मिशन शक्ति के तहत संविलयत विद्यालय महमूदाबाद में हुआ कार्यक्रम
आज मिशन शक्ति कार्यक्रमों से कंपोजिट विद्यालय महमूदाबाद गूंज उठा दो दिवसीय कार्यक्रम में छात्राओं की सहभागिता देखने को मिली
लव सिंह यादव / अब तक न्याय
अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस का हुआ भव्य आयोजन
लव सिंह यादव / अब तक न्याय
(फतेहपुर उत्तर प्रदेश): श्री कृष्ण आदर्श विद्या मंदिर, मूकबधिर एवं मंदबुद्धि दिव्यांग शैक्षिक, व्यावसायिक एवं पुनर्वासन विद्यालय, खंभापुर-फतेहपुर में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बधिर लोगों के अंतर्राष्ट्रीय सप्ताह के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सांकेतिक भाषा के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना और दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रगति मिश्रा और विद्यालय के प्रबंधक सीताराम यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रगति मिश्रा ने मूक एवं श्रवण दोष से ग्रस्त दिव्यांगजनों की रोकथाम, सांकेतिक भाषा के महत्व और सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांकेतिक भाषा न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि यह दिव्यांगजनों को समाज से जोड़ने का एक शक्तिशाली उपकरण भी है।
मनोज भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर 2017 को 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के रूप में घोषित किया था, ताकि सांकेतिक भाषा के महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रचारित किया जा सके। इस वर्ष की थीम "सांकेतिक भाषा अधिकारों के बिना कोई मानवाधिकार नहीं" रही, जिसे वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ द डेफ द्वारा सुझाया गया था।
प्रबंधक सीताराम यादव ने भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र, दिल्ली के बारे में जानकारी दी, जिसकी स्थापना सितंबर 2015 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के तहत एक स्वायत्त संगठन के रूप में की गई थी। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देना, प्रशिक्षण प्रदान करना और इसके संवर्धन के लिए अनुसंधान करना है, जो देशभर में सांकेतिक भाषा के समन्वय को मजबूत करता है।
सुमन देवी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति ने 23 सितंबर को आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा साइन लैंग्वेज डे के रूप में मनाने की मंजूरी दी है। उन्होंने सांकेतिक भाषा के उपयोग और इसके सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मूकबधिर बच्चों की प्रस्तुति रही। बच्चों ने राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे फूल, चिन्ह, झंडा, फल, पशु, पेड़, पक्षी और कविताओं "मछली जल की रानी" व "हरा-हरा तोता" को सांकेतिक भाषा में प्रस्तुत किया। उनके हाथों से बनाए गए चित्रों और भाव-भंगिमाओं ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया, और दर्शकों ने उनकी प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
कार्यक्रम के समापन में विद्यालय द्वारा 37 मूकबधिर एवं मंदबुद्धि बच्चों को यूनिफॉर्म और फल वितरित किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर नागेश्वर, मुन्नूलाल, चैतन्य कुमार, सर्वेश कुमार, सीमा देवी, पवन कुमार, विश्वेंद्र सिंह, अतुल कुमार शुक्ल, सौम्या कुमारी, पवन कुमार सिंह, सिंधू देवी, संपत सहित विद्यालय के छात्र और अभिभावक उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास और समाज में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे गया।
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आज मिशन शक्ति कार्यक्रमों से कंपोजिट विद्यालय महमूदाबाद गूंज उठा दो दिवसीय कार्यक्रम में छात्राओं की सहभागिता देखने को मिली
संत राज यादव
जनपद मिर्जापुर से ब्यूरो चीफ/अमित गुप्ता की खास रिपोर्ट
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