ओडिशा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से 20 लाख से ज्यादा लोगों नाम हटा दिए गए हैं. रविवार (5 जुलाई) को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के मुताबिक राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 3.33 करोड़ से घटकर 3.13 करोड़ रह गई है
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आर.एस. गोपालन ने बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि और सत्यापन में अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं. उन्होंने बताया कि 20 मई को मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के समय राज्य में 3.33 करोड़ मतदाता थे.
सूची में अब 3.13 करोड़ मतदाता
30 मई से 28 जून तक चले SIR अभियान के बाद तैयार मसौदा सूची में अब 3.13 करोड़ मतदाता हैं. इनमें 1.60 करोड़ पुरुष, 1.53 करोड़ महिला औक 2,775 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए 20 लाख मतदाताओं में से 8.32 लाख की मौत हो चुकी है, वहीं 10.07 लाख अन्य दूसरी जगहों पर चले गए या SIR के दौरान मौजूद नहीं रहे. इसके अलावा 1.58 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज पाए गए जिन्हें हटाया गया. वहीं करीब 14 हजार मतदाताओं ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) को निर्धारित गणना प्रपत्र जमा नहीं किए.
अंतिम सूची 6 सितंबर को प्रकाशित होगी
मुख्य निर्वाचन अधिकारीगोपालन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वो अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने कहा कि दावों और आपत्तियों पर 4 अगस्त तक सुनवाई की जाएगी और अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी.
दावा या आपत्ति कैसे दर्ज कराएं
उन्होंने कहा अगर किसी व्यक्ति का नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं है, तो वो अपने दावे और आपत्तियां BLO, ईसीआईनेट (ECINet) मोबाइल एप या निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं. दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 अगस्त निर्धारित की गई है.
उन्होंने बताया कि राज्य के 147 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 994 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) सभी दावों और आपत्तियों की जांच करेंगे. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी, ताकि सभी मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण हो सके. अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी.
विपक्षी दलों का सरकार पर हमला
इस बीच मतदाता सूची के मसौदे पर टिप्पणी करते हुए बीजू जनता दल (बीजद) के उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र ने दावा किया कि 20 लाख नहीं, बल्कि 27 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ माने जाने वाले 20 लाख मतदाताओं के नाम हटाया जाना एक साजिशहै. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आने वाले दिनों में इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाएगी.
बीजेपी का पलटवार
विपक्षी नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी विधायक बाबू सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया है, न कि बीजेपी ने. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मसौदा सूची को लेकर कोई आपत्ति है तो वो उपयुक्त माध्यम से निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां/दावे प्रस्तुत कर सकते हैं.
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