मनरेगा लोकपाल ने फर्जी एनएमएमएस मामले में लगाया आर्थिक दंड


सोशल मीडिया से प्राप्त शिकायत माह जुलाई 2025 में अमरिया की ग्राम पंचायत अमखिडिया में 28 और 26 जून 2025 के मनरेगा के दो कार्यो, रोड से शराफत के खेत तक चक मार्ग पर मिटटी कार्य एवं जाहिद के खेत से मरघट तक चक मार्ग पर मिटटी कार्य पर 28 जून 2025 के मास्टर रोल संख्या 2698, 2697, 2696, 2695, 2694 ,2693 एवं 26 जून 2025 के मास्टर रोल संख्या 2629, 2630, 2631, 2693, 2694, 2695, 2696, 2697, 2698, जारी कर मनरेगा श्रमिकों की फर्जी हाजिरी अपलोड कर 30336 रुपए सरकारी धन का गवन किया गया।

इसको ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत सचिव एवं तकनीकी सहायक से बराबर बराबर मात्रा में वसूल करने के आदेश जारी किए गए। साथ ही मनरेगा कार्यो में लापरवाही पर कार्यक्रम अधिकारी अमरिया एवं तत्कालीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शुभम सक्सेना सहित ग्राम पंचायत स्तर के मनरेगा कर्मियों ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, ग्राम पंचायत अधिकारी तकनीकी सहायक प्रत्येक से एक हजार रुपये जुर्माना वसूली की संस्तुति कर आदेश डीएम को भेज दिया गया। साथ ही पंचायत सहायक पर विधिक कार्यवाही करने के भी आदेश किए गए हैं। इस प्रकरण में लोकपाल मनरेगा ने संबंधित खंड विकास अधिकारी से जांच आख्या की मांग की गई। पर कोई जांच आख्या प्राप्त नहीं कराई गई। जांच आख्या प्राप्त न होने के बाद तीन रिमाइंडर के बाद भी जांच नहीं उपलब्ध कराई गई। लोकपाल कार्यालय ने सभी को अपना पक्ष रखने को बुलाया पर कोई उपस्थित नहीं हुआ। एक नवंबर 2025 को जांच रिपोर्ट मुहैया कराई गई। बताया गया कि यह कूटरचित थी। यह भी अवगत करा दें कि यह वह जांच रिपोर्ट थी, जिसको डीएम ने संज्ञान लेकर उक्त की जांच कराई थी। लोकपाल मनरेगा ने उक्त जांच रिपोर्ट को भ्रामक व कूटरचित मानकर मनरेगा कर्मियों को फर्जी एनएमएमएस मामले में अपनी बात कार्यालय पर उपस्थित होकर रखने का निर्देश कार्यक्रम अधिकारी अमरिया को दिया था। इसके बाद लोकपाल मनरेगा में सोशल मीडिया से प्राप्त उक्त शिकायत पर 30336 रुपए की वसूली का आदेश के साथ सभी 6 मनरेगा कर्मियों को एक-एक हजार रुपये से दंडित किए जाने के संस्तुति के साथ ग्राम पंचायत सहायक विधिक कार्यवाही किए जाने का आदेश जिला कार्यक्रम समन्वयक को भेज दिया। इसकी प्रतिलिपि डिप्टी डायरेक्टर मनरेगा डिवीजन, भारत सरकार ग्राम विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं मुख्य सचिव उप्र को भेजी है। तत्कालीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शुभम सक्सेना, ग्राम प्रधान शबाना परवीन, ग्राम पंचायत सचिव सचिन कुमार, तकनीकी सहायक मनीष कुमार, पंचायत सहायक उमेश कुमार हैं। मस्टर रोल में महिला श्रमिक नियोजित दर्शायीं गई, लेकिन कोई भी महिला श्रमिक कार्य करने नहीं पहुंची। एनएमएमएस मस्टर रोल में किसी भी महिला श्रमिक का फोटो नहीं है। 18 मास्टर रोल के द्वारा लगभग 67 महिला श्रमिकों का मजदूरी भुगतान बिना कार्य के उनके बचत खातों में भेजा गया। इसकी रिकवरी करते हुए कुल वसूली धनराशि 30336 रुपए होती है। मनरेगा के लोकपाल ने बताया कि अर्थदंड की वसूली के आदेश जारी कर दिए गए है।

राजकुमार वर्मा 
अबतक न्याय पीलीभीत

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