विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से शुरू होगा। मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी शीतकालीन सत्र केवल चार दिन यानी 24 दिसंबर तक चलने की संभावना है। सरकार, अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर 22 दिसंबर को


विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर से शुरू होगा। मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी शीतकालीन सत्र केवल चार दिन यानी 24 दिसंबर तक चलने की संभावना है। सरकार, अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर 22 दिसंबर को अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। सरकार की कोशिश पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का संदेश देने की है। विधानमंडल का मानसून सत्र अगस्त में हुआ था। इसके बाद से अब तक प्रदेश सरकार आठ अध्यादेश ला चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश पेंशन की हकदारी तथा विधिमान्यकरण अध्यादेश, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रविधानों का संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) अध्यादेश व उत्तर प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश शामिल हैं।सरकार इनसे संबंधित विधेयक भी शीतकालीन सत्र में लाने की तैयारी कर ली है। इनके अलावा तीन से चार नए विधेयक विधेयक व संकल्प लाने की तैयारी है। सदन का पहला दिन 19 दिसंबर को शोक प्रकट कर स्थगित हो जाएगा। मऊ की घोसी विधान सभा सीट के सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन 20 नवंबर को हुआ है। 20 व 21 दिसंबर को शनिवार व रविवार का अवकाश रहेगा। सोमवार 22 दिसंबर को अनुपूरक बजट पेश करने के साथ ही विधेयक भी रखे जाएंगे। सत्र 24 दिसंबर तक चलने की संभावना है। सत्र के दौरान सदन में सरकार संभल में नवंबर 2024 में हुई हिंसा की न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी पेश कर सकती है।

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