ab tak tv@सौतेली मां ने सौतेले बेटे कोगला दबाकर चढ़ा दी बलि
गला दबाकर चढ़ा दी बलि
रोते हुए पिता ने कहा..
खुलासे के बाद मृतक का पिता जितेंद्र प्रजापति रो-रोकर कहने लगा अगर पता होता ये मेरे बेटे को ही खा जाएगी तो कभी इससे शादी न करता। बेटा छोटा था उसे मां का प्यार मिले इसी की देखभाल के लिए दूसरी शादी कर इसे लाया अंधविश्वास के चक्कर में एक बच्चे की बलि दे दी गई। जामो थाना क्षेत्र में रविवार को बच्चे का शव मिला था, जिसका बुधवार को अमेठी पुलिस ने दिल को दहला देने वाला खुलासा किया है।
बच्चे की किसी और ने नहीं बल्कि उसकी सौतेली मां ने तंत्र-मंत्र के चक्कर मार कर शव फेंक दिया था। घटना में शामिल सौतेली माँ तांत्रिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।
जामो थाना क्षेत्र के रेशी गांव में पांच साल के बच्चे का शव घर के समीप एक नाले में रविवार सुबह मिला था। घटना के बाद मृतक के पिता की जितेंद्र प्रजापति की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए टीमों का गठन किया गया था। इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस ने इस घटना का खुलासा कर दिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन लोगों ने बच्चे के शरीर को पहले धूपबत्ती, चिलम और कपूर से जलाया था। उसके बाद बच्चे के रोने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। फिर उसको नाले में फेंकने के बाद अपने-अपने घर चले गए थे।
आरोपी सौतेली मां रेनू ने बताया कि उसकी शादी डेढ़ साल पहले जितेंद्र प्रजापति से हुई थी। ये शादी उसकी दूसरी शादी थी। शादी के बाद से ही वो बच्चा चाहती थी लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था।
उसने कई जगह से अपना इलाज भी करवाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गांव में झाड़-फूंक भी करवाया लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ।
इसी दौरान वह एक दिन अपने मायके गई। वहां उसने ये बात अपने माता-पिता को बताई। जिसके बाद शाम को उनके माता पिता उसे एक तांत्रिक के पास ले गए। उस तांत्रिक ने कुछ देर तंत्र क्रिया करने के बाद उसे कुछ जड़ी बूटी दी और उसको खाने के लिए कहा। काफी दिनों तक वह ये सब करती रही लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
जिसके बाद उस तांत्रिक ने उससे कहा कि तुमको दोष लगा हुआ है, ये दोष बलि से ही जाएगा। अगर तुम बच्चा चाहती हो तो किसी मासूम की बलि दे दो। रेनू का कहना था कि पहले तो उसको कुछ समझ नहीं आया लेकिन बाद में उसका ध्यान अपने पति के बेटे सतेंद्र पर गया। उसने तभी तय कर लिया था कि वो सतेंद्र की ही बलि चढ़ाएगी।
जिसके बाद रेनू ने 11 जून को जब उसके पति शादी में गए तो वो सतेंद्र को लेकर गांव के पास लगे पीपल के पेड़ पर ले आई। वहां उसकी माता-पिता और तांत्रिक पहले से ही मौजूद थे। उन लोगों ने वहां पर तांत्रिक के दिए चिलम, धूपबत्ती और कपूर से बच्चे को जलाना शुरू कर दिया। सतेंद्र रोने लगा तो उसका मुंह दबा दिया। उसके बाद वहीं पर उसका गला दबाकर उसको नाले में फेंक दिया।
वहीं इस क्रिया कलाप को कराने वाले तांत्रिक दयाराम यादव ने बताया कि 11 जून की रात को हम लोग रेनू के लिए तंत्र क्रिया कर रहे थे। रेनू अपने मां-बाप के साथ मिलकर मासूम को चिलम, अगरबत्ती और कपूर से जला रही थी। सतेंद्र चिल्लाने लगा तो उसकी सौतेली मां ने गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। उन लोगों ने बच्चे को मारा भी था।

गला दबाते समय महिला के पिता सतेंद्र के पैर पकड़े हुए थे। वहीं मां मुंह दबा रही थी। खुलासा करते हुए एएसपी हरेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस को पहले से सौतेली मां पर ही शक था। बच्चे की ऐसी निर्मम हत्या के बाद भी उसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वो ज्यादा किसी से बात भी नहीं कर रही थी। वो बयान भी दो-तीन बार बदल चुकी थी।
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा सच बता दिया। उसने घटना में शामिल अन्य लोगों का नाम भी बता दिया। सौतेली मां रेनू, महिला की मां प्रेमा देवी, पिता मंगरू प्रजापति और तांत्रिक दयाराम यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। बच्चा न होने पर इस घटना को अंजाम दिया गया है। हत्या में प्रयुक्त गांजा नींबू, जायफल, अंगौछा और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
खुलासे के बाद मृतक का पिता जितेंद्र प्रजापति रो-रोकर कहने लगा अगर पता होता ये मेरे बेटे को ही खा जाएगी तो कभी इससे शादी न करता। बेटा छोटा था उसे मां का प्यार मिले इसी की देखभाल के लिए दूसरी शादी कर इसे लाया था। लेकिन ये तो उसी की दुश्मन बन गई। रेनू पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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