, किर्गिस्तान में फंसे पीलीभीत के 12 युवकों की दर्दनाक पुकार


पीलीभीत जिले  के 12 युवक पिछले दो महीनों से किर्गिस्तान  में फंसे हुए हैं। नौकरी के सपने लेकर घर से निकले ये युवक आज किसी अनजान देश में भूख, मारपीट और शोषण का सामना करने को मजबूर हैं। इनका दर्द बयां करते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिन्हें देखकर परिजनों की रातों की नींद उड़ गई है।

पीड़ित युवकों के परिवारों का आरोप है कि शहर की एक कॉलोनी में रहने वाले एजेंट विजय चौधरी और हर नारायण ने उन्हें अच्छी सैलरी और कंस्ट्रक्शन साइट पर सुरक्षित नौकरी का झांसा दिया। हर युवक से 2 से 3 लाख रुपये तक लिए गए, लेकिन किर्गिस्तान पहुंचते ही उनके पासपोर्ट छीन लिए गया है। इतना ही नहीं अब इन्हें खाना नहीं दिया जा रहा, मारपीट हो रही है और अलग-अलग साइटों पर खतरनाक काम कराया जा रहा है।

युवकों ने वीडियो में खुद अपने हालात बताते हुए कहा कि हम लोग चार दिन से भूखे हैं। बस थोड़ा-सा ब्रेड दिया जा रहा है… कल हमें पीटा भी गया। पासपोर्ट छीन लिया है… अलग-अलग साइटों पर ले जाकर खतरनाक काम कराया जाता है।  हमें घर वापस भेज दो‌‌।” इन वीडियो ने परिजनों को तोड़कर रख दिया है. कई परिवार माता-पिता के आंसुओं में भीगे हुए शिकायतपत्र लिए DM–SP ऑफिस के चक्कर लगा रहे हैं। पीड़ितों के परिजन अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया से मिले हैं और न्याय की गुहार लगाई है मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। बताया जा रहा है एजेंट विजय चौधरी व हर नारायण ने जिले के अलग-अलग गांव से 14 लोगों को कंस्ट्रक्शन के काम के लिए भेजा था‌। लेकिन वहां दूसरे काम पर लगाया गया साथ ही खाना भी नहीं दिया गया। इन 14 लोगों में सचिन पांडे व अभिषेक किसी तरह दो-दो लाख रूपए देकर पीलीभीत पहुंच गए लेकिन 12 लोग अभी फंसे हुए हैं। जिनके परिजन आज अपर पुलिस अधीक्षक से मिले हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

राजकुमार वर्मा 
अबतक न्याय पीलीभीत

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