पुलिस की मेहरबानी या लापरवाही? महूटा अतर्रा में गांजे के मामले पर कार्रवाई शून्य
अमोद कुमार
अतर्रा (बांदा)।
महूटा अतर्रा क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को उस समय झटका लगा, जब गांजे से जुड़ी एक गंभीर शिकायत पर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय
पुलिस की मेहरबानी या लापरवाही? महूटा अतर्रा में गांजे के मामले पर कार्रवाई शून्य
अमोद कुमार
अतर्रा (बांदा)।
महूटा अतर्रा क्षेत्र में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को उस समय झटका लगा, जब गांजे से जुड़ी एक गंभीर शिकायत पर भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, महूटा अतर्रा में एक व्यक्ति द्वारा गांजे की तस्करी या सेवन से संबंधित शिकायत स्थानीय थाने में की गई थी। शिकायत पर पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं किया गया। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि मामले को महज "भांग" का बताकर टाल दिया गया, जबकि मौके पर गांजा भी मौजूद था।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पुलिस वास्तव में निष्पक्ष और सतर्क होती, तो यह मामला गंभीरता से लिया जाता और नशे के इस जाल पर कुछ हद तक रोक लगाई जा सकती थी। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यह "मेहरबानी" किसी मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
एक स्थानीय समाजसेवी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "यह पहला मामला नहीं है जब पुलिस ने इस तरह से नजरअंदाजी की हो। जब रक्षक ही उदासीन हो जाएं, तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा?"
अब सवाल उठता है कि क्या पुलिस की यह चुप्पी नशे के खिलाफ लड़ाई में एक बाधा बनती जा रही है? और क्या प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम उठाएगा?
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