फतेहपुर के मेडिकल कॉलेज से एक छह वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बालक को उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कानपुर स्थित एलएलआर (हैलेट) अस्पताल रेफर किया गया। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए उसे एडवांस लाइफ


गंभीर हालत में 6 वर्षीय मासूम को वेंटिलेटर सपोर्ट पर फतेहपुर से कानपुर हैलेट अस्पताल किया गया रेफर, ALS एंबुलेंस टीम की तत्परता से सुरक्षित पहुंचा मरीज

जनपद फतेहपुर के मेडिकल कॉलेज से एक छह वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बालक को उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कानपुर स्थित एलएलआर (हैलेट) अस्पताल रेफर किया गया। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए उसे एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस के माध्यम से वेंटिलेटर सपोर्ट पर सुरक्षित कानपुर पहुंचाया गया। पूरे रास्ते एंबुलेंस में मौजूद प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों ने लगातार मरीज की निगरानी करते हुए आवश्यक जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया, जिसके बाद बालक को एलएलआर हैलेट अस्पताल के बाल रोग विभाग में सकुशल भर्ती करा दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मरीज का नाम राम (उम्र 6 वर्ष) है, जो ग्राम बुधरामऊ, थाना गाजीपुर, जनपद फतेहपुर का निवासी है। उसके पिता का नाम अशोक है। परिजनों के अनुसार बालक कई दिनों से तेज बुखार एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित था। हालत लगातार बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज फतेहपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के साथ उसकी जांच की।

जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर है। मरीज का ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO₂) लगभग 60 प्रतिशत तक गिर चुका था, जबकि पल्स रेट मात्र 53 प्रति मिनट दर्ज की गई। इसके अलावा मरीज के मुंह से खून आने की शिकायत भी सामने आई, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई। चिकित्सकीय टीम ने तत्काल मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा, लेकिन मेडिकल कॉलेज में आवश्यक सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने का निर्णय लिया गया।

चिकित्सकों ने परिजनों को स्पष्ट रूप से बताया कि मरीज की हालत बेहद नाजुक है तथा उसे ऐसे अस्पताल में भर्ती कराया जाना आवश्यक है जहां बाल रोग विशेषज्ञों के साथ-साथ आईसीयू और अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके बाद मरीज को कानपुर स्थित एलएलआर (हैलेट) अस्पताल रेफर किया गया।

रेफरल के बाद मरीज को मेडिकल कॉलेज फतेहपुर की एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस, वाहन संख्या UP 32 EG 6406, से कानपुर भेजा गया। इस दौरान एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी (Emergency Medical Technician) उपदेश कुमार तथा पायलट कुलदीप कुमार ने अपनी जिम्मेदारी का पूरी गंभीरता और दक्षता के साथ निर्वहन किया।

मरीज की स्थिति अत्यधिक गंभीर होने के कारण पूरे सफर के दौरान उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। चूंकि मरीज के मुंह से लगातार रक्तस्राव हो रहा था और सांस लेने में कठिनाई थी, इसलिए ईएमटी उपदेश कुमार ने हैंड ऑपरेटेड सक्शन पंप की सहायता से समय-समय पर सक्शन कर श्वास नली को साफ रखा, ताकि मरीज को सांस लेने में किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी न हो।

इसके साथ ही पूरी यात्रा के दौरान मरीज के सभी महत्वपूर्ण जीवन संकेतों (Vitals) की लगातार निगरानी की गई। एंबुलेंस में मौजूद चिकित्सा उपकरणों के माध्यम से समय-समय पर मरीज का ब्लड प्रेशर (BP), पल्स रेट, SpO₂ (ऑक्सीजन लेवल) सहित अन्य आवश्यक पैरामीटर जांचे जाते रहे। मरीज की स्थिति में किसी भी प्रकार के बदलाव पर तत्काल आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाए गए।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे गंभीर मरीजों के लिए रेफरल के दौरान केवल परिवहन पर्याप्त नहीं होता, बल्कि रास्ते में भी अस्पताल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक होता है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का उद्देश्य भी यही है कि मरीज को अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाते समय उपचार बाधित न हो।

पूरे रेफरल के दौरान मरीज के साथ उसके पिता अशोक तथा परिजन सत्येन्द्र भी मौजूद रहे। उन्होंने एंबुलेंस टीम द्वारा दिए गए सहयोग और त्वरित सेवा की सराहना की। परिजनों ने बताया कि बच्चे की हालत देखकर वे अत्यंत चिंतित थे, लेकिन एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी लगातार मरीज की निगरानी करते रहे और उन्हें भी समय-समय पर बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी देते रहे।

परिजनों के संपर्क हेतु उपलब्ध मोबाइल नंबर 8127488820 एवं 9415335232 बताए गए हैं।

करीब पूरे मार्ग में सावधानीपूर्वक यात्रा करते हुए एंबुलेंस टीम ने मरीज को सुरक्षित एलएलआर (हैलेट) अस्पताल, कानपुर पहुंचाया, जहां उसे सीधे बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद वहां के चिकित्सकों को मरीज की पूरी मेडिकल स्थिति, रास्ते में दिए गए उपचार तथा किए गए सभी चिकित्सकीय प्रबंधन की जानकारी सौंप दी गई, जिससे आगे का उपचार बिना किसी विलंब के शुरू किया जा सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर मरीजों के रेफरल के दौरान "गोल्डन ऑवर" का विशेष महत्व होता है। यदि इस दौरान मरीज को समय पर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर सपोर्ट, सक्शन, दवाएं और लगातार मॉनिटरिंग मिलती रहे, तो मरीज के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित ईएमटी और आधुनिक ALS एंबुलेंस की भूमिका किसी चलते-फिरते आईसीयू से कम नहीं होती।

इस पूरे ऑपरेशन में ईएमटी उपदेश कुमार ने लगातार मरीज की चिकित्सकीय आवश्यकताओं का ध्यान रखा, वहीं पायलट कुलदीप कुमार ने सुरक्षित एवं शीघ्र गति से एंबुलेंस को गंतव्य तक पहुंचाया। दोनों कर्मियों के समन्वय और सतर्कता के कारण मरीज को बिना किसी अतिरिक्त जटिलता के एलएलआर हैलेट अस्पताल तक पहुंचाया जा सका।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में काफी सहायता मिल रही है। विशेष रूप से बच्चों, हृदय रोगियों, दुर्घटना पीड़ितों और वेंटिलेटर पर निर्भर मरीजों के लिए यह सेवा जीवनरक्षक साबित हो रही है।

वर्तमान में छह वर्षीय राम का उपचार एलएलआर (हैलेट) अस्पताल, कानपुर के बाल रोग विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। चिकित्सकों द्वारा उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यक जांच एवं उपचार किए जा रहे हैं। परिजनों ने बच्चे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए सभी चिकित्सकों एवं एंबुलेंस टीम का आभार व्यक्त किया।

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर दर्शाता है कि जब अस्पताल, चिकित्सक, एंबुलेंस सेवा और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी समन्वय के साथ कार्य करते हैं, तो अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में भी मरीज को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। फतेहपुर मेडिकल कॉलेज से एलएलआर हैलेट अस्पताल कानपुर तक किया गया यह सफल रेफरल इसी समर्पण, तत्परता और पेशेवर चिकित्सा सेवा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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Bhanu Pratap Dixit

अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

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