पिपरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सड़क हादसे में घायल मरीजों को समय पर इलाज न मिलने का आरोप लगाते हुए


पिपरौली।  पिपरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सड़क हादसे में घायल मरीजों को समय पर इलाज न मिलने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें परिजन अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने परिजनों पर अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार परिजनों का कहना है कि जब वे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अपने मरीजों को आपातकालीन स्थिति में पिपरौली सीएचसी लेकर पहुंचे तो वहां मौजूद किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी ने मरीजों को छुआ तक नहीं। उनका आरोप है कि प्राथमिक उपचार देने के बजाय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने मरीजों को सीधे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल स्टाफ की इस कथित संवेदनहीनता को देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि समाचार पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता और दावों की पुष्टि नहीं करता है। दूसरी तरफ अस्पताल कर्मियों द्वारा गीडा थाना को दी गई तहरीर में कहानी कुछ अलग है। शिकायत के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 7:50 बजे जब स्टाफ आकस्मिक ड्यूटी पर था, तब 108 एम्बुलेंस से दो घायल मरीजों को वहां लाया गया था। अस्पताल कर्मियों का दावा है कि उन्होंने तुरंत मरीजों का उचित प्राथमिक उपचार किया। चूंकि मरीजों की हालत काफी गंभीर थी इसलिए उन्हें बेहतर इलाज के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से ही जिला चिकित्सालय गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद मरीजों के साथ आए 15 से 20 लोगों की भीड़ वहीं पर इलाज करने का दबाव बनाने लगी। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ अराजक और असामाजिक तत्वों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की जिससे अस्पताल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं।

इस संबंध में पिपरौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. शिवानंद मिश्रा ने बताया कि परिजनों द्वारा अस्पताल परिसर में हंगामा और स्टाफ के साथ गाली-गलौज की गई है। इस संबंध में गीडा थाने में तहरीर दी गई है ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

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