भाजपा सरकार केवल भाषण देती है, काम नहीं करती” — राजेश कुमार सिद्धार्थ सिधौली में विशाल किसान सभा, धान की फसल बर्बाद — किसानों ने मांगा मुआवजा, कांग्रेस ने उठाई आवाज सिधौली (जनपद सीतापुर)। सिधौली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित एक विशाल किसान सभा में किसान कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदे


भाजपा सरकार केवल भाषण देती है, काम नहीं करती” — राजेश कुमार सिद्धार्थ

सिधौली में विशाल किसान सभा, धान की फसल बर्बाद — किसानों ने मांगा मुआवजा, कांग्रेस ने उठाई आवाज

सिधौली (जनपद सीतापुर)।
सिधौली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित एक विशाल किसान सभा में किसान कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि —

सभा स्थल पर उपस्थित सैकड़ों किसानों ने तालियों की गड़गड़ाहट से इस वक्तव्य का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार किसानों को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है, लेकिन उनके जीवन और आजीविका की कोई चिंता नहीं करती।

धान की फसल बर्बादी से किसानों में निराशा

पिछले कुछ सप्ताहों से हो रही लगातार वर्षा ने सिधौली, मिश्रिख, लहरपुर और आसपास के इलाकों में धान की खड़ी फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। खेतों में जलभराव, नालों के टूटने और धान की पौध सड़ने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।

ग्राम बरौली के किसान सुरेश यादव ने बताया कि “धान की फसल आधी कट भी नहीं पाई थी कि बरसात ने सब बर्बाद कर दिया। बैंक से लिया कर्ज अब सिर पर बोझ बन गया है।”
इसी तरह पिपरी खुर्द के किसान रामलाल पासी ने कहा कि “बीज, खाद और मजदूरी में जो कुछ लगाया था, अब उसका आधा भी नहीं निकला। सरकार के अधिकारी देखने तक नहीं आए।”

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि “यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सरकारी संवेदनहीनता की आपदा है। अगर सरकार किसानों के हालात पर ध्यान देती, तो नुकसान की भरपाई के उपाय पहले से किए जा सकते थे।”

किसानों की आवाज उठाने का वादा

सभा में किसानों को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि किसान कांग्रेस और डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ आने वाले दिनों में किसानों की समस्याओं को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि “हम किसान की पीड़ा को विधानसभा से लेकर सड़क तक पहुंचाएंगे। जिन गांवों में फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है, वहां सर्वे टीम भेजना सरकार की जिम्मेदारी है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल राहत नहीं दी, तो आने वाले समय में किसान चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि “किसान अब ठगा नहीं जाएगा। जिसने हमारी फसल बर्बादी पर आंख मूंद ली, उसे हम सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे।”

सरकार की नीतियों पर सवाल

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों से ‘आय दोगुनी करने’ का वादा किया था, लेकिन आज हाल यह है कि किसान का उत्पादन आधा रह गया है और लागत दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि “डीजल, खाद, बीज और बिजली सब महंगी हो गई, लेकिन धान और गेहूं का दाम वहीं का वहीं है। सरकार का हर फैसला उद्योगपतियों के पक्ष में होता है, किसानों के नहीं।”

उन्होंने आगे कहा कि “जब अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों को हजारों करोड़ की टैक्स छूट दी जा सकती है, तो किसानों को मुआवजा देने में इतनी देर क्यों? क्या किसान इस देश के नागरिक नहीं हैं?”

किसान कांग्रेस की प्रमुख मांगे

सभा में किसान कांग्रेस की ओर से निम्नलिखित प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी गईं —

फसल नुकसान की तत्काल जांच और सर्वे: कृषि व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रभावित गांवों का सर्वे हो।

प्रति बीघा मुआवजा: किसानों को कम से कम ₹15,000 प्रति बीघा मुआवजा दिया जाए।

बीमा योजना में पारदर्शिता: बीमा कंपनियों द्वारा फसल बीमा राशि सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए।

कर्ज माफी योजना: जिन किसानों का उत्पादन पूरी तरह नष्ट हुआ है, उनका कृषि ऋण माफ किया जाए।

कृषि राहत कोष: प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए एक स्थायी राहत कोष का गठन किया जाए।

एमएसपी की कानूनी गारंटी: न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाया जाए ताकि किसान को बाजार में ठगा न जा सके।

प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी

सभा में कई किसानों ने जिला प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। ग्राम रघुनाथपुर के किसान बृजेश कुमार ने कहा कि “हमारी फसल बर्बाद होने के बाद भी कोई अधिकारी देखने नहीं आया। कागजों में दिखाया जा रहा है कि सर्वे हो चुका है, जबकि कोई सर्वे टीम आई ही नहीं।”

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि “यह प्रशासनिक भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। फाइलों में किसानों की परेशानी छिपाई जा रही है, और अधिकारी केवल बैठकें कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह जमीनी स्तर पर जाकर किसानों की वास्तविक स्थिति का आकलन करे।”

भाजपा सरकार पर सीधा हमला

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने अपने भाषण में कहा कि “भाजपा सरकार किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। चुनाव आते ही किसान को याद करती है और जीत के बाद उसे भूल जाती है। अगर यही रवैया रहा तो देश में किसान आत्मनिर्भर नहीं, आत्महत्या करने को मजबूर रहेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि “भाजपा का ‘डबल इंजन’ अब किसानों की जेब से चलता है। एक इंजन दिल्ली में टैक्स छूट देता है और दूसरा इंजन लखनऊ में किसानों से टैक्स वसूलता है। यह दोहरे चेहरे की राजनीति अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी।”

कांग्रेस का संकल्प — किसानों के अधिकार की लड़ाई

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में किसानों, मजदूरों और युवाओं के मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि एक विशेष “कृषि घोषणा पत्र” तैयार किया जा रहा है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, बीमा पारदर्शिता, ग्रामीण क्रेडिट प्रणाली सुधार, और महिला किसानों के लिए अलग राहत पैकेज जैसी बातें शामिल होंगी।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी सत्ता में आएगी तो किसान का ऋण माफ, बिजली बिल आधा, और सिंचाई मुफ्त की जाएगी। किसान को उसका सम्मान वापस मिलेगा।”

किसानों की एकजुटता पर जोर

सभा के दौरान कई वक्ताओं ने किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया। राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा, “जब तक किसान जाति और दल में बंटा रहेगा, तब तक कोई सरकार उसकी नहीं होगी। किसान को अब जाति नहीं, खेत बचाने की राजनीति करनी होगी।”

सभा के अंत में किसानों ने ‘जय किसान, जय संविधान’ और ‘किसान एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

प्रेस को दिए गए बयान में कहा गया

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने मीडिया से कहा कि “हम किसानों के हक के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार को यह समझना होगा कि किसान की हालत सुधारना सिर्फ राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है। हम गांव-गांव जाएंगे और किसानों को संगठित करेंगे।”

उन्होंने कहा कि “अगले महीने से किसान कांग्रेस प्रदेशव्यापी ‘किसान न्याय यात्रा’ शुरू करेगी, जिसमें प्रभावित जिलों का भ्रमण किया जाएगा और किसानों की समस्याओं पर रिपोर्ट तैयार कर केंद्र व राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।”

भविष्य की दिशा

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए वह कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि “हम केवल आलोचना नहीं, समाधान भी देंगे। कांग्रेस की सरकार आने पर किसानों के लिए अलग कृषि आपदा मंत्रालय बनाया जाएगा, जो हर जिले में 24 घंटे सक्रिय रहेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि “किसान की मजबूरी को राजनीतिक लाभ में बदलना भाजपा की नीति है, लेकिन हम इसे नहीं चलने देंगे। अब समय है किसान अपने हक के लिए सड़क पर उतरे।”

किसानों की चेतावनी

सभा में उपस्थित किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर नुकसान का सर्वे नहीं हुआ और मुआवजा वितरण शुरू नहीं किया गया, तो वे ब्लॉक मुख्यालय पर धरना देंगे। किसानों ने कहा कि “हमारे खेत डूब गए, पर हमारी आवाज नहीं डूबेगी।”

सभा का समापन और संकल्प

सभा के अंत में किसानों ने एकमत होकर प्रस्ताव पारित किया कि किसान कांग्रेस और डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ मिलकर किसान आंदोलन को तेज करेंगे।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा —

सभा का समापन “भारत माता की जय” और “किसान एकता अमर रहे” के नारों के साथ हुआ।

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