मुंबई।


मुंबई। शहर में वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे वाहन उत्सर्जन, निर्माण स्थलों की धूल और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। प्रदूषित हवा का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों पर अधिक पड़ सकता है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, वाहनों से निकलने वाले धुएं की निगरानी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी कदम हैं।

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