माननीय राज्यपाल महोदय,
मध्य प्रदेश राजभवन, भोपाल।
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल।
महानिदेशक पुलिस महोदय, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।
पुलिस आयुक्त महोदय, इंदौर पुलिस आयुक्तालय, इंदौर।
आयुक्त महोदय, इंदौर नगर निगम, इंदौर।
अध्यक्ष महोदय, मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग, भोपाल।
विषय: अनुसूचित जाति समाज के व्यवसायी प्रकाश राठौड़ एवं उनके परिवार पर निजी दुश्मनी व भ्रष्टाचार से प्रेरित सुनियोजित आपराधिक हमले की उच्चस्तरीय जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग।
महोदयों,
मैं, प्रकाश राठौड़ पुत्र रामचंद्र राठौड़, निवासी राठौड़ स्क्रैप, रायु बाईपास, सर्विस रोड, देवास बाईपास, इंदौर (मध्य प्रदेश), अनुसूचित जाति समाज का एक संघर्षशील व्यापारी हूं। मैंने लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए खंडवा लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2024 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। लेकिन मेरी ईमानदार छवि और भ्रष्ट अधिकारियों को “फटका” न देने के कारण रायु थाना पुलिस और नगर निगम के कुछ बेईमान, भ्रष्ट और अपराधी प्रवृत्ति के अधिकारी-कर्मचारी लगातार मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।
घटना का विवरण (3 अक्टूबर 2025):
???? दोपहर 2 बजे रायु पुलिस थाने के कुछ पुलिसकर्मी दुकान पर आए, लेकिन बिना कार्रवाई लौट गए।
???? शाम लगभग 6 बजे 10–12 पुलिसकर्मी एवं नगर निगम परिषद के कर्मचारी अचानक दुकान पर टूट पड़े।
???? उन्होंने मेरे नाबालिग पुत्र रितेश राठौड़ (15 वर्ष), भतीजे चेतन राठौड़ (18 वर्ष) तथा अन्य परिजन अमृतलाल राठौड़ और अर्जुन राठौड़ को बेरहमी से पीटा, मोबाइल फोन छीन लिए और गल्ले से लगभग ₹40,000–₹50,000 की लूट की।
???? इतना ही नहीं, वैध बिलों से खरीदा गया स्क्रैप ट्रक जबरन आधा खाली करवा दिया। एक ट्रक की लोडिंग में 6 हजार रुपये खर्च और 3 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। इस तरह उन्होंने त्योहार के समय मेरे परिवार को भारी आर्थिक हानि पहुँचाई।
???? पूरा कृत्य डकैती, सरकारी शक्ति का दुरुपयोग और जातिगत प्रताड़ना का जघन्य उदाहरण है।
स्पष्ट है कि यह पूरी कार्रवाई:
मेरे परिवार को आतंकित करने,
भ्रष्ट अधिकारियों को फटका न देने की सजा देने,
तथा अनुसूचित जाति समाज के व्यापारी को आर्थिक रूप से तोड़ने की घिनौनी साजिश है।
पूर्व में भी ऐसी असफल कोशिशें की गई थीं, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय व दिल्ली तक मामला पहुँचने से वे नाकाम रहीं। इस बार अधिकारियों ने सारी सीमाएँ लांघ दी हैं।
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मेरी मांगें:
1. स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच आयोग गठित कर रायु पुलिस थाना एवं नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की तुरंत पहचान व निलंबन हो।
2. दोषी पुलिस व निगम कर्मियों पर कठोर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए (भा.दं.सं. की धारा 323, 392, 506, 120-B इत्यादि के तहत)।
3. मेरे तथा मेरे पूरे परिवार (रितेश, चेतन, अमृतलाल, अर्जुन) की जान-माल की सुरक्षा की गारंटी दी जाए, क्योंकि हमें पुलिस व प्रशासन से सीधा खतरा है।
4. लूटी गई नकद राशि, छीने गए मोबाइल व स्क्रैप की पूर्ण प्रतिपूर्ति तत्काल की जाए।
5. अनुसूचित जाति समाज व निम्न वर्ग के व्यवसायियों के खिलाफ इस तरह की भ्रष्ट व आपराधिक कार्रवाइयों पर रोक लगाने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी हों।
6. इस पूरे प्रकरण को मानवाधिकार हनन और अनुसूचित जाति उत्पीड़न अधिनियम के तहत दर्ज कर कठोरतम दंड दिलाया जाए।
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महोदयों,
यह मात्र एक व्यापारी या परिवार का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे दलित-शोषित समाज को डराने की एक सोची-समझी रणनीति है। यदि इस पर तुरंत और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो इसका संदेश पूरे समाज में गहरे असंतोष और अन्याय के रूप में जाएगा।
दिनांक: 3 अक्टूबर 2025
स्थान: इंदौर, मध्य प्रदेश
प्रार्थी,
प्रकाश राठौड़ पुत्र रामचंद्र राठौड़
राठौड़ स्क्रैप, रायु बाईपास, सर्विस रोड, देवास बाईपास, इंदौर
मोबाइल: [आपका मोबाइल नंबर]
परिवार सदस्य:
रितेश राठौड़ (15 वर्ष, मो. 9826073601)
चेतन राठौड़ (18 वर्ष, मो. 7415183728)
अमृतलाल राठौड़ (मो. 9754976888)
अर्जुन राठौड़ (मो. 6264152522)
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