राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा व्यापक हो गई


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने सोमवार को कहा कि संयुक्त नागरिक सैन्य कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में फायदेमंद साबित होगा। यह सिविल सेवकों और सशस्त्र बलों के अधिकारियों बीच समन्वय और सहयोग की समझ विकसित करने में भी मददगार होगा।

क्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने सोमवार को कहा कि संयुक्त नागरिक सैन्य कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में फायदेमंद साबित होगा। यह सिविल सेवकों और सशस्त्र बलों के अधिकारियों बीच समन्वय और सहयोग की समझ विकसित करने में भी मददगार होगा। बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा की समझ के लिए सिविल कर्मचारियों (civil servants) और सशस्त्र बलों के अधिकारियों के बीच एक संरचित इंटरफेस को बढ़ावा देने के मकसद से 2001 में सरकार की ओर से संयुक्त नागरिक सैन्य कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी।

इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सिविल सेवा, सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से लिया जाता है। इसका मकसद प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रबंधन, बाहरी और आंतरिक सुरक्षा वातावरण के साथ ही वैश्वीकरण के प्रभाव से जुड़ी चुनौतियों से परिचित कराना है। प्रतिभागियों को इस विषय पर बातचीत करने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करना और उन्हें नागरिक-सैन्य तालमेल की अनिवार्यता से अवगत कराना भी इसका उद्देश्‍य है।  

मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में 28वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा व्यापक हो गई है, क्योंकि कई गैर-सैन्य आयाम जोड़े गए हैं। सैन्य हमलों से सुरक्षा के पहलुओं को लेकर उन्होंने रूस-यूक्रेन जैसे अन्य संघर्षों को इस बात का प्रमाण बताया कि दुनिया पारंपरिक युद्ध से इतर कहीं दूसरी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।

उन्‍होंने कहा कि शांति के दौरान भी कई मोर्चों पर युद्ध जारी है। किसी भी देश के लिए युद्ध उतना ही घातक होता है जितना कि उसके दुश्मनों के लिए... इसलिए, पिछले कुछ दशकों में युद्धों से बचा गया है। अब युद्ध की जगह परदे के पीछे से जारी परोक्ष टकरावों ने ले ली है। मौजूदा वक्‍त में प्रौद्योगिकी, आपूर्ति लाइन, सूचना, ऊर्जा, व्यापार प्रणाली, वित्त प्रणाली आदि को हथियार बनाया जा रहा है। इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिकों के सहयोग की जरूरत पड़ती है।

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Rajesh Kumar Siddharth

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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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