जिले के अतिमि गांव स्थित नासरीगंज-दाउदनगर सोन पुल के दो पिलरों के बीच फंसे 12 साल के बच्चे को बचाया नहीं जा सका। एनडीआरएफ की टीम ने 29 तक अभियान चलाकर बच्चे को रेस्क्यू किया था। अस्पताल में डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया


  • दो दिन से घर से लापता था बच्चा, बुधवार को पुल के पिलर में फंसा मिला

  • 22 घंटे से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

  • मौके पर उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे

नासरीगंज (रोहतास)। Rohtas Newsजिले के अतिमि गांव स्थित नासरीगंज-दाउदनगर सोन पुल के दो पिलरों के बीच फंसे 12 साल के बच्चे को बचाया नहीं जा सका। एनडीआरएफ की टीम ने 29 तक अभियान चलाकर बच्चे को रेस्क्यू किया था। रेस्क्यू के बाद बच्चे को वहां से 40 किमी दूर स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां, डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के संयुक्त प्रयास से पिलर में फंसे बच्चे को 29 घंटे के बाद पिलर से निकाला जा सका था। बच्चे की पहचान खिरियांव गांव निवासी शत्रुघ्न प्रसाद के पुत्र रंजन कुमार के रूप में हुई। पिता के अनुसार उनका बेटा मानसिक रूप से अस्थिर था।

 

 

 

Bihar: पुल के पिलर से निकाले गए बच्चे की मौत, 29 घंटे तक चले मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी नहीं बची जिंदगी

Rohtas News जिले के अतिमि गांव स्थित नासरीगंज-दाउदनगर सोन पुल के दो पिलरों के बीच फंसे 12 साल के बच्चे को बचाया नहीं जा सका। एनडीआरएफ की टीम ने 29 तक अभियान चलाकर बच्चे को रेस्क्यू किया था। अस्पताल में डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Bihar: पुल के पिलर से निकाले गए बच्चे की मौत, 29 घंटे तक चले मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी नहीं बची जिंदगी

 सोन पुल के दो पिलरों के बीच फंसे बच्चे को निकाला गया।

HighLights

  • दो दिन से घर से लापता था बच्चा, बुधवार को पुल के पिलर में फंसा मिला

  • 22 घंटे से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

  • मौके पर उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे

 नासरीगंज (रोहतास)।जिले के अतिमि गांव स्थित नासरीगंज-दाउदनगर सोन पुल के दो पिलरों के बीच फंसे 12 साल के बच्चे को बचाया नहीं जा सका। एनडीआरएफ की टीम ने 29 तक अभियान चलाकर बच्चे को रेस्क्यू किया था। रेस्क्यू के बाद बच्चे को वहां से 40 किमी दूर स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां, डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के संयुक्त प्रयास से पिलर में फंसे बच्चे को 29 घंटे के बाद पिलर से निकाला जा सका था। बच्चे की पहचान खिरियांव गांव निवासी शत्रुघ्न प्रसाद के पुत्र रंजन कुमार के रूप में हुई। पिता के अनुसार उनका बेटा मानसिक रूप से अस्थिर था।

 

 

 

(इसी पिलर के बीच फंसा था बच्चा)

(रंजन की तस्वीर)

पाइप से पहुंचाई गई थी ऑक्सीजन

नासरीगंज के बीडीओ मोहम्मद जफर इमाम ने बताया कि प्रशासन हरसंभव प्रयास किया गया था। रात पौने तीन बजे से एनडीआरएफ की टीम भी बच्चे को निकालने में लगी थी। पूरे ऑपरेशन के ऑक्सीजन के 35 सिलेंडर दिए गये। पूरा प्रयास बच्चे को बिना नुकसान पहुंचे बाहर निकालने का था।

उपेंद्र कुशवाहा मौके पर मौजूद

बताया जा रहा है कि बच्चा पिलर के नीचे वाले भाग से ही चढ़कर उसपर पहुंचा और गैप में गिरकर फंस गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनता दल प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे और बच्चे को निकाले जाने के लिए किए जा रहे प्रयास की जानकारी ली।

(घटनास्थल पर पहुंचे उपेंद्र कुशवाहा) 

दो दिन से घर से लापता था रंजन

पिता ने बताया कि उनका बेटा दो दिन से घर से गायब था। उसकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान बुधवार को दोपहर बाद पुल से गजर रही एक महिला ने लड़के को पिलर में फंसे देखा और वह रो रहा था। जिसके बाद महिला ने उसके परिजनों को सूचना दी।

(पिलर में होल कर निकालने का प्रयास)

(मौके पर इकट्ठी भीड़)

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Rajesh Kumar Siddharth

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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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