लखीमपुर के युवा वैज्ञानिक Muneer Khan ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें IEEE Computing की ओर से Top 30
लखीमपुर के युवा वैज्ञानिक Muneer Khan ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें IEEE Computing की ओर से Top 30
लखनऊ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र इटौंजा में रेलवे स्टेशन की बहाली को लेकर एक बार फिर बड़ा जनआंदोलन खड़ा होता नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता दीपक शुक्ला उर्फ तिरंगा महाराज
*इटौंजा रेलवे स्टेशन की बहाली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इटौंजा रेलवे स्टेशन बनाने की मांग, 14 जनवरी से आंदोलन का ऐलान*
*“अतीत का विकसित स्टेशन आज नशेड़ियों का अड्डा बन गया” – तिरंगा महाराज*
लखनऊ उत्तर
एक तरफ जहां सरकार विकास के लिए करोड़ों का बजट लाती है और जनता के लिए तमाम सरकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है वहीं पर लखनऊ की बीकेटी विधानसभा का इटौंजा क्षेत्र विकास के नाम पर पिछड़ता ही चला जा रहा है यहां पर समस्याओं की भरमार है भाजपा कार्यकर्ता तिरंगा महाराज लगातार क्षेत्र की मांगों को उठा रहे हैं और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं इसी कड़ी में तिरंगा महाराज एक बार फिर से क्षेत्र की महत्वपूर्ण मांग इटौंजा रेलवे स्टेशन बनाने को लेकर आगे आए हैं और इटौंजा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और वहां की बदहाल व्यवस्था को वीडियो के माध्यम से दिखाया और आंदोलन का ऐलान कर दिया
लखनऊ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र इटौंजा में रेलवे स्टेशन की बहाली को लेकर एक बार फिर बड़ा जनआंदोलन खड़ा होता नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता दीपक शुक्ला उर्फ तिरंगा महाराज ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इटौंजा को पुनः पूर्ण रेलवे स्टेशन का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 14 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
*बदहाली पर आंसू बहाता इटौंजा रेल पड़ाव*कभी यात्रियों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला इटौंजा रेलवे स्टेशन आज वीरानी, अंधेरे और अव्यवस्था की कहानी कह रहा है। मीटर गेज के दौर में यह स्टेशन आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा था। शिक्षक, छात्र, वकील, पत्रकार, व्यापारी, दुग्ध व्यवसायी, मजदूर और मरीज—हर वर्ग के लोगों की उम्मीदें इस स्टेशन से जुड़ी थीं। सुबह से दोपहर तक यात्रियों की भीड़ और शाम को लौटती रौनक इटौंजा की पहचान हुआ करती थी।लेकिन मीटर गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तन के दौरान रेलवे विभाग ने स्टेशन का दर्जा समाप्त कर इसे रेलवे हाल्ट में बदल दिया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के विरोध के बावजूद यह फैसला लागू हुआ। इसके बाद इटौंजा की रेल रौनक मानो छिन गई।
*नशेड़ियों और आवारा पशुओं का अड्डा*आज स्थिति यह है कि गिनी-चुनी ट्रेनों के समय को छोड़ दें तो रेल पड़ाव पूरी तरह सुनसान रहता है। स्टेशन परिसर में शराब और नशे से जुड़े पाउच पड़े रहते हैं। शाम ढलते ही अंधेरा और भय का माहौल बन जाता है। बंदर, कुत्ते और आवारा पशु यहां डेरा जमाए रहते हैं। कई बार इनके झुंडों के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
*उजड़ती रेलवे कॉलोनी, जर्जर सरकारी आवास*
रेल पड़ाव के पीछे बनी रेलवे कॉलोनी भी बदहाली की मार झेल रही है। दर्जन भर से अधिक सरकारी रेलवे क्वार्टर जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। अधिकांश आवास खाली पड़े हैं। रात के समय यहां खामोशी और असुरक्षा का माहौल रहता है। रख-रखाव के अभाव में पूरा इलाका उपेक्षा का प्रतीक बन गया है।स्थानीय नागरिकों द्वारा पूर्व में किए गए आंदोलनों के बाद रेल प्रशासन ने इटौंजा को क्रॉसिंग रेलवे स्टेशन बनाए जाने का आश्वासन दिया था। पूर्व सांसद कौशल किशोर द्वारा भी इस संबंध में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे गए। करीब दो वर्ष पहले घोषणा जरूर हुई, लेकिन आज तक जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं दिखी।स्टेशन से जुड़ी सड़कें भी बदहाल*बीजेपी कार्यकर्ता तिरंगा महाराज का जन आंदोलन एलान*सोशल ऐक्टिविस्ट तिरंगा महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारें बदलती रहीं, लेकिन इटौंजा का भाग्य नहीं बदला। घोषणाएं बहुत हुईं, काम नहीं हुआ। जब तक इटौंजा रेलवे स्टेशन नहीं बनेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। *जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने पर इटौंजा पुलिस लिखती है झूठे मुकदमे*तिरंगा महाराज क्षेत्र की समस्याओं को मुखर होकर उठाते रहते हैं और कभी पत्र के माध्यम से तो कभी धरना प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हैं जिस पर ध्यान न दे कर इटौंजा पुलिस द्वारा उन पर ही झूठे मुकदमे लिखे जाते हैंतिरंगा महाराज ने कहा झूठे मुकदमे चाहे जितने लिखे जाएं, पर जनता की आवाज दबेगी नहीं। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर को लिखित ज्ञापन सौंपा जाएगा और यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 14 जनवरी से जन आंदोलन शुरू होगा और जब तक स्टेशन बनेगा नहीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा
*क्षेत्रीय नागरिकों में भारी आक्रोश*इटौंजा क्षेत्र के नागरिकों में स्टेशन न बनने को लेकर भारी रोष है। आंदोलन में मदन मोहन मिश्रा, आलोक पाण्डेय, अनुराग अवस्थी बालक राम, दिनेश कुमार, राधेश्याम गुप्ता, चंद्रशेखर, दिनेश कश्यप, सुधाकर अवस्थी, अजीत शर्मा कपिल मिश्रा आदि सहित तमाम लोग पहले भी अनशन और आंदोलन कर चुके हैं। नागरिकों का कहना है कि नेता केवल वादे करते हैं, जमीन पर कुछ नहीं दिखता।*रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अपील*
सोशल ऐक्टिविस्ट तिरंगा महाराज और क्षेत्रवासियों ने सांसद और विधायक से अपील की है कि इटौंजा की वर्षों पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए रेलवे स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराई*जनता का समर्थन*तिरंगा महाराज द्वारा चलाई जा रही मुहिम को क्षेत्रीय जनता का समर्थन मिल रहा हे क्षेत्र के नागरिकों का एकजुट होकर आवाज़ उठाना स्टेशन का महत्व नजर आ रहा है।अब देखने वाली बात होगी सरकार क्या निर्णय लेती है क्या तिरंगा महाराज की मांग मानती है या होगा कोई बड़ा जन आंदोलन
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भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।
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