मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।


**महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर मौलाना आज़ाद इंस्टीट्यूट में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित**
*रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय*
*महमूदाबाद (सीतापुर),*

मौलाना आज़ाद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमैनिटीज़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के भव्य परिसर में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के कार्यालय अधीक्षक **श्री राजेश कुमार सिंह** द्वारा दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान संस्थान के प्रांगण में उपस्थित जनसमूह ने दो महान विभूतियों के आदर्शों, विचारों एवं मूल्यों को स्मरण करते हुए उन्हें समाज में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

श्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि *"राष्ट्र निर्माण में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का योगदान अमिट है। उनके सिद्धांत और जीवन दर्शन आज भी हमें सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वावलंबन और ईमानदारी की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं।"* उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक उनके विचारों को आत्मसात करे, तो विकसित भारत का स्वप्न शीघ्र साकार हो सकता है।

इस अवसर पर **प्रमोद तिवारी**, **समीउल्ला**, **मिथुन**, **हमीदुल**, **मुर्तज़ा**, **इरफान** सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने गांधी जी एवं शास्त्री जी के चित्रों के समक्ष मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र सेवा का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम का समापन देशभक्ति गीतों और गांधी-शास्त्री के प्रेरक विचारों के वाचन के साथ हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो गया।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।