शारदीय नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को कानपुर के प्राचीन तपेश्वरी मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिली। मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है और यहां माता सीता ने तपस्या की थी। इसी कारण नवरात्रि के पहले दिन ही यहां भक्तों का तांता लग गया।


ब्यूरो चीफ सुजीत कुमार

#कानपुर नगर

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को कानपुर के प्राचीन तपेश्वरी मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिली। मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है और यहां माता सीता ने तपस्या की थी। इसी कारण नवरात्रि के पहले दिन ही यहां भक्तों का तांता लग गया।

मां तपेश्वरी देवी मंदिर के पट रात 3 बजे मंगला आरती के बाद ही खोल दिए गए, जिसके बाद से ही श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार मंदिर के बाहर रात से ही लगनी शुरू हो गई थी। सुबह 8 बजे तक ही लगभग 20 हजार से अधिक भक्तों ने मां के दर्शन किए।

मान्यता के अनुसार, माता सीता ने प्रभु राम के परित्याग के बाद बिठूर के वन में निवास किया था और यहीं आकर तपस्या की थी। इसी स्थान पर उनके पुत्रों लव और कुश का कर्ण छेदन संस्कार भी हुआ था। इसीलिए आज भी लोग अपने बच्चों का मुंडन और कर्ण छेदन संस्कार यहां कराने आते हैं।

इस मंदिर में चार देवियों- मां कमला, विमला, सरस्वती और लक्ष्मी के दर्शन होते हैं। पुजारियों के अनुसार, इस बार नवरात्रि विशेष योग बना हुआ है, जिसके कारण भक्तों की संख्या में और भी इजाफा हो रहा है।

शहर के अन्य देवी मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। नवरात्रि के इस पवित्र पर्व पर श्रद्धालु मां के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंच रहे हैं।

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Rajesh Kumar Siddharth

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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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