सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, हत्या के मामले में दोषमुक्त हुए एक व्यक्ति को छह साल जेल में बिताने के बाद राहत मिली है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को छह लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। यह मामला आपराधिक जांच की गुणवत्ता, निर्दोष व्यक्ति के अधिकारों और पुलिस की जवाबदेही के महत्व को सामने लाता है

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