‘*मौत की मुनाफाखोरी’! बिना डॉक्टर के चल रहीं फर्जी पैथोलॉजी—नौसिखियों के हाथों में,मरीजों की ज़िंदगी से खिलवाड़*


गोरखपुर   सहजनवां तहसील क्षेत्र के पिपरौली, जैतपुर,पाली में अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर धड़ल्ले से कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं। बिना किसी मानक, बिना लाइसेंस और बिना योग्य पैथोलॉजिस्ट के ये सेंटर खुलेआम मरीजों की सेंहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन सेंटरों पर टेक्नीशिय नहीं और नौसीखिए लड़के खून निकालने से लेकर जांच रिपोर्ट तक तैयार करते हैं। जांच के नाम पर मनमानी वसूली होती है, जबकि रिपोर्टों पर फर्जी हस्ताक्षर और नकली मोहर लगाकर मरीजों को रोजाना गुमराह किया जा रहा है।सूत्र बताते हैं कि पिपरौली में स्थिति कार्तिक पैथोलॉजी समेत कई सेंटर बिना किसी अधिकृत पैथोलॉजिस्ट के संचालित किए जा रहे हैं। खास बात यह कि खून निकालने, टेस्ट करने और अल्ट्रासाउंड तक कराने वाले ज्यादातर लोग प्रशिक्षित भी नहीं हैं जो सीधे तौर पर मेडिकल नियमों की धज्जियाँ उड़ाते है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई से क्यों कतरा रहा है?
कई बार शिकायतें होने के बावजूद विभाग की चुप्पी संदेहों को और गहरा कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना योग्य चिकित्सक और बिना लाइसेंस चल रहीं ये लैब सीधे-सीधे मरीजों की जिंदगी के साथ जानलेवा खेल-खेल रही हैं।
जिले के जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी और कार्रवाई नही होने से इन अवैध सेंटरों के हौसले बुलंद  हैं। गांव-क्षेत्र के लोग अब जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि इस “फर्जी पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच कर कारोबार” पर रोक लग सके।

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