दिल्ली पुलिस ने PG मालिक हरिराम समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस ने बताया कि बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के तौर पर हो रहा था और ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत या रेनोवेशन का काम चल रहा था.


दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के PG की 5 मंजिला इमारत ढहने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इस पूरे मामले में पुलिस ने PG मालिक हरिराम समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक, यह मामला साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

 

पुलिस ने बताया कि बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के तौर पर हो रहा था और ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत या रेनोवेशन का काम चल रहा था. आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान बिल्डिंग गिर गई. घटना के बाद आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं. वहीं, दिल्ली पुलिस के बयान के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान के दौरान 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

जिसमें से चार लोगों को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई. इस तरह, घटना में अब तक कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. पुलिस ने बताया कि राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है.

 

कौन सी  ABTAKTV धाराएं और कितनी हो सकती सजा?

BNS    ABTAKTV की धारा 105: यह धारा ऐसे गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide) से संबंधित है जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती. दी गई कानूनी जानकारी के अनुसार, इस धारा के तहत आजीवन कारावास या कम से कम 5 साल से लेकर अधिकतम 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है.

BNS की धारा 290: यह धारा किसी इमारत को गिराने, उसकी मरम्मत या निर्माण के दौरान लापरवाही भरे व्यवहार से संबंधित है, जिससे इंसानी जान को खतरा हो. इसमें 6 महीने तक की जेल, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

BNS की धारा 125(a): यह धारा ऐसे कामों से संबंधित है जो इतनी जल्दबाजी या लापरवाही से किए जाएं कि उनसे इंसानी जान या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो और ‘चोट’ (hurt) पहुंचे. इसमें 6 महीने तक की जेल, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

क्या कोई पिलर काटकर हटाया था?

सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आए हैं कि घटना से करीब दो दिन पहले बेसमेंट को बड़ा करने के लिए एक पिलर काटकर हटाया गया था. हालांकि, इस मामले की अभी जांच चल रही है। पुलिस की जांच से यह साफ हो पाएगा कि बेसमेंट में किए गए किसी भी स्ट्रक्चरल निर्माणदऔर बिल्डिंग के गिरने के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं. फिलहाल, पुलिस का कहना है कि ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था और इसी दौरान बिल्डिंग गिर गई.

मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

मौके पर जाकर जायजा लेने और शुरुआती जांच के आधार पर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने और इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. जिसे पुलिस ने दर्ज कर लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कानून के सबसे सख्त प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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