जौन एलिया के शेर | मशहूर शायर जौन एलिया के लिखे बेहतरीन शेर | Jaun Elia Shayari In Hindi, Jaun Elia
उर्दू के अग्रणी आधुनिक शायरों में शामिल। अपने अपारम्परिक अंदाज़ के लिए अत्यधिक लोकप्रिय
उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या जौन एलिया
उम्र गुज़रेगी इम्तिहान में क्या मेरी हर बात बे-असर ही रही मुझ को तो कोई टोकता भी नहीं अपनी महरूमियाँ छुपाते हैं ख़ुद को जाना जुदा ज़माने से शाम ही से दुकान-ए-दीद है बंद ऐ मिरे सुब्ह-ओ-शाम-ए-दिल की शफ़क़ बोलते क्यूँ नहीं मिरे हक़ में ख़ामुशी कह रही है कान में क्या दिल कि आते हैं जिस को ध्यान बहुत वो मिले तो ये पूछना है मुझे यूँ जो तकता है आसमान को तू है नसीम-ए-बहार गर्द-आलूद ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता |
नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम
जौन एलिया
नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम ख़मोशी से अदा हो रस्म-ए-दूरी ये काफ़ी है कि हम दुश्मन नहीं हैं वफ़ा इख़्लास क़ुर्बानी मोहब्बत सुना दें इस्मत-ए-मरियम का क़िस्सा ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ बात ये है हमारी ही तमन्ना क्यूँ करो तुम किया था अह्द जब लम्हों में हम ने उठा कर क्यों न फेंकें सारी चीज़ें जो इक नस्ल-ए-फ़रोमाया को पहुँचे नहीं दुनिया को जब पर्वा हमारी बरहना हैं सर-ए-बाज़ार तो क्या हैं बाशिंदे उसी बस्ती के हम भी चबा लें क्यों न ख़ुद ही अपना ढाँचा पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ये बस्ती है मुसलमानों की बस्ती |

हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई
जौन एलिया
हालत-ए-हाल के सबब हालत-ए-हाल ही गई तेरा फ़िराक़ जान-ए-जाँ ऐश था क्या मिरे लिए तेरे विसाल के लिए अपने कमाल के लिए उस की उमीद-ए-नाज़ का हम से ये मान था कि आप एक ही हादसा तो है और वो ये कि आज तक बाद भी तेरे जान-ए-जाँ दिल में रहा अजब समाँ उस के बदन को दी नुमूद हम ने सुख़न में और फिर मीना-ब-मीना मय-ब-मय जाम-ब-जाम जम-ब-जम कहनी है मुझ को एक बात आप से यानी आप से सेहन-ए-ख़याल-ए-यार में की न बसर शब-ए-फ़िराक़ |
हम तो जैसे वहाँ के थे ही नहीं
जौन एलिया
हम तो जैसे वहाँ के थे ही नहीं हम कि हैं तेरी दास्ताँ यकसर उन को आँधी में ही बिखरना था अब हमारा मकान किस का है हो तिरी ख़ाक-ए-आस्ताँ पे सलाम हम ने रंजिश में ये नहीं सोचा दिल ने डाला था दरमियाँ जिन को उस गली ने ये सुन के सब्र किया |
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उर्दू के अग्रणी आधुनिक शायरों में शामिल। अपने अपारम्परिक अंदाज़ के लिए अत्यधिक लोकप्रिय
भ्रष्टाचार का गढ़ बना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिसिया, बहराइच — अधीक्षक व डॉक्टरों पर गंभीर आरोप, गरीब मरीजों को महंगी बाहर की दवाइयां खरीदने को किया जा रहा मजबूर बहराइच (उत्तर प्रदेश) — जनपद बहराइच के विकासखंड रिसिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC रिसिया) में भ्रष्टाचार और मनम
भ्रष्टाचार का गढ़ बना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिसिया, बहराइच — अधीक्षक पर गंभीर आरोप, मरीजों को मजबूरन खरीदनी पड़ रही बाहर की दवाइयां जनपद बहराइच के विकासखंड रिसिया में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं में धांधली का
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