जबलपुर में एनआईए और एमपी एटीएस की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को भोपाल में एनआईए की विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट ने आरोपी सैयद ममूर अली, मोहम्मद आदिल खान और मोहम्मद शाहिद को 7 दिन की रिमांड पर सौंपा है। तीनों को तीन जून को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि एनआईए ने मध्यप्रदेश एटीएस के साथ संयुक्त अभियान में ISIS से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में जबलपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां 26-27 मई को जबलपुर में 13 जगहों पर रातभर की छापेमारी के बाद की गई। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में धारदार हथियार, गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए है।

जबलपुर से गिरफ्तार तीन आरोपियों को भोपाल की एनआईए कोर्ट में पेश किया गया।
ISIS के प्रचार-प्रसार में लगे थे आरोपी
अगस्त 2022 में आरोपी मोहम्मद आदिल खान का नाम जांच एजेंसी के संज्ञान में आया था। आदिल खान की कथित ISIS समर्थक गतिविधियों की जांच के दौरान एनआईए ने 24 मई को मामला दर्ज किया था। जिसके अनुसार आदिल और उसके सहयोगियों पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म के साथ ही जमीनी 'दावा' कार्यक्रमों के जरिए ISIS के प्रचार प्रसार में शामिल होने के आरोप है। मॉड्यूल स्थानीय मस्जिदों और घरों में बैठकें करता था और देश में आतंक फैलाने की योजना और साजिशें रच रहा था।
जांच से पता चला कि तीनों आरोपी कट्टरपंथी है और हिंसक जिहाद को अंजाम देने के मंसूबे रखते थे। वे फंड जमा करने, ISIS प्रचार सामग्री का प्रसार करने, युवाओं को प्रेरित करने, भर्ती करने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के मकसद से हथियार और गोला-बारूद खरीदने की कोशिश में लगे थे।
सैयद ममूर अली ने 'फिसाबिलिल्लाह' के नाम से एक ग्रुप बनाया था और इसी नाम से एक वॉट्सअप ग्रुप भी चला रहा था। वह अपने साथियों के साथ पिस्तौल खरीदने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए अवैध रूप से हथियार सप्लाई करने वाले के संपर्क में था।
NIA और MP-ATS ने जबलपुर में 13 जगहों पर मारे छापे
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात जबलपुर के 13 इलाकों में छापे मारे। टीम ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील ए. उस्मानी को भी हिरासत में लिया। NIA ने देर रात उनके घंटाघर और ओमती स्थित मकानों समेत ऑफिस पर दबिश दी। सिविल लाइन इलाके के सुप्रीम प्लाजा अपार्टमेंट से भी दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि NIA की टीम ने उस्मानी समेत करीब 13 लोगों को हिरासत में लिया है।
अबू सलेम की पैरवी करने वाले वकील को नोटिस
NIA ने सिविल लाइन इलाके के सुप्रीम प्लाजा अपार्टमेंट में रहने वाले एडवोकेट नईम खान को नोटिस देकर भोपाल बुलाया है। वे अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के मामले में पैरवी कर चुके हैं। NIA की टीम नईम के घर रात में ही पहुंची थी। नईम ने भास्कर को बताया कि 25 से 30 अफसरों ने घर की तलाशी ली। उनके बेटे के बारे में जानकारी भी ली। NIA ने नईम खान को नोटिस देकर कहा है कि वे अपने बेटे को भोपाल स्थित सीआईडी ऑफिस लेकर पहुंचें।

एडवोकेट नईम खान को नोटिस देकर भोपाल बुलाया गया है।
मानसिक रूप से बीमार युवक को थाने ले गई थी टीम
ओमती इलाके से NIA ने दो भाइयों- मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद बिलाल को हिरासत में लिया था। मां अफसाना ने बताया, 'पूरी रात बच्चों को नहीं छोड़ा। मैंने पूछा भी क्यों ले जा रहे? कुछ नहीं बताया। बिलाल चार साल से मानसिक बीमार है। इसकी मेडिकल रिपोर्ट भी टीम को दिखाई, लेकिन उसे नहीं छोड़ा। जब कहा कि बच्चे को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी, तब बिलाल को छोड़ दिया। शनिवार सुबह 11 बजे शाहिद को भी छोड़ दिया। शाहिद सब्जी मंडी में काम करता है।'
दो दिन पहले उत्तर प्रदेश में भी मारी थी रेड
बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन, बांग्लादेश (JMB) से जुड़े भोपाल टेरर फंडिंग मामले में NIA ने 25 मई को उत्तर प्रदेश में दो जगह भी छापेमारी की थी। इसके बाद जबलपुर में यह रेड की गई है। JMB के 10 गिरफ्तार सदस्यों में 6 बांग्लादेशी नागरिक हैं। ये अवैध रूप से भारत में घुसे और अपने सहयोगियों की मदद से जाली पहचान पत्र भी बनवा लिए।
NIA का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपी देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध जिहाद करने के लिए कमजोर भारतीय मुस्लिम युवाओं को प्रभावित करने, कट्टरपंथी बनाने और प्रेरित करने में शामिल थे। उन्होंने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम सहित विभिन्न राज्यों में मजबूत नेटवर्क बना लिया था।
दिल्ली और भोपाल से टीम रात 11 बजे जबलपुर पहुंची।
घर की घेराबंदी, इलाका छावनी में तब्दील
वकील ए. उस्मानी के मुस्लिम बाहुल्य इलाके स्थित घर पर NIA की टीम शुक्रवार रात करीब 11 बजे पहुंची। टीम में दिल्ली और भोपाल के करीब एक दर्जन IPS अफसर और 200 पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने वकील के घर के अंदर जाकर छानबीन और पूछताछ की। कार्रवाई शुरू होने के साथ ही उनके घर की घेराबंदी कर घंटाघर और ओमती में रोड के दोनों सिरों पर बैरिकेड लगा दिए गए। आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी। जबलपुर SP तुषारकांत विद्यार्थी भी बाद में पहुंचे थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने रात में जब शहर में दबिश दी तो बैरिकेड लगाकर रास्ते बंद कर दिए।
घरों से बाहर निकले लोगों को पुलिस ने अंदर भेजा
कार्रवाई शुरू होने के साथ ही घंटाघर और ओमती में आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी। सड़क पर सिर्फ पुलिस के वाहन ही दिख रहे थे। आसपास के लोग घरों से निकलकर आने लगे, जिन्हें पुलिस बल ने रोका और भीतर ही रहने के निर्देश दिए।
प्रदेशव्यापी कार्रवाई में मिले थे महत्वपूर्ण इनपुट
NIA ने हाल ही में प्रदेशव्यापी कार्रवाई करते हुए बड़वानी, सिवनी, भिंड और खंडवा आदि में रेड मारकर संदिग्ध तत्वों को पकड़ा था। उनसे सघन पूछताछ की गई तो फॉरेन फंडिंग और हथियारों से जुड़े कई इनपुट हाथ लगे। जानकारों का कहना है कि इसी आधार पर NIA ने कार्रवाई की।
हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के घर मिला था हथियारों का जखीरा

हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक जेल में है।
दो साल पहले जबलपुर पुलिस ने गैंगस्टर अब्दुल रज्जाक के घर दबिश दी थी। पुलिस ने घर की तलाशी ली, तो 12 बोर की एक पंप एक्सन गन, 12 बोर की दोनाली बंदूक, 315 बोर की रायफल, स्पोर्टिंग 315 बोर, 0.22 बोर की इटली मेड राइफल, 10 कारतूस और 15 बकानुमा चाकू जब्त किए थे। राइफल और बंदूकों के बारे में रज्जाक कोई लाइसेंस नहीं दिखा पाया। सभी हथियारों को जब्त करते हुए ओमती थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया था।

गैंगस्टर अब्दुल रज्जाक के घर से हथियारों का जखीरा मिला था।
भोपाल में JMB के 4 आतंकी गिरफ्तार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से पिछले साल ATS ने 4 आतंकियों को पकड़ा। प्रारंभिक पूछताछ में इनका बांग्लादेशी होना पाया गया। ये प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन, बांग्लादेश के सदस्य हैं। भोपाल में रहकर आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे
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