लखनऊ/सीतापुर। किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ का रविवार को जनपद आगमन पर जगह-जगह समर्थकों ने भव्य स्वागत किया।


प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ राजेश कुमार सिद्धार्थ का जगह-जगह भव्य स्वागत

लखनऊ/सीतापुर। किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ का रविवार को जनपद आगमन पर जगह-जगह समर्थकों ने भव्य स्वागत किया।

काफ़िला जब इटौंजा टोल प्लाजा पहुँचा तो अभय प्रताप सिंह त्यागी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद

अर्जुनपुर में पंडित प्रदीप पासी,

अटरिया में अनुज कुमार गौतम,

सिधौली में विनोद कुमार गौतम,

बिसबाँ चौराहे पर संदीप यादव,

बड़ी नहर पुल पर ज्ञानेंद्र कुमार,

टडवां चौराहे पर मोहम्मद सामुन,

सीता रसोई कस्बा में मोहम्मद कायुम,

और मास्टर बाग में सुनील कुमार, मोहम्मद उमर सिद्दीकी, सानू मलिक, मल्हन कुमार, प्रभात कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया।


इस अवसर पर अपने संबोधन में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि –
“भारत का संविधान ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है। किसान, मजदूर, नौजवान और वंचित समाज की आवाज़ बुलंद करना ही मेरा संकल्प है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस समानता और न्याय की राह दिखाई, उसे आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जब तक आख़िरी व्यक्ति को सम्मान और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”


---

???? राजेश कुमार सिद्धार्थ के प्रमुख संघर्ष और आंदोलन

1. किसानों की कर्ज़माफी आंदोलन – किसानों की बदहाली और आत्महत्या रोकने के लिए धरना व प्रदर्शन।


2. दलित उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष – पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने हेतु सड़क से लेकर सदन तक आवाज़ बुलंद की।


3. शिक्षा में समान अवसर आंदोलन – गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने हेतु अभियान।


4. रोज़गार की मांग को लेकर धरना – बेरोज़गार नौजवानों के लिए रोजगार सृजन की लड़ाई।


5. संवैधानिक अधिकार संरक्षण यात्रा – डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और संविधान की रक्षा के लिए यात्रा।


6. महंगाई व बेरोज़गारी के खिलाफ प्रदर्शन – आम जनता को राहत दिलाने के लिए लगातार आवाज़ उठाई।


7. पासी समाज के उत्थान हेतु आंदोलन – पासी बिरादरी को राजनीतिक व सामाजिक हिस्सेदारी दिलाने की मांग को मुखर किया।

राजेश कुमार सिद्धार्थ के संघर्षों की यह लंबी श्रृंखला बताती है कि वे सिर्फ़ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक जुझारू समाजसेवी और संवैधानिक मूल्यों के सच्चे प्रहरी हैं। स्वागत समारोह में उमड़ी भीड़ ने यह संदेश स्पष्ट किया कि जनता उनके संघर्षों को न केवल याद करती है, बल्कि आगे की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।