माननीय मुख्यमंत्री महोदय, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ द्वारा- जिलाधिकारी, बांदा।


प्रतिष्ठा में,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ
द्वारा- जिलाधिकारी, बांदा।
विषय- जनपद बांदा में पत्रकारों के खिलाफ किये गये फर्जी मुकदमे को वापस
किये जाने तथा जांच कराकर दोषी सी०ओ० नरैनी व अवैध खनन
माफियाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्यवाही
किये जाने के सम्बन्ध में प्रत्यावेदन |
महोदय,
अवगत कराना है कि दिनांक 25.09.2022 को हाजा/मुकामी सी०ओ०नरैनी
द्वारा 07 पत्रकारों के खिलाफ बालू माफियाओं के योजनानुसार कूटरचित/फर्जी
मनगढन्त आरोप लगाकर बिना किसी सूचना दिये, बिना पक्ष सुने, योजनाबद्ध तरीके से
बिना जांच कराये रंगदारी का रातो रात मुकदमा लिखकर जेल भेजा गया है, जो अति
निन्दनीय व असहनीय है तथा निम्नलिखित है-
01.यह कि दिनाक 25.09 2022 को ग्रामीणों की सूचना पर हमारे 07 पत्रकारों द्वारा
हो रहे अवैध खनन तथा ओवर लोडिंग की कवरेज की जा रही थी, जिससे
भयभीत होकर अजय सिंह पुत्र कल्लू ग्राम-
-लहुरेहटा, नरैनी बालू माफिया / खदान
संचालक पुलिस दलाल, पत्रकारों से कहा कि अपना आई कार्ड दिखाओं, आई
कार्ड दिखाने पर उनकी गोपनीय ढंग से फोटो खीच ली, जो रिपोर्ट पर उल्लिखित है।
02.यह कि उपरोक्त बालू माफिया द्वारा रंगदारी में रूपये लेने का आरोप लगाया
गया है, उनके फोटो, वीडियो रिपोर्ट पर अंकित / दर्शाये नही गये हैं, जिससे
लगाये गये आरोप निराधार एवं फर्जी / मनगढन्त तथा स्वतः शून्य है।
03.यह कि बालू माफिया को बचाने के लिये उसके ओवर लोडिंग ट्रकों की वीडियो जो पत्रकारों द्वारा कवरेज की गयी थी, उनको सी०ओ० नरैनी द्वारा बलपूर्वक जबरदस्ती पत्रकारों से मोबाइल छीनकर उनके वीडियो तथा फोटो डिलीट कर दी गयी है, जो ऐसा हरगिज नहीं किया जाना चाहिये था।
04.यह कि सी०ओ० नरैनी द्वारा इतना ही नहीं, बालू माफिया को खुश करने लिये उक्त सभी पत्रकारों के साथ खुद मारपीट की गयी और मनगढ़न्त / फर्जी रिपोर्ट रातो-रात लिखकर जेल भेज दिया गया, जो शर्मनाक है तथा जांच का
विषय है।
05.यह कि सी०ओ०नरैनी व बालू माफियाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर सभी पत्रकारों को दोषमुक्त किया जाना विधि संगत है।
06.यह कि इस घटना की वास्तविकता को लिखित पत्रावली के साथ जनपद बांदा
का समस्त मीडिया प्रतिनिधि दिनांक 27.09. 2022 को पुलिस अधीक्षक, बांदा तथा जिलाधिकारी, बांदा के पास पहुंचे, तो उनके द्वारा मिलने से इंकार कर दिया गया। मजबूर होकर धरने में सभी पत्रकारों को बैढ़ना पड़ा। क्या यही है समता, बन्धुता, स्वतन्त्रता, आजादी तथा भारतीय संवैधानिक अधिकार? यदि नहीं, तो तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्यवाही किया जाना जनहित में जरूरी है।
अतः श्रीमान् जी से अनुरोध है कि निर्दोष सभी पत्रकारों के विरूद्ध फर्जी की गयी कार्यवाही वापस कराये जाने तथा दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कठोर से कठोर सख्त कानूनी कार्यवाही किये जाने हेतु आदेश करने
की कृपा करें, जिससे पुनः कोई ऐसी घटना कारित न हो सके तथा न्याय मिल सके, तो महान दया होगी।
नोट- समस्त मीडिया प्रतिनिधि मण्डल आन्दोलित है।
दिनांक- 28.9.20202

भवदीय,
समस्त मीडिया प्रतिनिधि
जनपद-बांदा

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