मैगलगंज के रहजनियां गांव का रहने वाला था छात्र
लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। रोजाना ही पीड़ितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, जिसका अंदाजा ओपीडी में उमड़ने वाली भीड़ से लगाया जा सकता है। शहर की अपेक्षा गांवों के हालात ज्यादा खराब हैं। गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियां कहर बरपा रही हैं। उधर, पसगवां सीएचसी क्षेत्र निवासी एक छात्र की बुखार से मौत हो गई। गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
शहर से लेकर गांवों में गंदगी और जलभराव होने से संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। लगभग हर घर में कोई न कोई बुखार की चपेट में है। सबसे ज्यादा मोहम्मदी सीएचसी के गांव बुखार और पेट दर्द की चपेट में हैं। बसबिरवा गांव और इसके आसपास के करीब आधा दर्जन गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। एक हजार से अधिक बुखार पीड़ितों की जांच में 29 लोग मलेरिया और एक युवक डेंगू और स्क्रब टायफस से पीड़ित मिला है। उधर, पसगवां सीएचसी के गांव में भी संक्रामक बीमारियां पांव पसारने लगी हैं। पिछले दिनों में तमाम लोग बुखार से पीड़ित मिल चुके हैं।
उधर, गांव रहजनिया में बृहस्पतिवार को बुखार की चपेट में आने से कक्षा दो के एक छात्र की मौत हो गई। उसके घर में कई अन्य बच्चे भी बुखार की चपेट में हैं, जिनका सीतापुर जिले में इलाज हो रहा है। मनीराम ने बताया कि बेटे नवनीत को बुधवार रात करीब सात बजे अचानक तेज बुखार आ गया। हालत बिगड़ने पर शाहजहांपुर जिले के एक अस्पताल लेकर गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच में डॉक्टरों ने मलेरिया होना बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक बालक की मौत होने के बावजूद कोई डॉक्टर न तो जांच के लिए आया और न ही दवाएं देने। मनीराम ने बताया कि घर में कई अन्य लोग भी बुखार की चपेट में हैं। संक्रामक रोगों के फैलने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ने लगी है। रोजाना एक हजार से अधिक पर्चे बन रहे हैं। बृहस्पतिवार को 1028 नए पर्चे बने और करीब पांच सौ पुराने पर्चों पर मरीज देेखे गए। यह संख्या अब तक की बड़ी संख्या मानी जा रही है।
ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज उल्टी, दस्त और बुखार के हैं। बुखार की चपेट में आए छह बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इससे वहां भर्ती बच्चों की संख्या 13 हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज संक्रामक बीमारियों के आ रहे हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसलिए खान-पान से लेकर घर और उसके आसपास पानी न इकठ्ठा होने दें। बुखार आदि आने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर दिखाएं या फिर जिला अस्पताल आएं।
मोहम्मदी के कई गांवों में भी कहर बरपा रहा बुखार
मोहम्मदी। सीएचसी के गांव गरवापुर, झाराखेमपुर, खजुहा में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। उधर, कचनार गांव में बुखार पीड़ित मिले लोगों की मलेरिया जांच के लिए सैंपल लिए गए।
बुखार पीड़ित सुरेश कुमार, बालिस्टर, रामराखन का इलाज चल रहा है। क्षेत्र में मलेरिया के बाद डेंगू एवं स्क्रब टाइफस के मरीज मिले हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा का कहना है कि जो संक्रमित मिले हैं उनके बारे में सटीक जानकारी नहीं है। इस बाबत सीएमओ ही बता सकते हैं। बुखार पीड़ितों को दवा दी गई है। संवाद
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