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राजस्थान
रमनलाल गोस्वामी
रिपोर्टर अब तक टी वी चैनल
गुरु पूर्णिमा उत्सव
आज गुरु पूर्णिमा है वहीं गुरु पूर्णिमा मेले का आज अंतिम दिन है । इस पावन अवसर पर देश विदेश से आये भक्त व श्रद्धालुओं ने गोवर्धन में गिर्राज की सात कोसीय परिक्रमा लगाई । वहीं राजस्थान सीमा के डेढ़ किलोमीटर परिक्रमा मार्ग सहित सम्पूर्ण सप्त कोसीय परिक्रमा मार्ग में परिक्रमार्थियों की सेवा में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जगह - जगह प्याऊ और भंडारे लगाये । गुरू पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा जिसके के मद्देनजर यूपी और राजस्थान का प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड़ पर है । गुरु पूर्णिमा को बृज में क्षेत्रीय भाषा में मुड़िया पूर्णिमा भी कहा जाता है । मुड़िया पूर्णिमा के अवसर पर मुड़िया शोभायात्रा निकाली गई जो राधा श्यामसुंदर मन्दिर से चकलेश्वर होते हुए गोवर्धन में दानघाटी , दसविसा और हरिदेव जी मन्दिर की परिक्रमा कर पुनः राधा श्यामसुंदर मन्दिर पहुँची जहाँ साधु संतों के लिए प्रसादी वितरित की गई । मुड़िया शोभायात्रा के प्रमुख संत रामकृष्ण महाराज ने बताया कि सनानंद पाथेय चैतन्य महाप्रभु के परम् शिष्य और गिर्राज जी के अनन्य भक्त थे । उन्होंने इसकी शुरुआत की थी । उनकी याद में मुड़िया शोभायात्रा आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व से निकाली जा रही है जिसकी परंपरा आज भी जीवंत है । मुड़िया शोभायात्रा मुड़िया बाबाओं द्वारा निकाली जाती है । सात कोसीय परिक्रमा के दौरान मुड़िया पूर्णिमा का 7 दिवसीय इस मेले में लाखों की तादाद में भक्त व श्रद्धालु गिर्राज जी की परिक्रमा लगाने आते हैं । वहीं भक्त गिर्राज जी परिक्रमा व दुग्धाभिषेक कर मनोती मांगते हैं
ब्यूरो रिपोर्ट रमनलाल गोस्वामी
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