आरक्षण विसंगति दूर कर नियुक्ति की मांग, अभ्यर्थियों ने सीटी बजाकर जताया विरोध; पुलिस ने ईको गार्डन भेजा


  • आरक्षण विसंगति दूर कर नियुक्ति की मांग, अभ्यर्थियों ने सीटी बजाकर जताया विरोध; पुलिस ने ईको गार्डन भेजा
  • रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय
  • लखनऊ, 24 सितंबर। 68500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर कर वंचित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए भर्ती का शेड्यूल जारी करने और नियुक्ति पत्र देने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों ने सीटी बजाकर सरकार और पिछड़े वर्ग के जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का अनोखा प्रयास किया।
  • अभ्यर्थियों ने दावा किया कि प्रदर्शन में प्रदेशभर से करीब दो हजार पीड़ित अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “भर्ती का शेड्यूल जारी करो, नियुक्ति दो” समेत कई नारे गूंजते रहे। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर बसों के माध्यम से ईको गार्डन पहुंचाया, जहां उनका धरना पहले से जारी है।
  • आठ साल पुराने मामले के समाधान की मांग
  • प्रेस को संबोधित करते हुए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा, तूफान सिंह, नवीन चौधरी और अखिल कुमार यादव ने कहा कि 2018 की 68500 सहायक शिक्षक भर्ती में ओबीसी, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों से जुड़े आरक्षण प्रावधानों के अनुपालन में विसंगतियां हुईं। उनका आरोप है कि इसके चलते बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी चयन एवं नियुक्ति से वंचित रह गए।
  • अभ्यर्थियों ने कहा कि वे पिछले करीब आठ वर्षों से इस मामले के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक लंबे समय से आंदोलन, ज्ञापन और वार्ताओं के बावजूद अंतिम निर्णय नहीं होने से पीड़ित अभ्यर्थियों में रोष है।
  • पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का हवाला
  • आंदोलनकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के 5 जनवरी 2022 के आदेश तथा 7 जुलाई 2026 को जारी आदेश/संस्तुति का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने मामले में वंचित ओबीसी अभ्यर्थियों को नियमानुसार राहत दिए जाने की बात कही है। अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग ने 9 जुलाई 2026 को शासन के अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग को अनुपालन के लिए पत्र भी भेजा था।
  • अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि आयोग की संस्तुति के अनुसार पात्र आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अंकों की छूट देते हुए 150 में 60 अंक को अर्हता मानकर नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल तत्काल जारी किया जाए।
  • 10 सितंबर की बैठक के बाद भी नहीं निकला समाधान
  • अभ्यर्थियों ने बताया कि 10 सितंबर 2026 को बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। आंदोलनकारियों का दावा है कि बैठक में मामले पर शासन स्तर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया और मुख्यमंत्री से वार्ता कर भर्ती का शेड्यूल जारी कराने की बात कही गई थी।
  • अभ्यर्थियों का कहना है कि आश्वासन के करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी भर्ती का शेड्यूल जारी नहीं हुआ। इसी के चलते उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया।
  • रिक्त पदों को लेकर भी उठाया सवाल
  • आंदोलनकारियों का दावा है कि 68500 शिक्षक भर्ती से संबंधित करीब 23 हजार पद अभी रिक्त हैं, जिनमें लगभग 9 हजार पद ओबीसी वर्ग से संबंधित हैं। उनका कहना है कि भर्ती पर किसी न्यायालय की रोक नहीं है और शासन चाहे तो आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर इस पुराने मामले का समाधान कर सकता है।
  • हालांकि रिक्त पदों की संख्या और उनके संबंध में आधिकारिक स्थिति शासन या बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकृत आंकड़ों से स्पष्ट होना बाकी है।
  • आमरण अनशन की चेतावनी
  • अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भर्ती का शेड्यूल जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो ईको गार्डन में चल रहे उनके धरने को आमरण अनशन में बदलने का निर्णय लिया जा सकता है। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य वर्षों से लंबित मामले का समाधान और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाना है।
  • नेतृत्वकर्ताओं ने शासन से मांग की कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश/संस्तुति पर शीघ्र निर्णय लेते हुए भर्ती प्रक्रिया का स्पष्ट शेड्यूल जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।

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