पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में अंतरराष्ट्रीय प्रैस परिषद ने मुख्य मंत्री के नाम उपजिलाधिकारी धामपुर को सौंपा ज्ञापन


पत्रकारों के उत्पीड़न के विरोध में अंतरराष्ट्रीय प्रैस परिषद ने मुख्य मंत्री के नाम उपजिलाधिकारी धामपुर को सौंपा ज्ञापन        ।                       धामपुर:- अंतर्राष्ट्रीय प्रेस परिषद जनपद बिजनौर के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार दक्ष के नेतृत्व में  पत्रकारों के उत्पीड़न को लेकर एवं जनपद बांदा में 7 निर्दोष पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे में दर्ज किए गए उन मुकदमों को वापस लिए जाने के संबंध में प्रेदेश के मुख्यमंत्री ने के नाम उप जिलाधिकारी धामपुर मनोज कुमार सिंह को  एक ज्ञापन सौंपा है । ज्ञापन में  कहा गया है कि जनपद बांदा में 7 निर्दोष पत्रकारों पर फर्जी दर्ज किए गए मुकदमे वापस लिए जाएं ।  ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सरकार में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर आए दिन झूठे मुकदमे पुलिस और खनन माफियाओं की अपराधियों की साठगांठ के चलते दर्ज किए जाते हैं ,  जिसका जीता जागता उदाहरण जनपद बांदा में सात पत्रकारों के खिलाफ खनन माफियाओं ने पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी से मिलकर निर्दोष पत्रकार अवनीश चंद्र दीक्षित ,  राजकुमार , आमोद कुमार , पूरन राय , राहुल द्विवेदी , अमर सिंह , पुरुषोत्तम के खिलाफ थाना नरैनी में झूठा मुकदमा दर्ज कराया जो कि पत्रकार अवैध खनन की खबर कवरेज करने गए थे । आरोप है कि सीओ ने पत्रकारों को बुलाकर  थाना नरैनी में जमकर पिटाई की   गई और इतना ही नहीं बल्कि उक्त पत्रकारों पर झूठा  दर्ज कराया गया। मुकदमा अपराध संख्या 204 /  2022 धारा 386 ,  506 आईपीसी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है  । पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से उक्त मुकदमे की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है  तथा खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नरैनी थानाध्यक्ष को बर्खास्त किया जाने की मांग की गई है।  जिससे लोकतंत्र की हत्या करने वाले भ्रष्टाचार  में डूबने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई कर लोकतंत्र की रक्षा की जा सके । ज्ञापन में कुछ विशेष मांगे हैं । जिनमें से जनपद बांदा में थाना नरैनी में झूठे मुकदमे में भेजे गए जेल 7 पत्रकारों को रिहा किया जाए ।तथा सभी मान्यता प्राप्त , गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सरकारी बसों और रेलों में निशुल्क यात्रा करने का आदेश पारित किया जाए , तथा पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करने से पहले उसकी जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट से कराई जाए और गिरफ्तारी से पहले संपादक या प्रेस काउंसिल नई दिल्ली से अनुमति ली जाए , पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए ,  पत्रकारों को सरकार द्वारा तीस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए ।   
पत्रकारों ने संगठन के माध्यम से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से पत्रकारों की सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए मांगें स्वीकार किये जाने की बात कही है।
 अंतर्राष्ट्रीय प्रेस परिषद संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा है कि यदि पत्रकारों की सुनवाई नहीं होती है तो पत्रकारों को आगामी 30 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में   जिला मुख्यालय पर लोकतंत्र बचाओ ,  मीडिया बचाओ के साथ अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे ।  जिसकी जिम्मेदारी शासन - प्रशासन की होगी । ज्ञापन देने वालों में अंतरराष्ट्रीय प्रेस परिषद के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार दक्ष , राष्ट्रीय महासचिव मनीष उपाध्याय , जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार, लोकेंद्र चौहान , हेमंत चौहान , राकेश कुमार , रविनाथ, सुशील रस्तोगी , आदि पत्रकार शामिल रहे।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।