लव सिंह यादव/अब तक न्याय


*फतेहपुर में जगन्नाथ मंदिर का हुआ शिलान्यास: रामभद्राचार्य जी की उपस्थिति में धूमधाम से संपन्न*

*लव सिंह यादव/अब तक न्याय*

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में धार्मिक उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला, जब श्री जगन्नाथ मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन धूमधाम से किया गया। यह आयोजन रामगंज स्थित हनुमान मंदिर, पक्का तालाब परिसर में हुआ, जहां हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर से उतरे प्रमुख संतों ने भक्तों को प्रवचन सुनाया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसे देखने के लिए जगह-जगह पुलिस प्रशासन तैनात रहा। साथ ही, दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का भी भव्य आयोजन किया गया, जो इस पवित्र अवसर को और भी यादगार बना गया।संतों का स्वागत और प्रवचन का कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे हुई, जब जिले और प्रदेश स्तर के प्रमुख साधु-संत हेलिकॉप्टर के जरिए विशेष हेलीपैड पर उतरे। इनमें वरिष्ठ भाजपा नेता और आयोजन के मुख्य निवेदक संतोष तिवारी, भिटौरा ब्लॉक प्रमुख अमित तिवारी सहित कई प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु शामिल थे। हेलीपैड पर उतरते ही संतों का पारंपरिक स्वागत किया गया फूलों की वर्षा, आरती और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच। इसके बाद, मंच पर पहुंचे संतों ने भक्तों को प्रवचन सुनाया। एक प्रमुख संत ने कहा, "भगवान जगन्नाथ की कृपा से यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को मजबूत करेगा। यह मंदिर हमें ओडिशा के प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ धाम की याद दिलाएगा, जहां भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा होती है।" प्रवचन में भगवान जगन्नाथ की महिमा,भक्ति का महत्व और सामाजिक एकता पर जोर दिया गया। लगभग आधे घंटे चले इस प्रवचन सत्र ने माहौल को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया, और भक्तों ने जयकारों से नारे लगाकर समर्थन जताया।

मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन: वैदिक परंपरा का अनुसरणप्रवचन के बाद, वैदिक मंत्रोच्चार का दौर शुरू हुआ। करीब 11 आचार्यों ने एक साथ मंत्र फूंकते हुए भूमि शुद्धिकरण का कार्य किया। घंटों, शंखनाद और ताम्र वाद्यों की ध्वनि से परिसर गुंजायमान हो गया। मंत्रोच्चार के बीच संतों ने भूमि पर तिल, अक्षत, दूध और घी चढ़ाकर पूजन संपन्न किया। यह भूमिपूजन न केवल धार्मिक महत्व का था, बल्कि क्षेत्रीय विकास का प्रतीक भी। आयोजकों के अनुसार, मंदिर निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने परिसर को सजाया, मेहंदी पथों का निर्माण किया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। जिला प्रशासन ने भी पूरे सहयोग के साथ पुलिस बल तैनात किया, ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रहे। कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए ड्रोन निगरानी और ट्रैफिक कंट्रोल भी किया गया।

हजारों भक्तों की भारी भीड़: भंडारों से सजा पर्व भूमिपूजन को देखने के लिए फतेहपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों भक्त पहुंचे।सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं, और परिसर में भगवा-सफेद धोती-कुर्ते में सजे श्रद्धालु नजर आए।महिलाओं ने विशेष रूप से भाग लिया, जो भजन-कीर्तन गाती हुईं मंदिर स्थल तक पहुंचीं।वहीं, कुछ भक्त संगठनों द्वारा दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का आयोजन किया गया। रामगंज क्षेत्र में लगाए गए इन भंडारों में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने मिलकर भोजन, पानी और प्रसाद का वितरण किया।यह भंडारा भगवान जगन्नाथ की कृपा ही है।" भंडारों में चावल, दाल, सब्जी और मिठाई का भरपूर प्रबंध था, जो कार्यक्रम को सामाजिक सेवा का रूप दे गया।

स्थानीय निवासियों में इस मंदिर निर्माण को लेकर जबरदस्त उत्साह है। एक बुजुर्ग भक्त ने कहा, "यह मंदिर हमारी धार्मिक विरासत को नई ऊंचाई देगा। पुरी जैसा रथ यात्रा यहां भी होगा, तो पर्यटक फतेहपुर को नई पहचान देंगे।" यह कार्यक्रम न केवल फतेहपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। भगवान जगन्नाथ की जयकारों के बीच समापन हुआ, और संतों ने अंत में सबको आशीर्वाद दिया।

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