आरोग्य मेले में हुआ दो सौ (२००)से अधिक पशुओं का उपचार। पिपरौली।
गोरखपुर,थाना गीडा,विकासखंड पिपरौली
सामाजिक सेवा का जुनून सर चढ़कर बोल रहा है युवा नेता पर
गोरखपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि अगर आपके पास अधिक संपत्ति और पैसा हो तो समाज हित के लिए ऐसा कार्य करें जिससे लोगों को फायदा पहुंचे, शरीर से जान निकल जाने के बाद इंसान की सब दौलत यही दुनिया में रह जाती है अगर वापस उसके साथ जाती है तो उसका अच्छा एखलाक व्यवहार और कार्य होता है जो उसकी कर्मों के हिसाब के समय उसकी मदद करता है। पैसा तो बहुत से लोग कमाते हैं लेकिन सिर्फ वह अपने लिए और अपने परिवार के लिए लेकिन जो दूसरों पर खर्च करें उसी को ही इंसानियत कहते हैं इस मतलबी दुनिया में इंसानियत का काम कर रहे युवा नेता नवाब फारूख अशरफ के सिर पर समाज सेवा का ऐसा जुनून सवार है जो उनके पुरखों की विरासत रही है उनके पिता पूर्व पार्षद अशरफ अली भी अपने जीवन में बहुत से लोगों की मदद की और आज भी बदस्तूर जारी है उनके नक्शे कदम पर चल रहे बेटे नवाब फारूख अशरफ भी कहां पीछे रहने वाले हैं वह तो एक कदम आगे रहते हैं जब उनकी गाड़ी सड़क पर दौड़ती है तो लोग उन्हें बड़ी हसरत भरी निगाह से देखते हैं की नवाब साहब आए हैं तो कुछ ना कुछ जरूर लाये होंगे जैसे ही गाड़ी का पहिया रुकता है लोगों की भीड़ दौड़कर उनके पास पहुंचती है और वह अपने हाथों से जरूरतमंदों को ब्रेड दूध अन्य सामान देते हैं यह सिलसिला पिछले कई सालों से लगातार वह कर रहे हैं ।
मीडिया से बात करते हुए नवाब फारूख अशरफ ने कहा कि वह इंसान ही क्या जो इंसान के काम ना आए और इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है मैंने मंदिर मस्जिद के बाहर खड़े लोगों की मदद की जो लोग अपने ईश्वर खुदा भगवान के दरबार पर खड़े रहते हैं की कोई अल्लाह का बंदा आएगा उनकी मदद करेगा। अल्लाह अपने बंदों को ऐसी लोगों के पास खुद-ब-खुद ही भेजता है कि जो जरूरतमंद है उनकी मदद करें मदद करके दिल को बहुत सुकून मिलता है यह मैंने अपने पूर्वजों से सीखा है धर्म जाति मजहब के बंधन को तोड़कर इंसानियत का पैगाम मैंने सिखाया और वही पैगाम दूसरों तक पहुंचाने का काम करता हूं बिना भेदभाव के हर किसी की मदद करता हूं।
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