जिला अध्यक्ष की कुर्सी के आगे नतमस्तक हैं प्रशासन।


एक तरफ राजनीतिक रसूख तो दूसरी ओर 100 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक परंपरा बनाए रखने का संघर्ष ,

6 माह से लगातार जारी है क्रामिक अनशन , शहर की आम जनता से सहयोग कि अपील

शहडोल (संजय गर्ग) ।  संभाग ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के बहुत चर्चित शहडोल जिले का किरण टॉकीज स्थित पौराणिक बावली का मुद्दा जिसे लेकर की लगातार 6 महीना से अनवरत क्रामिक अनशन जारी है।
अनशनकारियों के द्वारा 100 वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा को बनाए रखने का संघर्ष किया जा रहा है। देखा जाए तो आज के समय का आदिवासी अंचल शहडोल संभाग का सबसे जटिल और ज़्वालंत मुद्दा है।
जहां पर एक और सत्ता पक्ष की है हट धर्मिता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे शहडोल नगर के वार्ड नंबर 27/31 एवं 32 के आम जनमानस जो कि अपनी सांस्कृतिक परंपरा , सामाजिक सहभागिता एवं प्राचीन जल स्रोत की संरक्षण के मुद्दे को लेकर शहर की जनता का सोया हुआ जमीर जगाने का प्रयास कर रहे हैं।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी किरण स्ट्रीट नवदुर्गा समिति के सदस्य एवं वार्ड नंबर 27/ 31 /32 के आम जनों के द्वारा शहर के प्रबुद्ध नागरिकों से आमंत्रण पत्र जारी कर 22 सितंबर 2025 को किरण टॉकीज में क्रामिक पर पहुंचकर मां दुर्गा की प्रतिमा को हर वर्ष की भांति स्थापित करने हेतु सहयोग की अपेक्षा की है। जिस पर मूर्ति स्थापना को लेकर समिति के पदाधिकारी ने बताया कि मूर्ति स्थापना को लेकर एसडीम से मीटिंग हुई है। मूर्ति की स्थापना काल होगी।

जिला अध्यक्ष की कुर्सी के आगे नतमस्तक हैं प्रशासन
आमंत्रण पत्र के अनुरूप किरण स्ट्रीट नवदुर्गा समिति के सदस्यों एवं वार्ड वासियों के द्वारा भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा के द्वारा स्थल पर दिनांक 20 फरवरी.2025 को स्थानीय प्रशासन को अपने राजनीतिक प्रभाव में रखकर पौराणिक तालाब जो कि वर्ष 1927 के खतौनी में तलैया दर्ज है जिस खसरा नंबर 76 रकवा 0.32 हेक्टर भूमि है तथा 72 / 1/1 रकवा 1.034 भूमि का अंश भाग 0.52 हेक्टर जो की शासकीय नजर भूमि राजस्व रिकॉर्ड पर है उसे पर अपने राजनीतिक रसूख के बल पर तालाब को बांटने एवं तालाब तथा मैदान को तार फेमिंग के माध्यम से खेलने का कार्य षडयंत्र करके किया गया।
यह बताता है कि वर्तमान में पद की गरिमा का दुरुपयोग कर अपनी निज स्वार्थ व अतिक्रमण की पूर्ति के लिए शासकीय नजूल की भूमि पर दर्ज तालाब को चपरा परिवार के द्वारा हथियाया गया है। जिस पर 11 जून 2025 को नजूल तहसीलदार सोहागपुर द्वारा बेदखली आदेश भी पारित किया गया है। साथ ही अतिक्रमणकारियों पर ₹10,हजार अर्थ दंड आरोपित किया गया। उसके बावजूद भी सत्ता पक्ष का दबदबा प्रशासन की कार्यवाही की कलम पर भारी पड़ रहा है।
कहीं ना कहीं इस बात को भी पूर्ण जोड़ तरीके से बल प्रदान कर रहा है कि जिला अध्यक्ष की कुर्सी के आगे जिला प्रशासन के सभी अधिकारी नतमस्तक हैं।

मृत्य व्यक्ति के नाम से फर्जी प्रविष्टि के आधार पर 2010 में किया पट्टा प्राप्त

उक्त पत्र में उल्लेखित है की चपरा परिवार द्वारा भी भुईबांध स्थित आरजी खसरा नंबर 72/1/2 रखवा 0.065 हेक्टर भूमि का पट्टा 10 सितंबर 2004 को दिवंगत हुई सूरज भाई छपरा पति ओंकार प्रसाद चपरा के नाम नजूल अधिकारी शहडोल द्वारा 5 जनवरी 2010 को उक्त भूमि उक्त व्यक्ति के नाम से चढ़ा दी गई । अर्थात मृत्यु दिनांक को उक्त भूमि मध्य प्रदेश शासन की थी जिसे बाद में सुभाष चपरा के द्वारा 10 /7/ 2019 को स्वयं अपने नाम एवं अपनी बहन सरोज रानी चौहदा के नाम से कर लिया। जिसकी शिकायत समस्त वार्ड वासियों के द्वारा 9 सितंबर 2025 को शहडोल कलेक्टर पुलिस महानिरीक्षक शहडोल पुलिस अधीक्षक शहडोल एवं थाना प्रभारी शहडोल को की गई। जिस पर जांच जारी है लेकिन भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा के राजनीतिक प्रभाव के चलते जांच प्रभावित हो रही है।
जिसके कारण आरोपियों के विरुद्ध फर्जी प्रविष्टि के आधार पर प्राप्त किए गए पट्टे के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हो रहा है।

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