अतीक-अशरफ केस में SC ने UP सरकार से जवाब मांगा:पूछा- दोनों की वैन सीधे अस्पताल क्यों नहीं ले गए, हत्यारों को ये खबर कैसे लगी?


 

अतीक और अशरफ मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को UP सरकार से जवाब मांगा। अदालत ने मर्डर केस की डिटेल रिपोर्ट मांगी है। पूछा कि सरकार बताए कि उस दिन क्या हुआ और जांच में अब तक क्या-क्या हुआ? इसके अलावा कोर्ट ने 24 फरवरी को हुए उमेश पाल मर्डर केस के आरोपियों की एनकाउंटर की रिपोर्ट भी मांगी है।

कोर्ट ने UP सरकार से पूछा कि हत्यारों को यह जानकारी कैसे मिली कि अतीक-अशरफ को अस्पताल ले जाया जा रहा है। अतीक-अशरफ को ले जा रही गाड़ी को सीधे अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? मामले में अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद होगी।

अतीक-अशरफ की 15 अप्रैल की रात 10:35 बजे प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोली मारने वाले लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्या ने तुरंत सरेंडर कर दिया था। उमेश पाल मर्डर केस में पुलिस एनकाउंटर में अब तक 4 चार आरोपी मारे जा चुके हैं। इनमें अतीक का बेटा असद, गुलाम, अरबाज, उस्मान चौधरी शामिल हैं।

अतीक और अशरफ के मर्डर का रीक्रिएशन किया गया था

 

15 अप्रैल को माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

15 अप्रैल को माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस कस्टडी में हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद UP सरकार ने SIT के अलावा न्यायिक आयोग का गठन किया था। न्यायिक जांच आयोग और SIT के सदस्यों की मौजूदगी में 19 अप्रैल को क्राइम सीन को रीक्रिएट किया गया था। आयोग की टीम ने इससे पहले घटनास्थल का मुआयना किया था। आयोग ने पुलिस अफसरों से जानकारी भी ली थी।

आयोग ने शूट आउट में घायल सिपाही मानसिंह और धूमनगंज थाना प्रभारी राजेश मौर्या से भी घटना के बारे में पूछताछ की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वितीय आयोग के अध्यक्ष हैं।

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- योगी सरकार में हुए 183 एनकाउंटर की जांच हो

कोर्ट ने वकील विशाल तिवारी की याचिका पर यह आदेश दिया है। वकील ने हत्याकांड की हाई लेवल जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की थी। याचिका में योगी सरकार में अभी तक हुए कुल 183 एनकाउंटर की जांच की मांग भी की थी। हालांकि, UP सरकार ने याचिका दाखिल होने के बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की थी। सरकार ने कहा- इस मसले पर बिना सरकार का पक्ष सुने कोई भी फैसला न दिया जाए।

पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी सुप्रीम कोर्ट में लेटर पिटीशन दाखिल की है। कहा- अतीक अहमद और उसका भाई अपराधी हों, मगर जिस तरह से उनकी हत्या हुई, उससे इस घटना में राज्य सरकार का रोल होने की आशंका दिखती है। इसकी जांच सीबीआई करे।

सपा ने ही अतीक को मरवाया है, ताकि राज न खुलें- BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर

 

 

अतीक-अशरफ केस में गाजियाबाद से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "सपा ने ही अतीक को मरवाया है, ताकि राज न खुलें। अखिलेश के साथ अतीक के क्या संबंध हैं? जब चुनाव के बाद जांच होगी, तब पता चल जाएगा।"

विधायक ने कहा, "सपा ने शाइस्ता परवीन के साथ मिलकर अतीक को मरवाया है। ऐसे राज थे कि पार्टी समाप्त हो जाती। लोग नफरत करने लगते। गुड्डू मुस्लिम कौन है? मुझसे पूछोगे? एजेंसी जांच कर रही है। वरना अभी सब बताता।"

नंदकिशोर ने कहा, "हमने तो अतीक को उम्रकैद की सजा कर दी थी। हम कानून को मानने वाले हैं। पुलिस मारती तो हम समर्थन करते। लेकिन उसको मरवाया गया। जब इसका खुलासा होगा, तो कोई व्यक्ति वोट देगा इनको? ये सोच रहे हैं कि अतीक का मर्डर कराकर वोट ले लेंगे।

उमेश पाल हत्याकांड में शामिल आरोपियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, परिजन ने SC-ST एक्ट की धारा बढ़ाने को दी एप्लिकेशन

 

उमेश पाल हत्याकांड में दर्ज मुकदमे में आरोपी बनाए गए लोगों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। इस केस में आरोपियों पर SC और ST एक्ट के तहत धाराएं और बढ़ेंगी। उमेश पाल की पत्नी जया पाल की ओर से धूमनगंज थाने में इस संबंध में तहरीर दी गई है। तहरीर के साथ उमेश का SC होने का प्रमाण पत्र भी लगाया गया है। जय ने कहा है कि मुकदमे में अगर इस बात का जिक्र नहीं है कि उमेश पाल SC थे तो इसे बढ़ा लिया जाए।

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अतीक-अशरफ के मर्डर प्वाइंट से रिपोर्ट, हमलावरों ने धोबी-घाट, डिस्पेंसरी और होटलों के बीच जगह चुनी, जहां ठहरे वहां से 500 मीटर दूर हत्या की

 

3 रास्ते... पहला: प्रयागराज जंक्शन की तरफ जाती कॉल्विन रोड। दूसरा: अस्पताल में बने रैन-बसेरे और धोबी-घाट वाली गली। तीसरा: कॉल्विन अस्पताल में बनी डिस्पेंसरी को जाता पाथ-वे। इन्हीं 3 रास्तों के बीचों-बीच माफिया अतीक और उसके छोटे भाई अशरफ को गोलियों से मौत के घाट उतार दिया गया। कुल 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोलियां अतीक को लगी थीं।

आखिर, क्यों शूटर्स ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए पूरे प्रयागराज में यही स्पॉट चुना? कैसे आसानी से पुलिस का घेरा तोड़कर ये घटना हुई? ऐसे तमाम सवालों का जवाब जानने दैनिक भास्कर की टीम कॉल्विन अस्पताल के उस हिस्से तक पहुंची। 

अतीक और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में हत्या, मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाते वक्त सिर में गोली मारी

अतीक से मीडिया सवाल कर रहा था। इसी बीच तीन युवक मीडियाकर्मी बनकर पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आए और अतीक के सिर में गोली मार दी। इसके फौरन बाद अशरफ पर फायरिंग की। दोनों वहीं ढेर हो गए।

इस हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। तीनों हमलावरों ने सरेंडर कर दिया है। हमलावरों की पहचान लवलेश, सनी और अरुण मौर्य के नाम से हुई है। उनके पास से मीडिया कार्ड, कैमरा और माइक भी मिला है। इस हमले में कॉन्स्टेबल मानसिंह को भी गोली लगी है, जिसे अस्पताल ले जाया गया है। 

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