सस्ती शिक्षा सबका अधिकार — प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाओ, योगी जी: शिवम पांडेय गोंडा। शिक्षा को अधिकार नहीं, बल्कि व्यवसाय का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर प्रहार करते हुए राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने रविवार को जनपद गोंडा के गांधी पार्क मे


सस्ती शिक्षा सबका अधिकार — प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाओ, योगी जी: शिवम पांडेय

गोंडा। शिक्षा को अधिकार नहीं, बल्कि व्यवसाय का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर प्रहार करते हुए राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने रविवार को जनपद गोंडा के गांधी पार्क में अपने कार्यकर्ताओं के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक मौजूद रहे, जिन्होंने “सस्ती शिक्षा सबका अधिकार”, “प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बंद करो” और “योगी जी, शिक्षा व्यवस्था सुधारो” जैसे नारे लगाए।

शिवम पांडेय ने कहा कि आज शिक्षा व्यापार का रूप ले चुकी है। निजी विद्यालय हर सत्र की शुरुआत में मनमाने ढंग से फीस बढ़ा देते हैं, जिससे आम अभिभावक पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जागरूक बनाना और देश का भविष्य मजबूत करना है, न कि आम नागरिकों की जेब खाली करना।

राष्ट्रीय छात्र पंचायत के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि प्रदेश में सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस नीति को पारदर्शी और नियंत्रित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को एक राज्य स्तरीय फीस नियामक आयोग गठित करना चाहिए, जो हर स्कूल की फीस संरचना की समीक्षा कर सके और जरूरत से अधिक बढ़ोतरी पर रोक लगाए।

शिवम पांडेय ने कहा, “हमारा संविधान हर नागरिक को शिक्षा का अधिकार देता है। जब शिक्षा मुनाफे का जरिया बन जाएगी, तब समाज में असमानता और बढ़ेगी। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का समान अवसर मिलना चाहिए।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो राष्ट्रीय छात्र पंचायत प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। संगठन जिले-दर-जिले छात्र जागरूकता रैली और हस्ताक्षर अभियान चलाकर जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाएगा।

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने शिक्षा मंत्रालय और जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाने, शुल्क संरचना को वेबसाइट पर सार्वजनिक करने और गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की गई।

अंत में शिवम पांडेय ने कहा कि यह आंदोलन केवल विरोध का नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता लाने का प्रयास है। “हम चाहते हैं कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले — चाहे वह किसी भी वर्ग या आय वर्ग से क्यों न हो,” उन्होंने कहा।

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