प्रेमी का कत्ल करने के बाद प्रेमिका ने बचने के लिए पूरा प्लान बनाया था। वो हत्या करने के बाद खुद अस्पताल में भर्ती हो गई, जिससे उस पर किसी को शक न हो सके। लेकिन पुलिस उस तक पहुंच ही गई।


 

मैनपुरी के कस्बा करहल के गांव राउरी चमरपुरा निवासी नरेंद्र कुमार की हत्या करने के बाद अपने बचाव के लिए आरोपी मनू ने शातिराना खेल खेला। वह तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई में भर्ती हो गई। इसके बाद मृतक के घर शोक संवेदना भी व्यक्त की। ताकि कोई उस पर शक न करे। पुलिस की तफ्तीश और सर्विलांस के जाल से आरोपी महिला व साथी बच नहीं सके।

एसपी विनोद कुमार ने बताया कि कुछ गलतियां आरोपी महिला और उसके साथियों ने की। खुद के बचाव के लिए भी मनू ने काफी शातिराना चाल चली। एसपी ने बताया कि नरेंद्र की अपने ही घर में डंडों से पीटकर हत्या करने के बाद मनू को लगा कि वह फंस सकती है। उसने बचाव के लिए अपने मोबाइल से सरकारी एंबुलेंस सेवा पर फोन मिला दिया।

 

एंबुलेंस से वह मेडिकल कॉलेज सैफई पहुंच कर भर्ती हो गई। वहां कुछ देर उपचार कराने के बाद वह मृतक नरेंद्र के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंची। ताकि मृतक के परिजन व ग्रामीण उस पर किसी तरह का शक न कर सकें। हत्याकांड के बाद आरोपियों ने मोबाइल को फ्लाइट मोड पर लगाने के साथ ही आपसी संपर्क के लिए हॉट स्पॉट के डाटा का इस्तेमाल किया।

गड्ढे में गिर गया शव तो सभी भाग गए
प्रेसवार्ता में मौजूद सीओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हत्या करने के बाद मनू देवी, अभय और ऋषि ने नरेंद्र के शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। इसके लिए नरेंद्र की बाइक का ही इस्तेमाल किया। शव को बाइक के बीच में रख कर दूर किसी सुनसान जगह पर फेंकना चाहते थे। घटनास्थल से कुछ दूर ही कच्ची सड़क के गड्ढे में फंस कर बाइक गिर गई और शव वहीं पर गिर गया। इसके बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर आगे चले गए। नगला प्रेमी के पास बाइक और मोबाइल को फेंक कर भाग निकले। शव को ठिकाने लगाने की योजना कामयाब नहीं हो सकी।

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