खेरागढ़ (आगरा)। बाजरा खरीद केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को किसानों का धैर्य जवाब दे गया।


खेरागढ़ (आगरा)। बाजरा खरीद केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर गुरुवार को किसानों का धैर्य जवाब दे गया। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान अधिकारियों और किसानों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई।
रजिस्टर दिखाने पर अड़े किसान, मचा हंगामा धरना स्थल पर बुलाए गए मार्केटिंग इंस्पेक्टर (MI) को जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने किसानों की समस्याओं से रूबरू कराया। माहौल तब गरमा गया जब किसानों ने पारदर्शिता की मांग करते हुए खरीद रजिस्टर दिखाने को कहा। अधिकारियों द्वारा रजिस्टर न दिखाए जाने पर किसान भड़क गए और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए।
बायोमेट्रिक सत्यापन न होने से अटका भुगतान किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रों पर बाजरा की तुलाई तो कर ली गई है, लेकिन अभी तक बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) नहीं कराया गया है। इसके चलते सरकारी पोर्टल पर खरीद दर्ज नहीं हो पा रही और किसानों का भुगतान अधर में लटका हुआ है। किसान पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, ऊपर से भुगतान न मिलने से उनके सामने परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया है।टोकन होने के बावजूद नहीं हो रही तुलाई प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि उनके पास वैध टोकन मौजूद हैं, लेकिन केंद्र प्रभारी बार-बार चक्कर लगवा रहे हैं। आरोप है कि मिलीभगत के चलते चहेतों का बाजरा पहले तौला जा रहा है, जबकि आम किसान कड़ाके की ठंड में अपनी बारी का इंतजार कर रहा है।जब तक समाधान नहीं, तब तक हटेगा नहीं धरना: लवानिया भाकियू जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक हर किसान के बाजरे की तुलाई सुनिश्चित नहीं होती और बायोमेट्रिक सत्यापन का समाधान नहीं किया जाता, तब तक किसान एसडीएम कार्यालय से नहीं हटेंगे।

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