निघासन में बेखौफ दौड़ रहीं डग्गामार बसें, आरटीओ और प्रशासन मौन रिपोर्ट धर्मेन्द्र पांडेय/अब तक न्यायलखीमपुर खीरी। योगी सरकार के सख्त आदेशों के बावजूद निघासन, तिकुनिया और ढ़खेरवा मार्गों पर बिना परमिट के डग्गामार बसें खुलेआम दौड़ रही हैं। इन बसों से न केवल सरकार को हर महीने लाखों रुपये का


निघासन में बेखौफ दौड़ रहीं डग्गामार बसें, आरटीओ और प्रशासन मौन

रिपोर्ट धर्मेन्द्र पांडेय/अब तक न्यायलखीमपुर खीरी।

योगी सरकार के सख्त आदेशों के बावजूद निघासन, तिकुनिया और ढ़खेरवा मार्गों पर बिना परमिट के डग्गामार बसें खुलेआम दौड़ रही हैं। इन बसों से न केवल सरकार को हर महीने लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार,*
चौधरी अमन रैन बस सर्विस द्वारा निघासन, सिसैया चौराहा, कटोली और तिकुनिया से हरिद्वार, देहरादून और दिल्ली तक डेली सर्विस चलाई जा रही है। इन बसों का कोई वैध परमिट नहीं है, फिर भी ये खुलेआम सवारियां भरती हैं।

आरोप है कि —
बसों के दलाल यात्रियों से तय किराए से अधिक वसूली करते हैं।
विरोध करने पर सवारियों को धमकाया जाता है या बीच रास्ते उतार दिया जाता है।
पलिया रोड निघासन स्थित बस ऑफिस बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा है, जहां यात्रियों को गुमराह किया जाता है।
बसों में सवारियों को भूसे की तरह ठूंसकर बैठाया जाता है, जिससे आए दिन झगड़े और हादसे होते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और आरटीओ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि रोजाना दोपहर 3 से 4 बजे के बीच निघासन की सड़कों पर डग्गामार बसों के कारण जाम लग जाता है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और आरटीओ अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

सवाल उठता है —

बिना परमिट और रजिस्ट्रेशन के बसें कैसे चल रही हैं?
आरटीओ और डीएम खीरी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?
कब तक यात्रियों को इन दलालों का शिकार बनना पड़ेगा?

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