रौद्र रूप धारण कर चलीं गंगा बनारस के लोगों को सन-2013 जैसी भयावहता की याद दिलाने लगी हैं।


शनिवार सुबह आठ बजे गंगा 71.48 मीटर पर पहुंच गई थीं। यहां खतरे का निशान 71.26 मीटर है। अब भी एक सेंटीमीटर प्रति घण्टे की बढ़ोतरी जारी है। रौद्र रूप धारण कर चलीं गंगा बनारस के लोगों को सन-2013 जैसी भयावहता की याद दिलाने लगी हैं। तब गंगा और वरुणा के तटवर्ती दर्जनों मोहल्लों में लगभग एक माह तक बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त किया था। कई तटवर्ती गांवों में हालत बदतर हो गए थे। ऐसे ही संकेत अब गंगा दे रही है। शहर के दक्षिणी इलाके में कई पॉश कॉलोनियों में गंगा की बाढ़ का पानी तीन से चार फीट तक जमा हो गया था। 

परिसर में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है। वरुणा किनारे के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों, ग्रामीण क्षेत्रों में गंगा और गोमती के तटवर्ती गांवों में भी हालत बिगड़ते जा रहे हैं। बाढ़ के चलते आधा दर्जन स्कूलों में पठन-पाठन बाधित हो गया है। केन्द्रीय जल आयोग ने शुक्रवार आधी रात के बाद जलस्तर के खतरे के निशान पार कर लेने की संभावना जताई है। आयोग ने जलस्तर में फिलहाल बढ़ोतरी जारी रहने का भी संकेत दिया है। 

 

गंगा में लगातार उफान के चलते सामने घाट क्षेत्र की कॉलोनियों से लोगों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन तेज हो गया है। जिला प्रशासन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने में मदद कर रहा है। एनडीआरएफ और पुलिस टीमों ने राहत सामग्रियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। शुक्रवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने वरुणा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में दौरा किया। राहत शिविर भी देखे, राहत सामग्रियों का वितरण करने के साथ अफसरों को अपेक्षित सुविधाएं मुहैय्या कराने का निर्देश दिया। 

 

 

 

 

 

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