यूपी में कांवड़ यात्रा नेमप्लेट का विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। अब आचार्य प्रमोद कृष्णम भी इस विवाद में कूद पड़े हैं और उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जानिए क्या कहा है कृष्णम ने?


यूपी से शुरू हुई कांवड़ यात्रा के दौरान पहचान सार्वजनिक करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले पर सियासत जारी है। अब इस मामले पर पूर्व कांग्रेस नेता व कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षियों को घेरा और जमकर तंज कसा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भी आचार्य प्रमोद ने पलटवार किया और कहा कि जातीय जनगणना की मांग करके पीएम मोदी को घेरने वालों को पहचान उजागर होने से क्या डर लग रहा है।

 

सीएम योगी के समर्थन में उतरे प्रमोद कृष्णम

कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में खड़े हुए दिखाई दिए। उन्होंने कांवर यात्रा पर होटल ढाबे के प्रोपराइटर के नाम लिखने के योगी सरकार के निर्णय को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कावड़ यात्रा में होटल ढाबे मालिकों के नाम के प्रोपराइटर के नाम लिखा जा रहे हैं उसे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, नाम छुपा कर कोई कारोबार नहीं करना चाहिए। यह पहले से ही किया जाता तो ज्यादा अच्छा था। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बारे में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि परिवर्तन तो संसास का नियम है लेकिन उत्तर प्रदेश की सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा।

 

अखिलेश के मानसून ऑफर पर बोले आचार्य प्रमोद

अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दो शहजादे कुछ ख्वाब देख रहे हैं लेकिन बिल्ली के भाग से कभी-कभी छींका टूटता है लेकिन कुछ बिलोटे भी इस फिराक में है कि छींका टूट जाए, जो कि टूटने वाला नहीं है। ये दो, चार शहजादे इक्कठे ही आपत्ति के लिए हुए हैं, इनका काम ही है विरोध करना। इनका काम है भारत का विरोध करना, भारत के प्रधानमंत्री से नफ़रत करना। अखिलेश यादव के मानसून ऑफर पर प्रमोद कृष्णम ने शायराना अंदाज में जवाब दिया। 100 लाओ सकरार बनाओ पर आचार्य बोले, दिल बहलाने के लिए ग़ालिब ख़्याल अच्छा है। 

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