रिपोर्ट : सुधीर वर्मा,


महमूदाबाद/सीतापुर*

सीतापुर। “OPS कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और बुढ़ापे की लाठी है”—यह कहना था *NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु* का। वे 24 अगस्त 2025 को सिंचाई विभाग सीतापुर के सभागार में आयोजित पेंशन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

बंधु ने सवाल उठाया कि – “देश की सेवा और सुरक्षा करने वाले अर्द्ध सैनिक बलों, शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन का निजीकरण कर दिया गया है जबकि माननीय लोग चार-चार पेंशन ले रहे हैं। आखिर ये कैसी व्यवस्था है?”

विशिष्ट अतिथि *अटेवा के प्रदेश महामंत्री एवं NMOPS के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नीरजपति त्रिपाठी* ने कहा कि OPS की बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने ऐलान किया कि 5 सितम्बर को पूरे देश के कर्मचारी और शिक्षक उपवास रखकर सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाएंगे।

कार्यक्रम में *NMOPS के राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार* ने कहा कि यदि निजीकरण इसी तरह बढ़ता रहा तो सरकारी नौकरियां खत्म हो जाएंगी और देश का युवा ठेके पर 10–15 हजार की नौकरी करने को मजबूर होगा। वहीं प्रदेश आईटी सेल प्रभारी *कुलदीप सैनी* ने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी आवाज खुद की मीडिया बनकर बुलंद करें और बंधु जी के ट्विटर हैंडल से जुड़ें।

मंडल अध्यक्ष *डॉ. आशीष वर्मा* ने NPS/UPS को देश का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि कर्मचारियों और देश की कमाई NSDL जैसे ट्रस्ट में जा रही है।
कानपुर देहात के जिला अध्यक्ष *प्रदीप यादव* ने कहा कि कर्मचारियों को हूबहू OPS चाहिए, किसी भी संशोधन के साथ नहीं।

हरदोई जिला अध्यक्ष *डॉ. जैनुल खान* ने तंज कसा कि माननीयों ने तो अपना वेतन और भत्ते 38% तक बढ़ा लिए, 9000 रुपये मोबाइल भत्ता ले रहे हैं, जबकि आंगनवाड़ी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक व अन्य कर्मचारियों को इससे भी कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है।

लखनऊ के जिला मंत्री *विजय यादव* ने कहा कि “हम 30–35 साल देश की सेवा करते हैं और बदले में बाजार आधारित पेंशन (NPS/UPS) दिया जा रहा है, यह हमें स्वीकार नहीं।”
*लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष ओमकार तिवारी* ने साफ कहा कि OPS सिर्फ सामाजिक सुरक्षा ही नहीं बल्कि संवैधानिक अधिकार है। चाहे हड़ताल करनी पड़े या दिल्ली कूच करना पड़े, OPS की बहाली के लिए कर्मचारी तैयार हैं।

सीतापुर जिला संयोजक *अवनीश कुमार* ने सवाल उठाया कि अगर NPS/UPS इतनी अच्छी योजना है तो माननीय लोग खुद इसे क्यों नहीं अपनाते?
जिला संयोजिका *पूजा सक्सेना* ने कहा कि सरकार ने UPS स्कीम लाकर स्वयं स्वीकार कर लिया है कि NPS विफल है।

कार्यक्रम का संचालन जिला सह संयोजक *आर. के. अहिरवार* और जिला प्रचार मंत्री *दीपक वर्मा* ने किया।
अंत में जिला संरक्षिका *शशि लता वर्मा* ने सभी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर *अनुराधा त्रिवेदी, अनुपमा सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह, लेखपाल अवध यादव, जीतेन्द्र सिंह यादव, राजेश कुमार, राजकुमार, विनय हंस, केदार सिंह, दीपक सहाय, संतोष गुप्ता, मुकेश राठौर* समेत भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला सह संयोजक *बैद्यनाथ कुमार* ने कहा कि अब हर कर्मचारी NPS और UPS जैसी योजनाओं की हकीकत जान चुका है, इसलिए सरकार को एक न एक दिन OPS बहाल करनी ही पड़ेगी।
जिला महामंत्री *विकास सैनी* और संगठन मंत्री *अनुराधा त्रिवेदी* ने कहा कि OPS आंदोलन ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है, लेकिन UPS भी छलावा साबित हुई है।

### नारा गूंजा – “हमें चाहिए पूरी OPS, नहीं चाहिए NPS/UPS”

सभा के दौरान यह स्पष्ट संदेश गया कि अब देश का कर्मचारी OPS की बहाली तक चैन से बैठने वाला नहीं है।

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Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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