सिहोर के मुगावली गांव में मंगलवार 6 जून को दोपहर 115 बजे ढाई साल की सृष्टि खेलते समय करीब 300 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में गिर गई थी। बच्ची को 52 घंटों के बाद बाहर निकाला गया लेकिन बच्ची की जान नहीं बच सकी।


  • 52 घंटों के बाद बाहर निकाली गई बच्ची।
  • 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थी बच्ची।
  • सृष्टि को बचाने के लिए दिल्ली और जोधपुर से आए थे एक्सपर्ट।

सीहोर, Sehore Borewell। सिहोर के मुगावील गांव में मंगलवार यानी 6 जून को दोपहर में 300 फीट गेहरे बोरवेल के गड्ढे में गिरी बच्ची को 52 घंटों के बाद बाहर निकाला गया। हालांकि, दुर्भाग्यवस उसकी जान नहीं बच सकी। उसके शव को पोस्‍टमार्टम के लिए ले जाया गया है। बता दें कि सृष्टि 6 तारीख को दोपहर 1.15 बजे खेलते समय बोरवेल में गिरी थी। 54 घंटे बाद सृष्टि को निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया।

300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थी बच्ची

सिहोर के मुगावली गांव में मंगलवार 6 जून को दोपहर 1:15 बजे ढाई साल की सृष्टि खेलते समय करीब 300 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में गिर गई थी। बच्ची को बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जिला प्रशासन ने बच्ची को बचाने के लिए दिल्ली और जोधपुर की एक्सपर्ट टीम को बुलाया था। वहीं, गुजरात की स्पेशल रोबोट टीम से भी मासूम सृष्टि को बचाने के लिए मदद मांगी गई थी। गुजरात की रोबोट टीम मुगावली गांव पहुंच चुकी है।

दिल्ली और जोधपुर से बुलाया गया था एक्सपर्ट

बुधवार को एनडीईआरएफ व एसडीईआरएफ के प्रयास विफल होने के बाद बैरागढ़ ईएमई सेंटर से सेना के जवानों को बुलाया गया था। आर्मी जवान 300 फीट गहरे बोरवेल में 100 फीट की दूरी पर फंसी सृष्टि को राड हुक से 90 फीट तक ऊपर ले आए थे, लेकिन दस फीट पहले वह छूटकर गिर गई। बताया जा रहा है कि बच्ची फिसलकर करीब 150 फीट नीचे पहुंच गई है।

इसके बाद सेना ने दूसरी बार प्रयास की, लेकिन असफल रही। इसके बाद दिल्ली और जोधपुर से एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई है। वही गुजरात की स्पेशल रोबोट टीम से भी मदद मांगी गई थी, जो सुबह 9 बजे मुंगावली पहुंची, यहां पहुंचते ही टीम ने बोरवेल से सृष्टि को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू कर दिया है।

वहीं दूसरी तरफ पोकलेन और राख ड्रिल मशीन से खोदाई भी जारी है। गुजरात की टीम ने बोरवेल में बच्‍ची की सटीक लोकेशन पता करने के लिए रोबोट को अंदर डाला था, जो साठ फीट तक नीचे गया, लेकिन उससे भी सटीक डेटा नहीं मिल सका।

सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लिया था संज्ञान

बता दें कि जब मासूम को बचाने का अभियान चलाया जा रहा था तो भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने घटनास्थल पर पहुंचकर जिला प्रशासन द्वारा नन्हीं सृष्टि को बोरवेल से निकालने के लिए किए जा रहे कार्यों को देखा और आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए थे। उन्होंने सृष्टि के माता-पिता तथा अन्य परिवारजनों को संबल प्रदान करते हुए कहा कि इन मुश्किल परिस्थितियों में हम सब आपके साथ है।

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Rajesh Kumar Siddharth

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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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