गरीबों को मिलने वाले फ्री राशन  की घटिया गुणवत्ता से लोगों की जिंदगी से किया जा रहा खिलवाड़सीतापुर/शेष कुमार शुक्ला 


गरीबों को मिलने वाले फ्री राशन  की घटिया गुणवत्ता से लोगों की जिंदगी से किया जा रहा खिलवाड़सीतापुर/शेष कुमार शुक्ला 

सीतापुर। जनपद सीतापुर में अजब गजब की कहानी महीनो से चर्चा का विषय बनी हुई है। आपको बता दें सरकार द्वारा गरीबों को वितरण किया जाने वाले फ्री राशन  की आए दिन समाज में चर्चा हो रही है। सूत्रों का कहना है की सरकारी गल्ले की दुकान से सरकारी राशन गेहूं और चावल जनमानस को दिया जा रहा है। जिसमें चावल की गुणवत्ता बहुत ही घटिया दी जा रही है। मिलावटी चावल में प्लास्टिक के चावल मिलने की शंका जताई जा रही है। चावल को शुद्ध  पानी से धोने पर मात्र 1 मिनट के अंदर उस मिलावटी कच्चे चावल की गुणवत्ता दिखाई पड़ने लगती है। चावल को देखकर लगता है की चावल पका दिया गया है। लेकिन उसको दबाने पर ना तो दबता है और ना ही टूटता है । जो कि इस गरीब जनता से परे है। अब सवाल यह उठता है कि प्रदेश की जनता को इस तरह से घटिया राशन खिलाकर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आए दिन तरह-तरह की बीमारियों के प्रकोप बढ़ने लगते हैं। लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे समाप्त हो रही है । और जनता गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती है। शुद्ध खानपान के लिए आए दिन बाजारों में बिक रही खाद्यान्न सामानों को प्रशासन द्वारा समय-समय पर सैंपल के लेकर जांचा एवं परखा जाता है। फिर प्रशासन द्वारा सरकारी खाद्यान्न की समय-समय पर जांच क्यों नहीं की जाती है। यह एक गंभीर विषय है। प्रशासन को जनता के बीच में वितरण किया जाने वाला सरकारी खाद्यान्न की गुणवत्ता की परख करनी चाहिए। जिससे  जनता को शुद्ध गुणवत्ता परक खाद्यान्न मिल सके लोगों का जीवन स्वस्थ हो सके।

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