महमूदाबाद गल्ला मंडी क्षेत्र में धान खरीद के दौरान किसानों के साथ हो रही अनियमितताओं और शोषण के खिलाफ राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने गंभीर आरोप लगाते हुए तहसीलदार महमूदाबाद को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।


किसानों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को नजदीकी केंद्रों पर एमएसपी पर धान बेचने की सुविधा देना है, परंतु जमीनी स्तर पर ठेकेदारों और केंद्र कर्मचारियों द्वारा खुलेआम भ्रष्टाचार और मनमानी की जा रही है।
रिश्वतखोरी और धांधली का खुला खेल, 200–250 रुपये प्रति कुंतल तक वसूली
संगठन का आरोप है कि कई क्रय केंद्रों पर कर्मचारियों द्वारा किसानों के धान में मनमानी कमी निकालकर 200 से 250 रुपये प्रति कुंतल तक की उगाही की जा रही है।
कागजी कार्यवाही में लापरवाही, भुगतान में देरी और फर्जीवाड़े की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। किसानों ने कहा कि केंद्रों पर बैठे कर्मचारी गरीब किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर खुलेआम धन वसूल रहे हैं।
शमशाबाद क्रय केंद्र पर किसानों से उगाही का संगीन आरोप
न्याय पंचायत भुड़कुड़ा स्थित साधन सहकारी समिति, शमशाबाद केंद्र पर हालात सबसे अधिक चिंताजनक दिखे।
किसान विजय कुमार पुत्र दीनदयाल निवासी चांदपुर सेठ ने बताया कि जब वे धान लेकर पहुंचे तो कर्मचारी मनोज कुमार ने धान को “मानक विहीन”बताते हुए खरीदने से इनकार कर दिया। बाद में ₹250 प्रति कुंतल लेकर खरीदने की बात कही गई।

किसान विजय कुमार के 62 कुंतल धान के बदले कुल ₹15,500 की मांग की गई।
जिसमें से ₹9,000 ऑनलाइन गौतम तिवारी के खाते में भेजे गए और ₹6,500 नगद दिए गए। इसके बाद ही तौल प्रक्रिया शुरू की गई।
टोकन मिलने के बावजूद 8 दिन तक ट्रॉली खड़ी, किसान मजबूर होकर मंडी पहुंचे
इसी केंद्र पर किसान अमर सिंह पुत्र श्रीराम निवासी नरापुर ने बताया कि उन्हें समिति सचिव द्वारा टोकन तो दे दिया गया, लेकिन 8 दिन तक ट्रॉली खड़ी रहने के बाद भी खरीद नहीं हुई। परेशानी और अनिश्चितता से त्रस्त होकर उन्हें धान लेकर मंडी जाना पड़ा।
किसानों ने कहा कि यह मनमानी साफ तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का संकेत है, जिसका खामियाजा मेहनतकश किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
सभी केंद्रों पर जांच की मांग, संगठन ने जताई कड़ी नाराजगी
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने कहा कि यह केवल एक केंद्र की बात नहीं है, बल्कि जिले के अधिकांश धान क्रय केंद्रों की स्थिति लगभग ऐसी ही है। यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आएगा। संगठन ने इसे “किसान हितों के साथ खुला खिलवाड़” बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
किसान नेताओं ने कहा— भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
ज्ञापन सौंपने वालों में
शिवकुमार, नितिन कुमार, विजय कुमार, ओमप्रकाश, प्रकाश, हनुमान प्रसाद, राहुल कुमार, अनूप चंद्र सहित संगठन के कई सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।

संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा —
“धान खरीद में हो रहे भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के शोषण पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।”

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