प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप*


ज्ञानेश मिश्रा हरदोई 
10-10-2025

*प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप*

> *विकास कार्य ठप, सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप*

माधोगंज (हरदोई): ग्राम पंचायत बड़नपुर में प्रधान सतीराम और ग्राम विकास अधिकारी पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 से 2025 तक दोनों के बीच मिलीभगत से सरकारी धन का भारी गबन किया गया, जबकि ग्राम पंचायत में धरातल पर कोई ठोस विकास कार्य नहीं दिखता।

ग्रामीणों के अनुसार, सतीराम 2016 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे। आरोप है कि उन्होंने कोटेदार का चयन प्रक्रिया पूरी न करते हुए अपने निजी नौकर भगवान शरण के नाम फर्जी चयन करा लिया। राशन वितरण भी स्वयं प्रधान द्वारा मनमाने तरीके से किया जाता है। शिकायत करने वालों को राशन न देने की धमकी दी जाती है।
> *ग्रामीणों के प्रमुख आरोप:*
*1. पंचायत भवन में फर्जी खर्च:*
फर्नीचर, शौचालय मरम्मत, वाटर हार्वेस्टिंग और भवन मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए, लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं हुआ। पंचायत भवन आज भी जर्जर अवस्था में है।
*2. स्वच्छ भारत मिशन में घोटाला:*
सरकारी अभिलेखों में 309 शौचालय निर्मित दिखाए गए हैं, जबकि मौके पर लगभग 200 ही बने हैं। प्रत्येक शौचालय पर ₹12,000 की लागत दर्शाई गई, जबकि वास्तविक निर्माण ₹6,000 में कराया गया। घटिया सामग्री के कारण कई शौचालय बेकार हो चुके हैं।
*3. मनरेगा में फर्जी मजदूरी भुगतान:*
तालाब खुदाई और कच्ची सड़कों (चकमार्गों) के नाम पर हर साल फर्जी कार्य दिखाकर अपात्र लोगों के नाम पर भुगतान कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये का घोटाला हुआ है।
*4. हैंडपंप मरम्मत व रिबोर में गड़बड़ी:*
रिबोर और मरम्मत के नाम पर करीब ₹20 लाख निकाले गए, जबकि बीते 10 वर्षों में केवल 5 हैंडपंप ही रिबोर हुए हैं।
*5. टिन शेड पशुशाला घोटाला:*
कई अपात्र व्यक्तियों को पशुशाला का लाभ दिखाया गया। कुछ ने शेड बनाए ही नहीं, फिर भी भुगतान कर दिया गया। जो शेड बने भी, उन्हें लगभग ₹50,000 की लागत में तैयार किया गया, जबकि भुगतान ₹1.40 लाख प्रति शेड दिखाया गया।
*6. वित्तीय मदों में अनियमितता:*
दशम वित्त, चौदहवां वित्त, राज्य वित्त और मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं की धनराशि का मनमाना उपयोग किया गया। आरोप है कि पंचायत निधि का प्रयोग व्यक्तिगत कार्यों में किया जा रहा है और फर्जी बिलों से धन निकाला गया है।
*प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल*
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जांच के लिए भेजे गए ब्लॉक अधिकारी कथित रूप से प्रधान से मिलकर फर्जी रिपोर्ट तैयार कर देते हैं।
> _ग्रामीणों ने जिलाधिकारी हरदोई से मांग की है कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।_

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Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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