / न्याय प्रकोष्ठ उस प्रकरण पर त्वरित संज्ञान लेगा।

2 प्रकोष्ठ द्वारा संबंधित विभाग अथवा अधिकारी को नोटिस, शिकायत या प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जा सकेगा तथा आवश्यक कानूनी कार्यवाही की अनुशंसा की जाएगी।

.3 गंभीर एवं व्यापक प्रभाव वाले मामलों को प्रदेश अथवा राष्ट्रीय स्तर पर अग्रेषित किया जा सकेगा।

: न्यायिक एवं वैधानिक संस्थाओं से समन्वय

.1 विधिक / न्याय प्रकोष्ठ न्यायालयों, विधिक सेवा प्राधिकरण, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग तथा अन्य वैधानिक संस्थाओं से समन्वय स्थापित करेगा।

2 आवश्यक होने पर जनहित याचिका (PIL), सामूहिक याचिका अथवा सामूहिक शिकायत दायर करने की संस्तुति की जा सकेगी।

: संगठनात्मक संरक्षण

.1 विधिक / न्याय प्रकोष्ठ के माध्यम से न्याय की मांग करने वाले किसान या पदाधिकारी को संगठन का पूर्ण नैतिक, संगठनात्मक एवं विधिक संरक्षण प्राप्त होगा।

.2 न्याय की मांग करने के कारण किसी भी सदस्य को संगठन से पृथक नहीं किया जा सकेगा।

: गोपनीयता एवं नैतिकता

.1 प्रकोष्ठ के समक्ष प्रस्तुत प्रत्येक मामले की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य होगा।

.2 किसी भी प्रकरण में व्यक्तिगत, राजनीतिक अथवा आर्थिक स्वार्थ को स्थान नहीं दिया जाएगा।

: संवैधानिक संकल्प

राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) यह संकल्प लेती है कि वह किसानों को कानूनी रूप से जागरूक, सुरक्षित एवं सशक्त बनाएगी तथा प्रत्येक अन्याय के विरुद्ध न्यायिक संघर्ष में उनके साथ दृढ़ता से खड़ी रहेगी।

अंतिम घोषणा

न्याय की जानकारी प्रत्येक किसान का अधिकार है और उसकी रक्षा करना संगठन का संवैधानिक एवं नैतिक कर्तव्य है। =विशेष अधिकार एवं जांच व्यवस्था

(राष्ट्रीय किसान यूनियन – सिद्धार्थ)

धारा : विशेष जांच, संरक्षण एवं न्याय अधिकार
1. किसान उत्पीड़न की स्थिति में विशेष अधिकार

यदि किसी किसान, किसान परिवार अथवा कृषि से जुड़े किसी भी व्यक्ति के साथ प्रशासनिक, विभागीय, सामाजिक, आर्थिक या कानूनी उत्पीड़न, अन्याय या शोषण होता है, तो राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) को यह विशेष अधिकार होगा कि वह ऐसे प्रकरण पर तत्काल संज्ञान ले और आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ करे।

2. विशेष जांच समिति का गठन

2.1 संगठन को यह अधिकार होगा कि वह प्रकरण की गंभीरता, प्रकृति एवं प्रभाव को देखते हुए राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला अथवा ब्लॉक स्तर पर विशेष जांच समिति (Special Inquiry Committee) का गठन करे।

2.2 विशेष जांच समिति को यह अधिकार होगा कि वह:

घटनास्थल का निरीक्षण करे

पीड़ित किसान/परिवार से प्रत्यक्ष संवाद करे

संबंधित दस्तावेज़, अभिलेख एवं साक्ष्य एकत्रित करे

घटनाक्रम का निष्पक्ष मूल्यांकन कर तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट तैयार करे

3. जांच उपरांत विधिक कार्यवाही

3.1 जांच पूर्ण होने के पश्चात विशेष जांच समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट संगठन को प्रस्तुत करेगी।

3.2 रिपोर्ट के आधार पर संगठन द्वारा:

संबंधित विभाग, अधिकारी या संस्था को विधिक कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रेषित किया जाएगा

पीड़ित किसान अथवा उसके परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से शासन एवं प्रशासन से आधिकारिक पत्राचार किया जाएगा

4. नोटिस, सूचना संकलन एवं जवाब-तलब का अधिकार

संगठन को यह अधिकार होगा कि वह जांच के दौरान या उसके पश्चात:

उत्पीड़न में संलिप्त विभाग, अधिकारी या व्यक्ति को नोटिस जारी करे

उनसे लिखित अथवा मौखिक स्पष्टीकरण एवं जानकारी प्राप्त करे

आवश्यक दस्तावेज़, अभिलेख, रिपोर्ट एवं सूचनाएँ संकलित करे

5. उच्च स्तर पर पत्राचार का अधिकार

जांच रिपोर्ट एवं साक्ष्यों के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर संगठन निम्नलिखित अधिकारियों एवं संवैधानिक पदाधिकारियों से पत्राचार कर सकेगा:

माननीय राष्ट्रपति महोदय

माननीय प्रधानमंत्री महोदय

माननीय मुख्यमंत्री

मंडल आयुक्त

जिलाधिकारी

पुलिस अधीक्षक

अन्य संबंधित विभाग, आयोग अथवा वैधानिक प्राधिकरण

6. न्याय न मिलने की स्थिति में लोकतांत्रिक आंदोलन का अधिकार

यदि समस्त वैधानिक, प्रशासनिक एवं संवादात्मक प्रयासों के उपरांत भी पीड़ित किसान अथवा उसके परिवार को न्याय प्राप्त नहीं होता है, तो संगठन को यह अधिकार होगा कि वह संविधान के दायरे में रहते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीकों से:

धरना

प्रदर्शन

ज्ञापन

पदयात्रा

आंदोलन
आयोजित करे।

7. न्याय मिलने तक संघर्ष का संकल्प

राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) यह संकल्प लेती है कि जब तक पीड़ित किसान अथवा उसके परिवार को पूर्ण न्याय, उचित मुआवजा एवं सामाजिक सम्मान प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक संगठन विधिक, संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक स्तर पर संघर्ष, प्रतिनिधित्व एवं सहायता निरंतर जारी रखेगा।राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)

किसान उत्पीड़न निवारण, जांच एवं न्याय अधिकार
: किसान उत्पीड़न निवारण का विशेष अधिकार

राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) यह घोषित करती है कि किसी भी किसान, किसान परिवार अथवा कृषि से संबंधित व्यक्ति के साथ यदि किसी भी प्रकार का प्रशासनिक, विभागीय, सामाजिक, आर्थिक अथवा कानूनी उत्पीड़न, अन्याय या शोषण होता है, तो संगठन को उसमें हस्तक्षेप करने, संज्ञान लेने एवं कार्यवाही करने का पूर्ण अधिकार होगा।

: राष्ट्रीय स्तर की शक्तियाँ

.1 राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) को यह अधिकार होगा कि वह देश के किसी भी भाग में घटित किसान उत्पीड़न के मामलों में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) ले सके।

.2 राष्ट्रीय कार्यकारिणी आवश्यकता अनुसार राष्ट्रीय विशेष जांच समिति का गठन करेगी, जो—

प्रदेश अथवा जिला इकाइयों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा करेगी,

आवश्यकता होने पर स्वतंत्र स्थलीय जांच करेगी।

.3 राष्ट्रीय संगठन को यह अधिकार होगा कि वह किसान उत्पीड़न से संबंधित मामलों में निम्नलिखित से प्रत्यक्ष पत्राचार कर सके—

माननीय राष्ट्रपति

माननीय प्रधानमंत्री

केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग / जनजाति आयोग / अल्पसंख्यक आयोग

.4 राष्ट्रीय संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर धरना, प्रदर्शन, आंदोलन एवं संघर्ष का निर्णय लेने का अधिकार होगा।

: प्रदेश स्तर की शक्तियाँ

.1 प्रदेश इकाई को यह अधिकार होगा कि वह राज्य के भीतर किसान उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों पर तत्काल संज्ञान ले।

.2 प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा प्रदेश विशेष जांच समिति का गठन किया जाएगा, जो—

घटनास्थल का निरीक्षण करेगी,

पीड़ित किसान एवं गवाहों से संवाद करेगी,

दस्तावेज़ों एवं साक्ष्यों का संकलन करेगी।

.3 प्रदेश संगठन को यह अधिकार होगा कि वह निम्नलिखित से पत्राचार कर सके—

माननीय मुख्यमंत्री

मुख्य सचिव

संबंधित मंत्री

पुलिस महानिदेशक

.4 प्रदेश स्तर पर राज्यव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया जा सकेगा।

.5 न्याय न मिलने की स्थिति में मामला राष्ट्रीय इकाई को संदर्भित किया जाएगा।
: जिला स्तर की शक्तियाँ

.1 जिला इकाई को किसान उत्पीड़न की प्राथमिक शिकायत दर्ज करने का अधिकार होगा।

.2 जिला स्तर पर जिला विशेष जांच समिति का गठन किया जाएगा।

.3 जिला संगठन को यह अधिकार होगा कि वह—

जिलाधिकारी

पुलिस अधीक्षक

उपजिलाधिकारी

तहसीलदार

संबंधित विभागीय अधिकारियों

को नोटिस जारी कर सके तथा उनसे जवाब-तलब कर सके।

.4 जिला संगठन ज्ञापन, धरना, प्रदर्शन एवं प्रेस वार्ता आयोजित कर सकेगा।

5 समाधान न होने की स्थिति में मामला प्रदेश इकाई को प्रेषित किया जाएगा।
: ब्लॉक / तहसील स्तर की शक्तियाँ

.1 ब्लॉक अथवा तहसील इकाई किसान से शिकायत प्राप्त करेगी।

.2 प्राथमिक जांच, साक्ष्य संकलन एवं रिपोर्ट जिला इकाई को प्रेषित की जाएगी।

.3 ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण ज्ञापन एवं प्रदर्शन किए जा सकेंगे।

: नोटिस, सूचना संकलन एवं कानूनी कार्यवाही

1 संगठन को यह अधिकार होगा कि वह उत्पीड़न करने वाले किसी भी विभाग, अधिकारी अथवा व्यक्ति को नोटिस जारी करे।

.2 आवश्यक दस्तावेज़, अभिलेख, रिपोर्ट एवं सूचनाएँ संकलित की जाएँगी।

3 जांच रिपोर्ट संबंधित विभाग अथवा प्राधिकरण को कानूनी कार्यवाही हेतु प्रेषित की जाएगी।

: न्याय न मिलने की स्थिति में संघर्ष

.1 यदि सभी प्रशासनिक एवं वैधानिक प्रयासों के पश्चात भी पीड़ित किसान अथवा उसके परिवार को न्याय नहीं मिलता है, तो संगठन को—

चरणबद्ध आंदोलन

धरना

प्रदर्शन

जनआंदोलन

करने का अधिकार होगा।

.2 जब तक पीड़ित किसान अथवा उसके परिवार को पूर्ण न्याय, मुआवजा एवं सम्मान प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।

: संवैधानिक संकल्प

राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) किसान के सम्मान, अधिकार एवं न्याय की रक्षा हेतु सतत, संगठित एवं संवैधानिक संघर्ष करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। =राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)

जांच समिति, प्रशासनिक सहयोग एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल
: जांच समिति को स्थल पर भेजने एवं प्रशासनिक सहयोग का अधिकार

.1 राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) को यह पूर्ण अधिकार होगा कि वह किसी भी किसान, किसान परिवार अथवा कृषि से संबंधित व्यक्ति से जुड़े किसी भी घटनाक्रम पर स्वतः संज्ञान लेते हुए, निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं तथ्यात्मक जांच हेतु विशेष जांच समिति का गठन करे तथा उक्त समिति को घटनास्थल पर भेजे।

.2 जांच समिति द्वारा की जा रही जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का दबाव, डर, हस्तक्षेप, अवरोध या असहयोग न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित प्रदेश के पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन का दायित्व होगा।

.3 प्रदेश पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन का यह संवैधानिक कर्तव्य होगा कि वे—

जांच समिति को आवश्यक सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल उपलब्ध कराएँ,

समिति की आवाजाही, बैठक, स्थल निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन में पूर्ण सहयोग करें,

समिति के सदस्यों को किसी भी प्रकार की धमकी, असुविधा या उत्पीड़न से सुरक्षित रखें।

.4 प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि जांच समिति को—

संबंधित विभागीय अभिलेख,

आवश्यक सूचनाएँ एवं रिकॉर्ड,

संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद

में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।

.5 यदि किसी भी स्तर पर जांच समिति के कार्य में जानबूझकर अवरोध, असहयोग, लापरवाही अथवा अनुचित दबाव पाया जाता है, तो संगठन को यह अधिकार होगा कि वह इस संबंध में—

उच्च प्रशासनिक अधिकारियों,

राज्य सरकार,

राष्ट्रीय स्तर के सक्षम वैधानिक अथवा संवैधानिक प्राधिकरण

को लिखित रूप से अवगत कराए तथा आवश्यक कार्यवाही की मांग करे।

.6 जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर संगठन पीड़ित किसान अथवा उसके परिवार को न्याय दिलाने के उद्देश्य से आवश्यक कानूनी, प्रशासनिक एवं लोकतांत्रिक कार्यवाही करेगा।

.7 यह धारा इस उद्देश्य से प्रवर्तित की जाती है कि प्रत्येक पीड़ित किसान को निष्पक्ष जांच, प्रशासनिक संरक्षण, सुरक्षा एवं शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

संवैधानिक टिप्पणी

जांच प्रक्रिया में प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करना शासन का संवैधानिक दायित्व तथा संगठन का वैध अधिकार होगा।        =राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
प्रकोष्ठों की आधिकारिक सूची

राष्ट्रीय अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय संगठन प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय नीति एवं रणनीति प्रकोष्ठ

किसान अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

कृषि कानून एवं विधिक प्रकोष्ठ

कृषि मूल्य एवं MSP प्रकोष्ठ

गन्ना किसान प्रकोष्ठ

धान किसान प्रकोष्ठ

गेहूं किसान प्रकोष्ठ

दलहन–तिलहन किसान प्रकोष्ठ

सब्जी उत्पादक किसान प्रकोष्ठ

फल उत्पादक किसान प्रकोष्ठ

जैविक खेती प्रकोष्ठ

प्राकृतिक खेती प्रकोष्ठ

कृषि नवाचार एवं अनुसंधान प्रकोष्ठ

सिंचाई एवं जल संसाधन प्रकोष्ठ

भूमि अधिकार एवं भूमि सुधार प्रकोष्ठ

किसान ऋण एवं कर्ज मुक्ति प्रकोष्ठ

किसान बीमा एवं जोखिम प्रबंधन प्रकोष्ठ

कृषि लागत एवं उत्पादन प्रकोष्ठ

कृषि विपणन एवं बाजार सुधार प्रकोष्ठ

मंडी सुधार एवं व्यापार प्रकोष्ठ

निर्यात–आयात एवं कृषि व्यापार प्रकोष्ठ

कृषि यंत्रीकरण प्रकोष्ठ

बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक निगरानी प्रकोष्ठ

कृषि जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ

आपदा प्रबंधन एवं राहत प्रकोष्ठ

किसान मुआवजा एवं पुनर्वास प्रकोष्ठ

पशुपालन एवं डेयरी किसान प्रकोष्ठ

मत्स्य पालन किसान प्रकोष्ठ

मधुमक्खी पालन एवं सहायक कृषि प्रकोष्ठ

महिला किसान सशक्तिकरण प्रकोष्ठ

युवा किसान प्रकोष्ठ

वरिष्ठ किसान सम्मान प्रकोष्ठ

आदिवासी एवं वनवासी किसान प्रकोष्ठ

सीमांत एवं लघु किसान प्रकोष्ठ

बटाईदार एवं पट्टेदार किसान प्रकोष्ठ

खेत मजदूर एवं कृषि श्रमिक प्रकोष्ठ

सामाजिक न्याय एवं समानता प्रकोष्ठ

अनुसूचित जाति किसान प्रकोष्ठ

अनुसूचित जनजाति किसान प्रकोष्ठ

पिछड़ा वर्ग किसान प्रकोष्ठ

अल्पसंख्यक किसान प्रकोष्ठ

किसान शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ

कृषि तकनीकी प्रशिक्षण प्रकोष्ठ

किसान स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रकोष्ठ

किसान पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा प्रकोष्ठ

सहकारिता एवं किसान उत्पादक संगठन (FPO) प्रकोष्ठ

कृषि स्टार्टअप एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ

किसान रोजगार एवं स्वरोजगार प्रकोष्ठ

ग्रामीण विकास एवं अधोसंरचना प्रकोष्ठ

ग्रामीण सड़क, बिजली एवं सुविधा प्रकोष्ठ

कृषि भंडारण एवं वेयरहाउसिंग प्रकोष्ठ

शीत भंडारण एवं कोल्ड चेन प्रकोष्ठ

कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन प्रकोष्ठ

कृषि डिजिटल एवं डेटा प्रकोष्ठ

किसान डिजिटल साक्षरता प्रकोष्ठ

किसान मीडिया एवं संचार प्रकोष्ठ

इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रकोष्ठ

प्रिंट मीडिया एवं प्रकाशन प्रकोष्ठ

सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ

सूचना अधिकार एवं पारदर्शिता प्रकोष्ठ

भ्रष्टाचार विरोधी एवं निगरानी प्रकोष्ठ

प्रशासनिक समन्वय प्रकोष्ठ

किसान उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ

जांच समिति एवं विशेष कार्य प्रकोष्ठ

विधिक सहायता एवं न्याय प्रकोष्ठ

मानवाधिकार एवं संवैधानिक अधिकार प्रकोष्ठ

जनहित याचिका एवं न्यायिक संघर्ष प्रकोष्ठ

आंदोलन एवं संघर्ष प्रकोष्ठ

अहिंसक आंदोलन एवं सत्याग्रह प्रकोष्ठ

धरना–प्रदर्शन एवं कार्यक्रम प्रकोष्ठ

किसान पंचायत एवं जनसंवाद प्रकोष्ठ

ग्राम स्तर संगठन विस्तार प्रकोष्ठ

ब्लॉक एवं जिला समन्वय प्रकोष्ठ

प्रदेश समन्वय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय समन्वय एवं विस्तार प्रकोष्ठ

अनुशासन एवं आचार संहिता प्रकोष्ठ

शिकायत निवारण प्रकोष्ठ

आंतरिक जांच एवं अनुशासन प्रकोष्ठ

संसाधन संग्रह एवं कोष प्रबंधन प्रकोष्ठ

लेखा, लेखा-परीक्षण एवं अनुपालन प्रकोष्ठ

दान, अनुदान एवं सहायता प्रकोष्ठ

प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं सम्मेलन प्रकोष्ठ

शोध, दस्तावेजीकरण एवं अभिलेख प्रकोष्ठ

पुस्तकालय एवं किसान ज्ञान प्रकोष्ठ

अंतर्राष्ट्रीय किसान समन्वय प्रकोष्ठ

प्रवासी एवं एनआरआई किसान प्रकोष्ठ

सीमा क्षेत्र एवं विशेष क्षेत्र किसान प्रकोष्ठ

पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्र किसान प्रकोष्ठ

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत कृषि प्रकोष्ठ

जल, जंगल एवं जमीन संरक्षण प्रकोष्ठ

कृषि नैतिकता एवं पारदर्शिता प्रकोष्ठ

नवाचार नीति एवं दीर्घकालिक दृष्टि प्रकोष्ठ

किसान सम्मान एवं पुरस्कार प्रकोष्ठ

सांस्कृतिक, वैचारिक एवं जागरूकता प्रकोष्ठ

किसान इतिहास एवं दस्तावेजीकरण प्रकोष्ठ

आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं त्वरित सहायता प्रकोष्ठ

विशेष अभियान एवं मिशन प्रकोष्ठ

भविष्य निर्माण एवं संगठन विकास प्रकोष्ठ                  =राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
जिला स्तरीय प्रकोष्ठ

(District Level Cells)

जिला अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

जिला संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ

जिला किसान अधिकार प्रकोष्ठ

जिला कृषि समस्या समाधान प्रकोष्ठ

जिला गन्ना एवं फसल प्रकोष्ठ

जिला सिंचाई एवं जल प्रकोष्ठ

जिला भूमि विवाद समाधान प्रकोष्ठ

जिला किसान कर्ज एवं बैंक प्रकोष्ठ

जिला फसल बीमा प्रकोष्ठ

जिला मंडी एवं बाजार प्रकोष्ठ

जिला महिला किसान प्रकोष्ठ

जिला युवा किसान प्रकोष्ठ

जिला छात्र–किसान प्रकोष्ठ

जिला मजदूर–किसान समन्वय प्रकोष्ठ

जिला पशुपालन एवं दुग्ध प्रकोष्ठ

जिला मत्स्य एवं बागवानी प्रकोष्ठ

जिला खाद–बीज–उर्वरक निगरानी प्रकोष्ठ

जिला जैविक एवं प्राकृतिक खेती प्रकोष्ठ

जिला किसान स्वास्थ्य एवं दुर्घटना सहायता प्रकोष्ठ

जिला आपदा राहत एवं मुआवजा प्रकोष्ठ

जिला शिकायत एवं जनसुनवाई प्रकोष्ठ

जिला आरटीआई एवं विधिक सहायता प्रकोष्ठ

जिला सामाजिक न्याय प्रकोष्ठ

जिला अनुसूचित जाति/जनजाति किसान प्रकोष्ठ

जिला अल्पसंख्यक किसान प्रकोष्ठ

जिला सीमांत एवं लघु किसान प्रकोष्ठ

जिला ग्राम पंचायत समन्वय प्रकोष्ठ

जिला ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ

जिला मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ

जिला सोशल मीडिया एवं आईटी प्रकोष्ठ

जिला आंदोलन एवं सत्याग्रह प्रकोष्ठ

जिला स्वयंसेवक एवं अनुशासन प्रकोष्ठ

जिला प्रशिक्षण एवं किसान जागरूकता प्रकोष्ठ

जिला सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ

जिला लेखा एवं कोष प्रबंधन प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
राज्य (प्रदेश) स्तरीय प्रकोष्ठ

(State Level Cells)

प्रदेश अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

प्रदेश संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ

प्रदेश नीति निर्धारण प्रकोष्ठ

प्रदेश किसान अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

प्रदेश कृषि कानून एवं विधिक प्रकोष्ठ

प्रदेश एमएसपी एवं मूल्य समर्थन प्रकोष्ठ

प्रदेश गन्ना नीति प्रकोष्ठ

प्रदेश फसल विविधीकरण प्रकोष्ठ

प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन प्रकोष्ठ

प्रदेश भूमि सुधार एवं पट्टा अधिकार प्रकोष्ठ

प्रदेश किसान कर्ज मुक्ति प्रकोष्ठ

प्रदेश फसल बीमा एवं मुआवजा प्रकोष्ठ

प्रदेश महिला किसान प्रकोष्ठ

प्रदेश युवा एवं छात्र किसान प्रकोष्ठ

प्रदेश मजदूर–किसान समन्वय प्रकोष्ठ

प्रदेश पशुपालन, दुग्ध एवं मत्स्य प्रकोष्ठ

प्रदेश जैविक एवं प्राकृतिक खेती प्रकोष्ठ

प्रदेश कृषि अनुसंधान एवं नवाचार प्रकोष्ठ

प्रदेश कृषि मशीनरी एवं तकनीक प्रकोष्ठ

प्रदेश मंडी सुधार एवं ई-नाम प्रकोष्ठ

प्रदेश किसान स्वास्थ्य, बीमा एवं पेंशन प्रकोष्ठ

प्रदेश आपदा प्रबंधन एवं राहत प्रकोष्ठ

प्रदेश पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ

प्रदेश सामाजिक न्याय एवं आंबेडकर विचार प्रकोष्ठ

प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति किसान प्रकोष्ठ

प्रदेश अल्पसंख्यक किसान प्रकोष्ठ

प्रदेश सीमांत, पहाड़ी एवं विशेष क्षेत्र किसान प्रकोष्ठ

प्रदेश ग्राम स्वराज एवं पंचायत समन्वय प्रकोष्ठ

प्रदेश ग्रामीण रोजगार एवं मनरेगा प्रकोष्ठ

प्रदेश सहकारिता एवं एफपीओ प्रकोष्ठ

प्रदेश आंदोलन, सत्याग्रह एवं कार्यक्रम प्रकोष्ठ

प्रदेश जनजागरण एवं संपर्क प्रकोष्ठ

प्रदेश मीडिया, प्रेस एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ

प्रदेश सोशल मीडिया, आईटी एवं डिजिटल प्रकोष्ठ

प्रदेश शोध, दस्तावेज़ीकरण एवं प्रकाशन प्रकोष्ठ

प्रदेश प्रशिक्षण एवं कैडर निर्माण प्रकोष्ठ

प्रदेश स्वयंसेवक एवं अनुशासन प्रकोष्ठ

प्रदेश आर्थिक संसाधन एवं कोष प्रबंधन प्रकोष्ठ

प्रदेश लेखा, ऑडिट एवं पारदर्शिता प्रकोष्ठ

प्रदेश विशेष कार्य एवं आपात निर्णय प्रकोष्ठ =राष्ट्रीय स्तरीय प्रकोष्ठ

(कार्य – अधिकार – संरचना)

1. राष्ट्रीय अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का सर्वोच्च नेतृत्व।
(ख) केंद्र सरकार, राष्ट्रीय संस्थाओं एवं आयोगों से संवाद।
(ग) प्रदेश इकाइयों का मार्गदर्शन एवं समन्वय।

अधिकार:
(क) राष्ट्रीय नीतिगत निर्णय लेना।
(ख) संगठनात्मक निर्देश जारी करना।

संरचना:
(क) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(ख) कार्यकारी अध्यक्ष/उपाध्यक्ष
(ग) विशेष सलाहकार परिषद

2. राष्ट्रीय संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर पर संगठन विस्तार।
(ख) प्रदेश एवं जिला इकाइयों का गठन एवं समीक्षा।

अधिकार:
(क) संगठनात्मक स्वीकृति एवं अनुशंसा।

संरचना:
(क) राष्ट्रीय संगठन सचिव
(ख) सदस्य

3. राष्ट्रीय नीति एवं रणनीति प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय किसान नीति, कानून एवं रणनीति तैयार करना।
(ख) दीर्घकालीन आंदोलन एवं संगठन योजना।

अधिकार:
(क) नीति दस्तावेज़ जारी करना।

संरचना:
(क) नीति प्रमुख
(ख) विशेषज्ञ सदस्य

4. राष्ट्रीय किसान अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर के किसान उत्पीड़न मामलों में हस्तक्षेप।
(ख) संवैधानिक व मानवाधिकार संस्थाओं से संवाद।

अधिकार:
(क) राष्ट्रीय आंदोलन एवं कानूनी कार्यवाही की सिफारिश।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विधिक एवं तथ्य जांच टीम

5. राष्ट्रीय विधिक एवं संवैधानिक प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) कृषि कानूनों एवं संवैधानिक प्रावधानों का अध्ययन।
(ख) कानूनी मार्गदर्शन एवं ड्राफ्ट तैयार करना।

अधिकार:
(क) कानूनी राय एवं सुझाव देना।

संरचना:
(क) मुख्य विधि सलाहकार
(ख) अधिवक्ता सदस्य

6. राष्ट्रीय महिला किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय महिला किसान नीति एवं अभियान।

अधिकार:
(क) राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व की मांग।

संरचना:
(क) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(ख) सदस्य

7. राष्ट्रीय युवा एवं छात्र किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय युवा किसान नेतृत्व निर्माण।

अधिकार:
(क) राष्ट्रीय अभियान चलाना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सदस्य

8. राष्ट्रीय मीडिया, प्रेस एवं डिजिटल प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय मीडिया रणनीति।
(ख) प्रेस, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालन।

अधिकार:
(क) राष्ट्रीय वक्तव्य एवं प्रेस विज्ञप्ति जारी करना।राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
जिला स्तरीय प्रकोष्ठ

(कार्य – अधिकार – संरचना)

1. जिला अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) जिले में संगठन का समग्र नेतृत्व करना।
(ख) जिला स्तर के समस्त प्रकोष्ठों के कार्यों का समन्वय एवं निगरानी करना।
(ग) जिला स्तरीय बैठकों, आंदोलनों एवं कार्यक्रमों की अध्यक्षता करना।

अधिकार:
(क) जिला स्तर के पदाधिकारियों एवं प्रकोष्ठों को आवश्यक निर्देश जारी करना।
(ख) आपात परिस्थितियों में संगठन हित में तात्कालिक निर्णय लेना।
(ग) प्रदेश इकाई को नियमित रिपोर्ट एवं प्रस्ताव प्रेषित करना।

संरचना:
(क) जिला अध्यक्ष
(ख) एक या अधिक जिला उपाध्यक्ष
(ग) विशेष आमंत्रित सदस्य (आवश्यकतानुसार)

2. जिला संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) ग्राम, ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर संगठन का विस्तार करना।
(ख) सदस्यता अभियान संचालित करना।
(ग) नई इकाइयों एवं समितियों के गठन की प्रक्रिया करना।

अधिकार:
(क) सदस्यता सत्यापन एवं अनुशंसा करना।
(ख) संगठनात्मक विस्तार संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करना।

संरचना:
(क) प्रकोष्ठ प्रभारी
(ख) सह-प्रभारी
(ग) 5 से 10 कार्यकारिणी सदस्य

3. जिला किसान अधिकार प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) किसानों के संवैधानिक, कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना।
(ख) जिला प्रशासन एवं विभागों से समन्वय स्थापित करना।
(ग) किसान उत्पीड़न से संबंधित मामलों में हस्तक्षेप करना।

अधिकार:
(क) ज्ञापन एवं मांग-पत्र प्रस्तुत करना।
(ख) जांच अथवा कार्यवाही की मांग करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विधिक सलाहकार
(ग) सदस्य

4. जिला कृषि समस्या समाधान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) फसल, सिंचाई, खाद, बीज एवं कृषि संसाधनों से संबंधित समस्याओं की पहचान।
(ख) संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान की पहल।

अधिकार:
(क) विभागीय बैठकों के आयोजन की मांग करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विषय विशेषज्ञ
(ग) सदस्य

5. जिला महिला किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) महिला किसानों को संगठित करना।
(ख) महिला किसानों के अधिकारों एवं योजनाओं की जानकारी देना।

अधिकार:
(क) महिला किसान संबंधी मुद्दों पर प्रस्ताव प्रस्तुत करना।

संरचना:
(क) अध्यक्ष
(ख) महासचिव
(ग) सदस्य

6. जिला युवा किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) युवा किसानों को संगठन से जोड़ना।
(ख) प्रशिक्षण एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम संचालित करना।

अधिकार:
(क) युवा किसान केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सह-संयोजक
(ग) सदस्य

7. जिला मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) प्रेस विज्ञप्तियों का निर्गमन।
(ख) मीडिया से संवाद एवं समन्वय।
(ग) संगठन की सार्वजनिक छवि का निर्माण एवं संरक्षण।

अधिकार:
(क) अधिकृत बयान एवं सूचनाएं जारी करना।

संरचना:
(क) मीडिया प्रभारी
(ख) सहायक
(ग) डिजिटल/आईटी सदस्य

8. जिला आंदोलन एवं सत्याग्रह प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) जिला स्तर पर आंदोलनों की योजना एवं संचालन।
(ख) धरना, प्रदर्शन एवं सत्याग्रह का प्रबंधन।

अधिकार:
(क) शांतिपूर्ण आंदोलन का प्रस्ताव एवं आह्वान करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) रणनीतिक सदस्य

9. जिला लेखा एवं कोष प्रबंधन प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) आय-व्यय का संधारण।
(ख) वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना।

अधिकार:
(क) वित्तीय अभिलेखों के संधारण का अधिकार।

संरचना:
(क) कोषाध्यक्ष
(ख) सह-कोषाध्यक्ष

10. जिला स्वयंसेवक एवं अनुशासन प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखना।
(ख) कार्यक्रमों एवं आंदोलनों में व्यवस्था संचालन।

अधिकार:
(क) अनुशासनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

संरचना:
(क) प्रकोष्ठ प्रभारी
(ख) स्वयंसेवक दल

प्रदेश (राज्य) स्तरीय प्रकोष्ठ

(कार्य – अधिकार – संरचना)

1. प्रदेश अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) प्रदेश स्तर पर संगठन का नेतृत्व।
(ख) राज्य सरकार एवं प्रशासन से संवाद।
(ग) राष्ट्रीय इकाई से समन्वय।

अधिकार:
(क) प्रदेश स्तर के नीतिगत निर्णय लेना।
(ख) जिला इकाइयों को निर्देश जारी करना।

संरचना:
(क) प्रदेश अध्यक्ष
(ख) उपाध्यक्ष
(ग) विशेष सलाहकार

2. प्रदेश नीति निर्धारण प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) किसान हित में नीतिगत सुझाव तैयार करना।
(ख) कृषि संबंधी कानूनों एवं नीतियों का अध्ययन।

अधिकार:
(क) नीति ड्राफ्ट एवं प्रस्ताव जारी करना।

संरचना:
(क) नीति प्रमुख
(ख) विषय विशेषज्ञ

3. प्रदेश किसान अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) गंभीर एवं व्यापक किसान मामलों में हस्तक्षेप।
(ख) न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर प्रयास।

अधिकार:
(क) राज्य स्तरीय आंदोलन की अनुशंसा करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विधिक टीम

4. प्रदेश महिला किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) प्रदेश स्तर पर महिला किसान नीति निर्माण।
(ख) महिला किसान सम्मेलन एवं अभियान।

अधिकार:
(क) प्रतिनिधित्व एवं भागीदारी की मांग करना।

संरचना:
(क) अध्यक्ष
(ख) सचिव
(ग) सदस्य

5. प्रदेश युवा एवं छात्र किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) युवा किसान नेतृत्व का निर्माण।
(ख) प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम।

अधिकार:
(क) प्रदेशव्यापी अभियान चलाना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सह-संयोजक

6. प्रदेश मीडिया, आईटी एवं सोशल मीडिया प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) प्रदेश स्तरीय मीडिया रणनीति तैयार करना।
(ख) डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्रचार।

अधिकार:
(क) आधिकारिक सामग्री एवं वक्तव्य जारी करना।

संरचना:
(क) मीडिया प्रमुख
(ख) आईटी/डिजिटल टीम

7. प्रदेश आंदोलन एवं कार्यक्रम प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) प्रदेशव्यापी आंदोलनों की योजना एवं संचालन।
(ख) जिला इकाइयों के साथ समन्वय।

अधिकार:
(क) अनुमोदन उपरांत आंदोलन की घोषणा।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) रणनीतिक समिति

8. प्रदेश लेखा, ऑडिट एवं पारदर्शिता प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) प्रदेश स्तर पर वित्तीय नियंत्रण।
(ख) आंतरिक एवं बाह्य ऑडिट।

अधिकार:
(क) वित्तीय जांच एवं अनुशंसा।

संरचना:
(क) कोषाध्यक्ष
(ख) ऑडिटर

9. प्रदेश अनुशासन एवं जांच प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) संगठनात्मक अनुशासन सुनिश्चित करना।
(ख) शिकायतों की जांच।

अधिकार:
(क) अनुशासनात्मक कार्यवाही की सिफारिश।

संरचना:
(क) अध्यक्ष
(ख) जांच सदस्य

10. प्रदेश विशेष कार्य एवं आपात प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) किसान आपदा अथवा आपात संकट में त्वरित हस्तक्षेप।

अधिकार:
(क) विशेष निर्णय हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करना।

संरचना:
(क) प्रभारी
(ख) चयनित सदस्य

संविधानात्मक टिप्पणी

प्रत्येक प्रकोष्ठ अपने निर्धारित दायित्वों के अंतर्गत कार्य करेगा तथा राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ) के संविधान, बायलॉज, नीति, अनुशासन एवं राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति उत्तरदायी रहेगा।

संरचना:
(क) राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख
(ख) डिजिटल एवं आईटी टीम

9. राष्ट्रीय आंदोलन एवं कार्यक्रम प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रव्यापी आंदोलनों की योजना एवं संचालन।

अधिकार:
(क) राष्ट्रीय कार्यकारिणी की स्वीकृति से आंदोलन की घोषणा।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) रणनीतिक समिति

10. राष्ट्रीय लेखा, ऑडिट एवं पारदर्शिता प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय नियंत्रण एवं ऑडिट।

अधिकार:
(क) वित्तीय जांच एवं अनुशंसा।

संरचना:
(क) राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
(ख) ऑडिट समिति ब्लॉक / तहसील स्तरीय प्रकोष्ठ

(कार्य – अधिकार – संरचना)

1. ब्लॉक अध्यक्षीय प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) ब्लॉक/तहसील स्तर पर संगठन का नेतृत्व करना।
(ख) ग्राम इकाइयों एवं ब्लॉक स्तरीय प्रकोष्ठों का समन्वय करना।
(ग) ब्लॉक स्तर की बैठकों, कार्यक्रमों एवं आंदोलनों की अध्यक्षता करना।

अधिकार:
(क) ब्लॉक पदाधिकारियों को निर्देश जारी करना।
(ख) तात्कालिक परिस्थितियों में आवश्यक निर्णय लेना।
(ग) जिला इकाई को रिपोर्ट एवं प्रस्ताव भेजना।

संरचना:
(क) ब्लॉक अध्यक्ष
(ख) उपाध्यक्ष
(ग) विशेष आमंत्रित सदस्य

2. ब्लॉक संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) ग्राम स्तर पर संगठन विस्तार।
(ख) किसान सदस्यता अभियान।
(ग) ग्राम इकाइयों का गठन।

अधिकार:
(क) सदस्यता सत्यापन।
(ख) संगठनात्मक अनुशंसा।

संरचना:
(क) प्रभारी
(ख) सह-प्रभारी
(ग) सदस्य

3. ब्लॉक किसान अधिकार प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) किसानों की स्थानीय समस्याओं एवं उत्पीड़न मामलों में हस्तक्षेप।
(ख) तहसील एवं ब्लॉक प्रशासन से संवाद।

अधिकार:
(क) ज्ञापन प्रस्तुत करना।
(ख) प्रशासनिक जांच की मांग करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सदस्य

4. ब्लॉक कृषि समस्या समाधान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) फसल, सिंचाई, खाद-बीज से जुड़ी समस्याओं का संकलन।
(ख) संबंधित विभागों से समाधान हेतु संपर्क।

अधिकार:
(क) विभागीय अधिकारियों से बैठक की मांग।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विषय जानकार सदस्य

5. ब्लॉक महिला किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) महिला किसानों को संगठित करना।
(ख) सरकारी योजनाओं की जानकारी देना।

अधिकार:
(क) महिला किसान संबंधी मांग प्रस्तुत करना।

संरचना:
(क) अध्यक्ष
(ख) सदस्य

6. ब्लॉक युवा किसान प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) युवा किसानों को संगठन से जोड़ना।
(ख) प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम।

अधिकार:
(क) युवा कार्यक्रम आयोजित करना।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सदस्य

7. ब्लॉक मीडिया एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) स्थानीय स्तर पर संगठन की सूचना प्रसारित करना।
(ख) मीडिया एवं सोशल मीडिया से संवाद।

अधिकार:
(क) अधिकृत सूचना साझा करना।

संरचना:
(क) मीडिया प्रभारी
(ख) डिजिटल सहयोगी

8. ब्लॉक आंदोलन एवं कार्यक्रम प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) ब्लॉक स्तर पर धरना, प्रदर्शन एवं कार्यक्रमों का संचालन।

अधिकार:
(क) जिला अनुमोदन के अधीन आंदोलन का प्रस्ताव।

संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सदस्य

9. ब्लॉक लेखा एवं कोष प्रबंधन प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) ब्लॉक स्तर की आर्थिक गतिविधियों का लेखा।

अधिकार:
(क) वित्तीय अभिलेख संधारण।

संरचना:
(क) कोष प्रभारी

10. ब्लॉक स्वयंसेवक एवं अनुशासन प्रकोष्ठ

कार्य:
(क) अनुशासन एवं व्यवस्था संचालन।

अधिकार:
(क) अनुशासनात्मक सूचना देना।

संरचना:
(क) प्रभारी
(ख) स्वयंसेवकराष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)

किसान भविष्य निधि, कल्याण कोष एवं दैविक आपदा सहायता

: सहायता राशि की न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा

1 किसान भविष्य निधि / कल्याण कोष से सहायता प्रदान करते समय सहायता राशि की न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा निम्नानुसार निर्धारित की जाएगी—

(क) जिला स्तर पर

न्यूनतम सहायता राशि : ₹2,500/-

अधिकतम सहायता राशि : ₹10,000/-

स्वीकृति प्राधिकारी : जिला अध्यक्ष / जिला कार्यकारिणी

(ख) प्रदेश स्तर पर

न्यूनतम सहायता राशि : ₹10,001/-

अधिकतम सहायता राशि : ₹50,000/-

स्वीकृति प्राधिकारी : प्रदेश अध्यक्ष / प्रदेश कार्यकारिणी

(ग) राष्ट्रीय स्तर पर

न्यूनतम सहायता राशि : ₹50,001/-

अधिकतम सहायता राशि : ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये तक)

स्वीकृति प्राधिकारी : राष्ट्रीय अध्यक्ष / राष्ट्रीय कार्यकारिणी

: विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त सहायता

.1 अत्यंत गंभीर दैविक आपदा, सामूहिक कृषि नुकसान, अथवा असाधारण मानवीय संकट की स्थिति में राष्ट्रीय कार्यकारिणी—

निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक सहायता राशि, अथवा

चरणबद्ध (किस्तों में) सहायता

स्वीकृत करने हेतु सक्षम होगी।

2 इस प्रकार की विशेष सहायता का पूर्ण विवरण, कारण सहित, संगठन की विधिवत बैठक की कार्यवाही एवं अभिलेखों में दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा।

: सहायता राशि के भुगतान का स्वरूप

.1 सहायता राशि का भुगतान निम्नलिखित पारदर्शी माध्यमों से किया जाएगा—

बैंक हस्तांतरण

चेक

अथवा संगठन द्वारा अधिकृत अन्य डिजिटल/लेखा-परीक्षित माध्यम

.2 नकद भुगतान केवल अत्यंत आपात परिस्थितियों में, सीमित राशि तक, तथा विधिवत रसीद एवं अभिलेख के साथ ही किया जा सकेगा।

: सहायता राशि की समीक्षा एवं संशोधन अधिकार

.1 संगठन की आर्थिक स्थिति, कोष की उपलब्धता, तथा आपदाओं की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी को समय-समय पर सहायता राशि की सीमा में संशोधन करने का अधिकार होगा।

संवैधानिक टिप्पणी

सहायता राशि का निर्धारण संगठन की संवेदनशीलता, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन एवं सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के सिद्धांतों पर आधारित होगा। ====राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
विधिक / न्याय प्रकोष्ठ
पदों की सूची एवं संरचना
राष्ट्रीय स्तर – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय मुख्य विधिक सलाहकार

राष्ट्रीय अध्यक्ष – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय महासचिव – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय सचिव – विधिक सहायता

राष्ट्रीय सचिव – किसान अधिकार एवं कानून जागरूकता

राष्ट्रीय प्रवक्ता – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय विधिक अनुसंधान प्रमुख

राष्ट्रीय जनहित याचिका (PIL) समन्वयक

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं संवैधानिक समन्वयक

राष्ट्रीय न्यायिक समन्वयक (न्यायालय एवं अधिवक्ता संपर्क)

राष्ट्रीय विधिक प्रशिक्षण एवं कार्यशाला प्रभारी

राष्ट्रीय आरटीआई एवं सूचना अधिकार प्रभारी

राष्ट्रीय अनुशासनात्मक एवं विधिक अनुश्रवण अधिकारी

राष्ट्रीय विधिक प्रकोष्ठ सदस्य (आवश्यकतानुसार)राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
विधिक / न्याय प्रकोष्ठ
पदों की सूची एवं संरचना
प्रदेश स्तर – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

प्रदेश मुख्य विधिक सलाहकार

प्रदेश अध्यक्ष – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

प्रदेश उपाध्यक्ष – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

प्रदेश महासचिव – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

प्रदेश सचिव – विधिक सहायता

प्रदेश सचिव – किसान अधिकार एवं कानून जागरूकता

प्रदेश प्रवक्ता – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

प्रदेश विधिक अनुसंधान प्रभारी

प्रदेश जनहित याचिका (PIL) समन्वयक

प्रदेश मानवाधिकार एवं संवैधानिक समन्वयक

प्रदेश न्यायिक समन्वयक (उच्च/जिला न्यायालय संपर्क)

प्रदेश विधिक प्रशिक्षण एवं कार्यशाला प्रभारी

प्रदेश आरटीआई एवं सूचना अधिकार प्रभारी

प्रदेश अनुशासनात्मक एवं विधिक अनुश्रवण अधिकारी

प्रदेश विधिक प्रकोष्ठ सदस्य (आवश्यकतानुसार)

प्रदेश स्तर की भूमिका (संक्षेप)

प्रदेश विधिक / न्याय प्रकोष्ठ राज्य स्तर पर किसानों से जुड़े कानूनी मामलों, न्यायालयीन समन्वय, जनहित याचिकाओं, विधिक प्रशिक्षण तथा जिला इकाइयों के मार्गदर्शन का कार्य करेगा।

जिला स्तर – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

जिला विधिक सलाहकार

जिला अध्यक्ष – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

जिला उपाध्यक्ष – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

जिला महासचिव – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

जिला सचिव – विधिक सहायता

जिला सचिव – किसान अधिकार एवं कानून जागरूकता

जिला प्रवक्ता – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ

जिला न्यायालय समन्वयक

जिला मानवाधिकार एवं संवैधानिक प्रभारी

जिला आरटीआई एवं अभिलेख प्रभारी

जिला विधिक प्रशिक्षण / जागरूकता प्रभारी

जिला विधिक प्रकोष्ठ सदस्य (आवश्यकतानुसार)

जिला स्तर की भूमिका (संक्षेप)

जिला विधिक / न्याय प्रकोष्ठ का दायित्व किसानों को प्राथमिक विधिक सहायता उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रशासन एवं न्यायालयों में समन्वय स्थापित करना, तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करना होगाराष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
विधिक / न्याय प्रकोष्ठ
कार्य, अधिकार एवं उत्तरदायित्व
धारा 56 : राष्ट्रीय स्तर – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ के कार्य, अधिकार एवं उत्तरदायित्व
1 कार्य (Functions)

(क) किसानों से संबंधित राष्ट्रीय महत्व के विधिक, संवैधानिक एवं मानवाधिकार मामलों का मार्गदर्शन एवं संचालन।
(ख) उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों तथा राष्ट्रीय आयोगों में संगठन की ओर से विधिक रणनीति तैयार करना।
(ग) जनहित याचिकाओं (PIL) की पहचान, स्वीकृति, समन्वय एवं पर्यवेक्षण।
(घ) किसान कानूनों, नीतियों एवं संवैधानिक प्रावधानों पर विधिक अनुसंधान एवं विश्लेषण।
(ङ) संगठन के राष्ट्रीय निर्णयों, आंदोलनों एवं घोषणाओं को संवैधानिक रूप से वैध बनाने हेतु विधिक परामर्श देना।
(च) प्रदेश एवं जिला विधिक प्रकोष्ठों का मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं निगरानी।

2 अधिकार (Powers)

(क) संगठन की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर विधिक अभिमत (Legal Opinion) जारी करने का अधिकार।
(ख) विशेष मामलों में वरिष्ठ अधिवक्ताओं, विधि विशेषज्ञों एवं संस्थानों से सहयोग लेने का अधिकार।
(ग) अत्यंत गंभीर मामलों में प्रदेश/जिला इकाइयों को निर्देश जारी करने का अधिकार।
(घ) राष्ट्रीय कार्यकारिणी की स्वीकृति से विशेष विधिक समितियों का गठन करने का अधिकार।

.3 उत्तरदायित्व (Responsibilities)

(क) संगठन की प्रत्येक विधिक कार्रवाई को संविधान एवं कानून के दायरे में सुनिश्चित करना।
(ख) सभी महत्वपूर्ण मामलों का विधिवत अभिलेख एवं रिपोर्ट राष्ट्रीय कार्यकारिणी को प्रस्तुत करना।
(ग) विधिक प्रकोष्ठ की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं अनुशासन बनाए रखना।

: प्रदेश स्तर – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ के कार्य, अधिकार एवं उत्तरदायित्व
.1 कार्य (Functions)

(क) राज्य स्तर पर किसानों से जुड़े विधिक मामलों का समन्वय एवं निगरानी।
(ख) उच्च न्यायालय, राज्य आयोगों एवं न्यायिक मंचों में मामलों की तैयारी एवं संचालन।
(ग) जिला इकाइयों से प्राप्त मामलों का परीक्षण कर आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराना।
(घ) राज्य सरकार की नीतियों, आदेशों एवं कानूनों का विधिक विश्लेषण कर संगठन को अवगत कराना।
(ङ) विधिक जागरूकता शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशालाओं का आयोजन।

.2 अधिकार (Powers)

(क) प्रदेश स्तर पर विधिक नोटिस, अभ्यावेदन एवं याचिकाओं को अनुमोदित करने का अधिकार।
(ख) आवश्यकतानुसार जिला विधिक प्रकोष्ठों को दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार।
(ग) राज्य स्तर पर अधिवक्ताओं एवं विधि विशेषज्ञों के पैनल का गठन करने का अधिकार।

.3 उत्तरदायित्व (Responsibilities)

(क) राष्ट्रीय विधिक प्रकोष्ठ के निर्देशों का पालन एवं क्रियान्वयन।
(ख) सभी प्रमुख मामलों की नियमित रिपोर्ट राष्ट्रीय स्तर को भेजना।
(ग) जिला स्तर पर विधिक कार्यों की गुणवत्ता एवं अनुशासन सुनिश्चित करना।

: जिला स्तर – विधिक / न्याय प्रकोष्ठ के कार्य, अधिकार एवं उत्तरदायित्व
.1 कार्य (Functions)

(क) किसानों को प्राथमिक विधिक सहायता, परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान करना।
(ख) तहसील, जिला न्यायालय, प्रशासनिक कार्यालयों एवं पुलिस स्तर पर समन्वय स्थापित करना।
(ग) स्थानीय स्तर पर किसानों के अधिकारों के उल्लंघन की पहचान एवं दस्तावेजीकरण।
(घ) आरटीआई, शिकायत, आवेदन एवं अभ्यावेदन तैयार करने में सहायता करना।
(ङ) विधिक जागरूकता एवं कानून शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन।

.2 अधिकार (Powers)

(क) जिला स्तर पर सीमित विधिक सहायता एवं अभ्यावेदन जारी करने का अधिकार।
(ख) गंभीर मामलों को प्रदेश विधिक प्रकोष्ठ को संदर्भित करने का अधिकार।
(ग) स्थानीय अधिवक्ताओं एवं विधि स्वयंसेवकों से सहयोग लेने का अधिकार।

.3 उत्तरदायित्व (Responsibilities)

(क) प्रत्येक मामले का विधिवत अभिलेख, रसीद एवं रिपोर्ट तैयार रखना।
(ख) संगठन की प्रतिष्ठा, अनुशासन एवं संवैधानिक मर्यादा बनाए रखना।
(ग) किसी भी विधिक कार्रवाई में व्यक्तिगत या राजनीतिक दुरुपयोग से बचना।                                                                     ==राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
सदस्यता शुल्क एवं आजीवन सदस्यता नियम
अध्याय – सदस्यता के प्रकार

संगठन में निम्नलिखित प्रकार की सदस्यता होगी—

सामान्य सदस्य

सक्रिय सदस्य

आजीवन सदस्य

मानद सदस्य

: सामान्य सदस्यता
.1 योग्यता

(क) 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी किसान अथवा किसान हितैषी व्यक्ति।
(ख) संगठन के संविधान, उद्देश्यों एवं विचारधारा में आस्था रखने वाला व्यक्ति।

.2 सदस्यता शुल्क

₹100/- (एक सौ रुपये) प्रति वर्ष।

.3 अधिकार

(क) संगठन की सामान्य बैठकों में भाग लेने का अधिकार।
(ख) संगठन को सुझाव एवं शिकायत प्रस्तुत करने का अधिकार।

.4 सीमाएं

(क) मतदान का अधिकार नहीं होगा।
(ख) किसी भी पदाधिकारी पद अथवा निर्णायक समिति का सदस्य बनने का अधिकार नहीं होगा।

: सक्रिय सदस्यता
.1 योग्यता

(क) न्यूनतम एक वर्ष का सामान्य सदस्य अनुभव।
(ख) संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी।

.2 सदस्यता शुल्क

₹300/- (तीन सौ रुपये) प्रति वर्ष।

.3 अधिकार

(क) संगठनात्मक निर्वाचन में मतदान का अधिकार।
(ख) पदाधिकारी चयन एवं निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी।
(ग) विभिन्न प्रकोष्ठों/समितियों का सदस्य बनने की पात्रता।

: आजीवन सदस्यता (Life Membership)
.1 योग्यता

(क) संगठन की विचारधारा एवं उद्देश्यों में पूर्ण आस्था।
(ख) किसान हित में निरंतर एवं सक्रिय योगदान।

.2 एकमुश्त शुल्क

₹5,100/- (पाँच हजार एक सौ रुपये मात्र)।
उक्त राशि को राष्ट्रीय अथवा प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा समय-समय पर संशोधित किया जा सकेगा।

.3 सदस्यता अवधि

आजीवन, अर्थात जब तक संगठन अस्तित्व में रहेगा।

.4 अधिकार

(क) स्थायी मतदान का अधिकार।
(ख) संगठन के किसी भी पद अथवा प्रकोष्ठ में नियुक्ति की पात्रता।
(ग) राष्ट्रीय एवं प्रदेश अधिवेशनों में भागीदारी का अधिकार।

.5 विशेष सुविधाएं

(क) आजीवन सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
(ख) संगठनात्मक दायित्वों में प्राथमिकता दी जा सकेगी।

: मानद सदस्यता
.1 योग्यता

(क) किसान हित में विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्ति।
(ख) सामाजिक, शैक्षणिक, विधिक अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति।
.2 शुल्क

कोई सदस्यता शुल्क देय नहीं होगा।

.3 अधिकार

(क) संगठन को परामर्श एवं सुझाव देने का अधिकार।
(ख) मतदान अथवा निर्णयात्मक अधिकार प्राप्त नहीं होगा।
– सदस्यता से संबंधित सामान्य नियम
: सामान्य प्रावधान

.1 सभी सदस्य संगठन के संविधान, उपविधियों एवं अनुशासनात्मक नियमों के अधीन होंगे।
.2 सदस्यता शुल्क का विधिवत रसीद एवं अभिलेख रखना अनिवार्य होगा।
.3 एक बार जमा की गई सदस्यता राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी।
.4 निर्धारित अवधि में सदस्यता नवीनीकरण न होने की स्थिति में सदस्य के अधिकार स्वतः स्थगित/समाप्त हो सकते हैं।
.5 अनुशासनहीनता अथवा संगठन विरोधी गतिविधि की स्थिति में सदस्यता निलंबित अथवा समाप्त की जा सकती है।

 सदस्यता समाप्ति
: सदस्यता समाप्ति के आधार

सदस्यता निम्नलिखित परिस्थितियों में समाप्त की जा सकती है—

(क) स्वयं लिखित त्यागपत्र देने पर।
(ख) संगठन विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर।
(ग) अनुशासन समिति की संस्तुति एवं सक्षम कार्यकारिणी के निर्णय पर।

विशेष संवैधानिक प्रस्ताव

संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी कम-से-कम सक्रिय सदस्य अथवा आजीवन सदस्य होना अनिवार्य होगा।

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