लोकसभा चुनाव में महंगाई व बेरोजगारी के साथ कांग्रेस कई अन्य मुद्दों के सहारे दलित-पिछड़ों के साथ मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने का प्रयास लगातार कर रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान विशेषकर जातीय गणना का मुद्दा उठाते रहे हैं।


लखनऊ। लोकसभा चुनाव में महंगाई व बेरोजगारी के साथ कांग्रेस कई अन्य मुद्दों के सहारे दलित-पिछड़ों के साथ मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने का प्रयास लगातार कर रही है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान विशेषकर जातीय गणना का मुद्दा उठाते रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अब एक दिन पूर्व लखनऊ में अलग दांव चला। 

खरगे ने विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की सरकार बनने पर गरीबों को हर माह दस किलो मुफ्त अनाज दिए जाने की घोषणा की। वर्तमान में सरकार गरीबों को हर माह पांच किलो मुफ्त अनाज प्रदान कर रही है।

बड़े वर्ग को प्रभावित करने का प्रयास

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मुफ्त अनाज लेने वाले लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक है। प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटों में से 41 सीटों पर चुनाव होना शेष है। तीन चरणों के चुनाव में आधी से अधिक सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में कांग्रेस ने मुफ्त अनाज को दोगुना किए जाने का दावा कर बड़े वर्ग को प्रभावित करने का प्रयास किया है। 

पार्टी मतदाताओं को लुभाने के लिए हर दांव चल रही है। खरगे की घोषणा के बाद पार्टी इस मुद्दे को भी प्रचार के दौरान जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही है। पांचवें, छठे व सातवें चरण वाले लोकसभा क्षेत्रों में इस मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है। 

दूसरी ओर, राहुल गांधी यूपी में अपने भाषणों में सबसे ज्यादा दलित-पिछड़ों, आदिवासी व गरीबों का मुद्दा उठाकर 90 प्रतिशत आबादी की उपेक्षा का आरोप लगाते रहे हैं।

 

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