लखनऊ में डॉ. अंबेडकर महासभा पहुंचकर हजारों कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
लखनऊ, 08 जून। डॉ. अंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ अपनी पूर्व घोषित घोषणा के अनुसार हजारों कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के साथ लखनऊ स्थित डॉ. अंबेडकर महासभा पहुंचे, जहां उन्होंने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पवित्र अस्थि कलश, प्रतिमा एवं भारतीय संविधान को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत आयोजित विशाल संकल्प सभा में हजारों लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की अस्थि कलश को किसी भी परिस्थिति में वर्तमान स्थान से हटाकर अन्यत्र स्थापित नहीं होने दिया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महान व्यक्ति नहीं बल्कि करोड़ों वंचित, शोषित, दलित, पिछड़े, आदिवासी एवं अल्पसंख्यक समाज की आशा, सम्मान और अधिकारों के प्रतीक हैं। उनकी अस्थि कलश, प्रतिमा और उनसे जुड़े स्मारक करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं का केंद्र हैं। ऐसे में किसी भी महापुरुष की अस्थि कलश, प्रतिमा अथवा पूजनीय स्थल को परिवर्तित करना सामाजिक, सांस्कृतिक, संवैधानिक और धार्मिक मूल्यों के विरुद्ध है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हुए कहा कि बाबा साहब की अस्थि कलश जहां वर्तमान में स्थापित है, उसी स्थान को और अधिक भव्य, विशाल एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाए। सरकार को चाहिए कि उस स्थल को राष्ट्रीय प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित करे ताकि देश की आने वाली पीढ़ियां बाबा साहब के संघर्ष, त्याग और संविधान निर्माण में उनके योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बाबा साहब की अस्थि कलश को वर्तमान स्थान से हटाने का प्रयास किया गया तो बहुजन समाज इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। समाज सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने देश को संविधान दिया, समानता का अधिकार दिया और लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान किया। इसलिए उनके सम्मान और स्मारकों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। बाबा साहब की अस्थि कलश को हटाना करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम होगा।
महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनम गौतम ने कहा
राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ सोनम गौतम ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने महिलाओं को शिक्षा, सम्मान, समानता और अधिकार दिलाने के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। आज देश की करोड़ों महिलाएं उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत मानती हैं। उनकी अस्थि कलश को वर्तमान स्थान से हटाने का कोई भी प्रयास महिलाओं और बहुजन समाज की भावनाओं का अपमान होगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं बाबा साहब के सम्मान की रक्षा के लिए हर संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेंगी।
युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह त्यागी ने कहा
राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ अभय प्रताप सिंह त्यागी ने कहा कि देश का युवा वर्ग बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। युवा पीढ़ी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है। यदि बाबा साहब की अस्थि कलश को हटाने का प्रयास किया गया तो देशभर का युवा वर्ग लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगा और बाबा साहब के सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।
जिला अध्यक्ष अनुज कुमार गौतम ने कहा
जिला अध्यक्ष अनुज कुमार गौतम ने कहा कि बाबा साहब की अस्थि कलश बहुजन समाज की आस्था का केंद्र है। समाज किसी भी प्रकार की अनदेखी या उपेक्षा को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव और शहर-शहर जनजागरण अभियान चलाकर समाज को एकजुट किया जाएगा तथा बाबा साहब के सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
पंडित प्रदीप बौद्ध ने कहा
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रचारक पंडित प्रदीप बौद्ध ने कहा कि बाबा साहब का सम्मान पूरे राष्ट्र का सम्मान है। उनके स्मारकों और ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की अस्थि कलश को उसी स्थान पर सुरक्षित रखा जाए तथा उस स्थल को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया जाए।
हजारों कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा
सभा में उपस्थित हजारों कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में घोषणा की कि "बाबा साहब की अस्थि कलश यहीं रहेगी", "बाबा साहब का सम्मान नहीं सहेंगे अपमान", "अस्थि कलश हटेगा तो इंकलाब होगा" तथा "संविधान का सम्मान करेंगे, बाबा साहब का मान करेंगे।"
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि अस्थि कलश को हटाने का प्रयास किया गया तो बहुजन समाज पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने को बाध्य होगा।
मुख्यमंत्री, गृहमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के गृहमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की अस्थि कलश को वर्तमान स्थान पर ही सुरक्षित रखा जाए, उस स्थल का भव्य विकास कराया जाए तथा बाबा साहब, तथागत गौतम बुद्ध एवं बहुजन महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं स्मारकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, संविधान की रक्षा करने तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ – सोनम गौतम
राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ – अभय प्रताप सिंह त्यागी
जिला अध्यक्ष – अनुज कुमार गौतम
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रचारक – पंडित प्रदीप बौद्ध
तथा हजारों की संख्या में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं बहुजन समाज के गणमान्य नागरिक।
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