अराजकता से इकट्ठा अकूत संपत्ति का दावा फिर भी अभी तक नहीं पहुंच सके ई डी के जिम्मेदार


सीतापुर। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक जनपद सीतापुर का एक ऐसा  विकासखंड पहला है  जहां पर भ्रष्टाचार की सारी हदें पार हो चुकी हैं। एक साधारण जूनियर इंजीनियर (ग्रामीण अवर अभियंता )पद पर कई वर्षों से पहला ब्लॉक में स्थिर सुंदर लाल वर्मा द्वारा अराजकता से अकूत संपत्ति इकट्ठा करने का दावा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार से जुड़े और भी कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। पहला ब्लांक पारा परसादीपुर निवासी सतीश चंद्र पुत्र छोटकन्ने उम्र 48 वर्ष द्वारा शपथ पत्र देकर राष्ट्रहित के लिए उच्च अधिकारियों से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत की गई है। शपथ पत्र में दिए गए बिंदुओं से संबंधित साक्ष्य भी शपथ करता द्वारा एकत्रित किए गए है।
- आय से अधिक संपत्ति: सतीश यादव ने आरोप लगाया है कि जे ई सुंदर लाल वर्मा ने अपनी आय से अधिक संपत्ति बनाई है, जिसमें सोने-चांदी के आभूषणों की दुकान और कई आलीशान मकान शामिल हैं।
- 100 बीघा से अधिक जमीन: सतीश यादव ने दावा किया है कि सुंदर लाल वर्मा के पास 100 बीघा से अधिक जमीन है, जिसके कागजात उन्होंने जिला अधिकारी सीतापुर को सौंप दिए हैं।
- नियम विरुद्ध तैनाती: सतीश यादव ने बताया कि सुंदर लाल वर्मा 27 वर्षों से एक ही ब्लॉक में कार्यरत हैं, जो कि सेवा नियमों के विरुद्ध है।

सतीश यादव का कहना है, "यदि सुंदर लाल वर्मा की गहन जांच की जाए, तो और भी कई अनियमितताएं और संपत्तियों का खुलासा हो सकता है।"

सतीश यादव ने जिला अधिकारी से अनुरोध किया है कि जे ई सुंदर लाल वर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और अनियमितताओं की जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर उचित 

कार्रवाई की जाए।

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