पुष्प निकेतन का सत्रहवाँ स्थापना दिवस मनाया गया। तेनालीराम का नाटक रहा मुख्य आकृर्षण का केन्द्र।  


पुष्प निकेतन का सत्रहवाँ स्थापना दिवस मनाया गया।
तेनालीराम का नाटक रहा मुख्य आकृर्षण का केन्द्र।                            बिजनौर से मनीष उपाध्याय की रिपोर्ट।
धामपुर :- पुष्प निकेतन स्कूल धामपुर के सत्रहवें स्थापना दिवस कार्यक्रम 'तेनालीराम की सांस्कृतिक संध्या बहुत ही आकर्षक रही। इस वर्ष विजयनगर साम्राज्य के सम्राट कृष्णदेवराय के दरबार में प्रतिष्ठित कवि 'तेनालीराम' के जीवनवृत्त और कारनामों को केन्द्र में रखकर कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों की शत् प्रतिशत भागीदारी के साथ कार्यक्रम का मंचन किया गया। नाटक के अतिरिक्त जहाँ एक तरफ 'तेनालीराम' थीम से सम्बद्ध होकर भारत के अनेक प्रान्तों और विभिन्न देशों के प्रचलित नृत्यों की झलकियाँ आकर्षण का केन्द्र बनी हुई थीं वहीं दूसरी ओर भारतीय शास्त्रीय संगीत की छंटा एक नया ही रंग बिखेर रही थी ।

 विद्यालय में इतना भव्य आकर्षक और चिरप्रतीक्षित कार्यक्रम देखने को मिला। 1500-1600 अभिभावकों से खचा खच भरे मैदान का हर लम्हां तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज रहा था । संक्षेप में कह सकते हैं कि कला-संगीत-नृत्य के सम्मिश्रण के साथ यहाँ के प्राकृतिक सौन्दर्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया । इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डी०एस०एम० के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी अभूतपूर्व सहयोग रहा।

कार्यक्रम समापन पर डी०एस०एम० के एम०डी० श्री गौरव गोयल जी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें देश-विदेश के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने का अवसर मिला है किंतु उन सभी की तुलना में यह कार्यक्रम उन्हें सर्वोत्तम लगा ।  विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमति रश्मि रेखा जी और संगीत शिक्षक श्री पुष्पेन्द्र चौहान जी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए एम०डी० श्री गौरव गोयल जी ने शिक्षकों और बच्चों को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने मंच पर खड़े 12वीं के विद्यार्थियों को उनके आगामी जीवन की शुभकामनाएं देकर उनकी ओर मुखातिब होकर कहा कि आप सभी जीवन में सही रास्ते पर चलें और अपने जीवन को

सार्थक बनाएं ।

पुष्प निकेतन की प्रधानाचार्या श्रीमति रश्मि रेखा जी ने सभी अतिथियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के संकट - चुनौति से निकल इस कार्यक्रम की प्रस्तुति के बाद हम सभी अपार ऊर्जा से भरे हुए हैं। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त हुए कहा कि आप सभी के सहयोग और अथक परिश्रम के बल पर ही यह कार्यक्रम सफल हुआ है।

प्रधानाचार्या ने अपने भाषण में श्रीमति प्रियांजली गोयल जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके मार्गदर्शन व सहयोग से हम उन्नति की राह पर बढ़ रहे हैं इसी क्रम में प्रधानाचार्या ने श्री सुभाष पाण्डे (यूनिट हेड डी०एस०एम०), श्रीमति वनीता सिन्हा (वाइस प्रेसीडेंट कॉर्डिनेशन, डी०एस०एम० हेड ऑफिस), श्रीमति ज्योति नगरानी (शिक्षा सलाहकार ) तथा डी०एस०एस० के अधिकारियों (श्री विजय कुमार गुप्ता जी, श्री सुभाष शर्मा जी, श्री रेड्डी जी, श्री लवकुश जी, श्री सुदर्शन जी ) और शिखर शिशु सदन, धामपुर के संचालक श्री नरेन्द्र गुप्ता जी और उनकी पत्नी श्रीमति मधुश्री जी के प्रति भी अपना आभार व्यक्त किया। अंत में उपस्थित अभिभावकों व बच्चों का आभार - धन्यवाद व्यक्त करते हुए उन्होंने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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