प्रशासन कागज में प्रदूषण मुक्त क्षेत्र बनाने में सफल


गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र में गैलेंट इस्पात, जालान(अंकुरउद्योग)और आईजीएल एवं गीडा की अन्य  फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और राख व गंदा पानी से किसानों की फसलों एवं आमी नदी को पूर्ण रूप से प्रदूषित की हैं। तथा 
स्थानीय लोगों की जिंदगी दूभर कर दी है। इन फैक्ट्रियों से उत्सर्जित प्रदूषण न केवल स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है, बल्कि घरों पर राख जमा होने से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रदूषण के कारण सांस की बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव रामनाथ यादव ने इस गंभीर समस्या पर चिंता जताई है और सरकार से अपील की है कि प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों को पर्यावरण मानकों का पालन करना चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।यह मामला केवल स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है। लगातार बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से क्षेत्र की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे आसपास के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि फैक्ट्रियों पर सख्त निगरानी रखी जाए और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उम्मीद है कि शासन जल्द इस समस्या का समाधान करेगा और लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।