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हंसराज वर्मा
दिल्ली इफको मुख्यालय में शालिनी सिंह पटेल की हाई-लेवल मुलाकात; बुंदेलखंड में खाद संकट पर सौंपा मांगपत्र, प्लांट और मिनी केंद्र खोलने की मांग राष्ट्रीय मुद्दा बनी
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में लगातार बिगड़ते खाद संकट ने अब राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इसी गंभीर स्थिति को लेकर जेडीयू उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने इफको (IFFCO) मुख्यालय नई दिल्ली में आल इंडिया मार्केटिंग डायरेक्टर योगेंद्र कुमार से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की त्रासदी को विस्तार से रखते हुए उन्हें एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि कई जिलों में किसान खाद लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, जिससे धक्का-मुक्की, अव्यवस्था और लाठीचार्ज जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। यह न केवल किसानों की बदहाली को दिखाता है बल्कि प्रदेश की कृषि व्यवस्था पर गहरा सवाल भी खड़ा करता है। शालिनी सिंह पटेल ने मुलाकात में बुंदेलखंड क्षेत्र की समस्या को सबसे गंभीर बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में खाद का संकट हर सीजन किसानों को भारी नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बुंदेलखंड में इफको का स्वतंत्र प्लांट स्थापित किया जाना अत्यावश्यक है ताकि समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो सके और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हों। उन्होंने इफको अधिकारियों के सामने यह भी प्रस्ताव रखा कि हर पाँच किलोमीटर की परिधि में ग्रामीण मिनी इफको केंद्र स्थापित किए जाएँ, जिन्हें स्थानीय युवाओं को संचालित करने दिया जाए। इससे किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री नजदीक उपलब्ध होगी तथा लंबे समय से चली आ रही उपलब्धता संबंधी समस्याएँ खत्म होंगी। खाद वितरण में अनियमितताओं, कालाबाज़ारी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उन्होंने निगरानी तंत्र, डिजिटल ट्रैकिंग और एक समर्पित शिकायत पोर्टल/हेल्पलाइन शुरू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पारदर्शी व्यवस्था ही किसानों को राहत दे सकती है। शालिनी सिंह पटेल ने आगे सुझाव दिया कि मिनी केंद्रों की स्थापना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, खादी ग्रामोद्योग और विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से की जाए ताकि ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता का विस्तार हो सके और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें। उन्होंने इफको नेतृत्व से अपेक्षा जताई कि संस्था किसानों की रीढ़ होने के नाते तत्काल प्रभाव से कदम उठाएगी और बुंदेलखंड सहित पूरे उत्तर प्रदेश में खाद उपलब्धता को सुचारू करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उनकी यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है और किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है।
गिरजा शंकर अवस्थी/अब तक न्याय
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हंसराज वर्मा
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